Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
12.5 करोड़ की घड़ी, 397 कीमती रत्नों से जड़ी, जानें अनंत अंबानी की ‘ओपेरा वंतारा' वॉच की खासियत
Anant Ambani Vantara Watch: दुनिया की सबसे महंगी घड़ियां अक्सर दौलत का प्रदर्शन होती हैं, लेकिन जब कला, तकनीक और वन्यजीव संरक्षण का नेक उद्देश्य एक साथ मिलते हैं, तो जन्म होता है 'ओपेरा वंतारा ग्रीन कैमो' (Opera Vantara Green Camo) का। मशहूर लग्जरी वॉचमेकर जैकब एंड कंपनी (Jacob & Co.) ने अनंत अंबानी की महत्वाकांक्षी वन्यजीव बचाव पहल 'वंतारा' को सम्मानित करने के लिए एक ऐसी घड़ी तैयार की है, जो समय नहीं, बल्कि संरक्षण का इतिहास बताती है।
21 जनवरी, 2026 को लॉन्च हुई यह घड़ी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। आखिर क्या खास है इस 12.5 करोड़ की घड़ी में और क्यों इसे 'महान उद्देश्य' की घड़ी कहा जा रहा है? आइए जानते हैं।

डिजाइन में झलकता है 'वंतारा' का संकल्प
यह घड़ी अनंत अंबानी के गुजरात स्थित 'वंतारा' (Vantara) प्रोजेक्ट को एक श्रद्धांजलि है, जो दुनिया की सबसे बड़ी वन्यजीव बचाव पहलों में से एक है। घड़ी के डायल के केंद्र में अनंत अंबानी की हाथ से चित्रित (Hand-painted) प्रतिमा है, जो संरक्षण और जिम्मेदारी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनके चारों ओर शेर और बंगाल टाइगर के बारीक चित्र बने हैं, जो उन वन्यजीवों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्हें वंतारा में नया जीवन दिया जाता है।
397 रत्नों की चमक और 3D इंजीनियरिंग
इस घड़ी की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बनाने में दुनिया के सबसे कीमती पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। घड़ी में कुल 397 रत्न जड़े गए हैं, जिनका कुल वजन लगभग 21.98 कैरेट है। इसे 'जंगल' का लुक देने के लिए डेमंटॉइड गार्नेट, त्सावोराइट, हरे नीलम (Green Sapphires) और सफेद हीरों का उपयोग किया गया है। वहीं घड़ी का पूरा ढांचा 18 कैरेट सफेद सोने से तैयार किया गया है, जो इसकी मजबूती और चमक को कई गुना बढ़ा देता है।
कीमत जो उड़ा देगी होश
जैकब एंड कंपनी की यह कृति अपनी जटिल सेटिंग और दुर्लभ पत्थरों के कारण बेहद महंगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शानदार घड़ी की कीमत लगभग 12.5 करोड़ रुपये ($1.5 Million approx) बताई जा रही है। यह न केवल एक टाइमपीस है, बल्कि 3D छवि वाली एक ऐसी कलाकृति है जिसे तैयार करने में सैकड़ों घंटों की बारीक कारीगरी लगी है।

क्या है घड़ी के पीछे का संदेश
अनंत अंबानी अपनी आलीशान जिंदगी के लिए अक्सर सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन यह घड़ी उनके उस पक्ष को उजागर करती है जो प्रकृति और जानवरों के प्रति समर्पित है। जैकब एंड कंपनी ने इस घड़ी के जरिए संदेश दिया है कि विलासिता का उपयोग दुनिया के महान उद्देश्यों (जैसे वन्यजीव संरक्षण) की ओर ध्यान खींचने के लिए भी किया जा सकता है।



Click it and Unblock the Notifications