Latest Updates
-
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी -
उत्तराखंड में 14 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, जानें मां बनने के लिए क्या है सही उम्र -
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान -
Himachal Day 2026 Wishes In Pahadi: 'पहाड़ां री खुशबू, देओदारे री छां', अपनों को भेजें पहाड़ी शुभकामनाएं -
Pohela Boishakh 2026 Wishes: 'शुभो नबो बोर्शो' के साथ शुरू करें नया साल, अपनों को भेजें ये शानदार संदेश -
Himachal Day 2026 Wishes: हिमाचल है हमारा अभिमान...हिमाचल दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
12.5 करोड़ की घड़ी, 397 कीमती रत्नों से जड़ी, जानें अनंत अंबानी की ‘ओपेरा वंतारा' वॉच की खासियत
Anant Ambani Vantara Watch: दुनिया की सबसे महंगी घड़ियां अक्सर दौलत का प्रदर्शन होती हैं, लेकिन जब कला, तकनीक और वन्यजीव संरक्षण का नेक उद्देश्य एक साथ मिलते हैं, तो जन्म होता है 'ओपेरा वंतारा ग्रीन कैमो' (Opera Vantara Green Camo) का। मशहूर लग्जरी वॉचमेकर जैकब एंड कंपनी (Jacob & Co.) ने अनंत अंबानी की महत्वाकांक्षी वन्यजीव बचाव पहल 'वंतारा' को सम्मानित करने के लिए एक ऐसी घड़ी तैयार की है, जो समय नहीं, बल्कि संरक्षण का इतिहास बताती है।
21 जनवरी, 2026 को लॉन्च हुई यह घड़ी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। आखिर क्या खास है इस 12.5 करोड़ की घड़ी में और क्यों इसे 'महान उद्देश्य' की घड़ी कहा जा रहा है? आइए जानते हैं।

डिजाइन में झलकता है 'वंतारा' का संकल्प
यह घड़ी अनंत अंबानी के गुजरात स्थित 'वंतारा' (Vantara) प्रोजेक्ट को एक श्रद्धांजलि है, जो दुनिया की सबसे बड़ी वन्यजीव बचाव पहलों में से एक है। घड़ी के डायल के केंद्र में अनंत अंबानी की हाथ से चित्रित (Hand-painted) प्रतिमा है, जो संरक्षण और जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके चारों ओर शेर और बंगाल टाइगर के बारीक चित्र बने हैं, जो उन वन्यजीवों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें वंतारा में नया जीवन दिया जाता है।
397 रत्नों की चमक और 3D इंजीनियरिंग
इस घड़ी की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बनाने में दुनिया के सबसे कीमती पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। घड़ी में कुल 397 रत्न जड़े गए हैं, जिनका कुल वजन लगभग 21.98 कैरेट है। इसे 'जंगल' का लुक देने के लिए डेमंटॉइड गार्नेट, त्सावोराइट, हरे नीलम (Green Sapphires) और सफेद हीरों का उपयोग किया गया है। वहीं घड़ी का पूरा ढांचा 18 कैरेट सफेद सोने से तैयार किया गया है, जो इसकी मजबूती और चमक को कई गुना बढ़ा देता है।
कीमत जो उड़ा देगी होश
जैकब एंड कंपनी की यह कृति अपनी जटिल सेटिंग और दुर्लभ पत्थरों के कारण बेहद महंगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शानदार घड़ी की कीमत लगभग 12.5 करोड़ रुपये ($1.5 Million approx) बताई जा रही है। यह न केवल एक टाइमपीस है, बल्कि 3D छवि वाली एक ऐसी कलाकृति है जिसे तैयार करने में सैकड़ों घंटों की बारीक कारीगरी लगी है।

क्या है घड़ी के पीछे का संदेश
अनंत अंबानी अपनी आलीशान जिंदगी के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन यह घड़ी उनके उस पक्ष को उजागर करती है जो प्रकृति और जानवरों के प्रति समर्पित है। जैकब एंड कंपनी ने इस घड़ी के जरिए संदेश दिया है कि विलासिता का उपयोग दुनिया के महान उद्देश्यों (जैसे वन्यजीव संरक्षण) की ओर ध्यान खींचने के लिए भी किया जा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications











