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Chhattisgarh Election 2023: श्रीराम से है छत्तीसगढ़ का कनेक्शन, शराब खपत में अव्वल, जानें राज्य की अनसुनी बातें
Assembly Election Result 2023: मध्य भारत में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश से अलग होकर भारतीय संघ का 26वां राज्य बना। इसमें विशाल खनिज संपदा के साथ-साथ वन संसाधन भी हैं। छत्तीसगढ़ में देश में अनुसूचित जनजातियों की संख्या सबसे अधिक है।
छत्तीसगढ़ देश का 16वां सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। यह भारत के लिए बिजली और इस्पात का एक स्रोत है, जो देश में उत्पादित कुल इस्पात का 15% हिस्सा है। यह भारत के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में से एक है।

राज्य की पौराणिक विरासत का पता महाभारत और रामायण काल से लगाया जा सकता है। 14वीं शताब्दी के दौरान, हैहय राजवंश ने छह शताब्दियों तक छत्तीसगढ़ पर शासन किया। मध्य युग के दौरान चालुक्य राजवंश ने बस्तर में अपना नियंत्रण स्थापित किया। मराठों ने 1741 में हैहया वंश से राज्य पर कब्ज़ा कर लिया। गोंड मराठा शासन के अपराधों के विरोधी थे। 1854 में जब नागपुर को ब्रिटिश सरकार के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया तो छत्तीसगढ़ में डिप्टी कमिश्नर का गठन किया गया।
छत्तीसगढ़ वह भूमि है जहां हमारे भगवान राम अपने वनवास के दौरान चले थे और इसे प्राचीन काल में दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता था। सेओरीनारायण, राम टेकरी, रामगढ़, सीता बेंगरा और कई अन्य स्थान राम वन गमन मार्ग पर आते हैं।

कुकुरदेव मंदिर
छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मंदिर है ,जहां कुत्ते की पूजा की जाती है। स्थानीय लोग इस मंदिर को कुकुरदेव मंदिर के नाम से पहचानते हैं। इस मंदिर की मान्यताएं जितनी रोचक हैं ,उससे अधिक मंदिर निर्माण की कहानी है ।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 132 किलोमीटर दूर दुर्ग जिले के खपरी गांव में कुकुरदेव का मंदिर है। इस मंदिर के गर्भगृह में एक कुत्ते की मूर्ति विराजमान है, इस मूर्ति उसके बगल में भगवान शिव का एक लिंग भी स्थापित है।
बताया जाता है कि कुकुरदेव का मंदिर एक स्मारक है,जिसे एक बंजारे ने अपने वफादार कुत्ते की स्मृति में बनवाया था।
बस्तर दशहरा
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले का दशहरा देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। बस्तर में यह पर्व जिस अंदाज में मनाया जाता है वह न केवल अनूठा है बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा दिनों तक मनाया जाने वाला पर्व भी बन जाता है। यहां आमतौर पर यह पर्व 75 दिनों का होता है बस्तर के दशहरे का संबंध महिषासुर का वध करने वाली मां दुर्गा से जुड़ा हुआ है।बस्तर के विश्व प्रसिद्ध दशहरे पर रथ यात्रा की शुरुआत चालुक्य वंश के चौथे राजा पुरुषोत्तम देव ने की थी।
छत्तीसगढ़ का खजुराहों मंदिर
छत्तीसगढ़ का खुजराहो कहा जाना वाला भोरमदेव का मंदिर 11वीं शताब्दी के अंत में निर्मित मंदिर है। यह मंदिर राजधानी रायपुर से 120 किमी दूर और कवर्धा जिला मुख्यालय से 17 किमी दूर मैकल पर्वत श्रृंखला में ग्राम छपरी के निकट स्थित है। इस मंदिर में वैष्णव व जैन प्रतिमाएं भारतीय संस्कृति एवं कला की उत्कृष्टता की परिचायक हैं। गोंड जाति के उपास्य देव भोरमदेव (जो कि महादेव शिव का एक नाम है) के नाम पर मंदिर निर्मित कराये जाने पर स्थान का नाम भोरमदेव पड़ गया है और आज भी इसी नाम के प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण श्री लक्ष्मण देव राय द्वारा कराया गया था।

चित्रकूट जलप्रपात
छत्तीसगढ़ राज्य में कई खूबसूरत जलप्रपात हैं, जो यहाँ की प्राकृतिक सौन्दर्य की शोभा को बढ़ाते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर ज़िले में एक बेहद ही खुबसूरत जलप्रपात स्थित है। इस जल प्रपात की ऊँचाई करीब 90 फुट एवं चौड़ाई क़रीब 980 फुट है। 90 फिट की उंचाई से इन्द्रावती की ओजस्विन धारा गर्जना करते हुये जब नीचे गिरती है, किसी स्वर्ग सी प्रतीत होती है। 90 फुट की उचाई से गिरती हुई यह जल धारा काफी मनमोहक ध्वनि भी उत्पन्न करती है, जो लोगों की मन मोह लेती है। चित्रकूट जलप्रपात की सबसे बडी विशेषता यह है कि वर्षा के दिनों में यह रक्त लालिमा धारण लिए हुए दिखाई पड़ती है, तो वही गर्मियों की चाँदनी रात में यह बिल्कुल दूधिया सफ़ेद दिखाई पड़ती है।
सबसे ज़्यादा शराब की खपत करने वाला राज्य
छत्तीसगढ़ राज्य में शराब का सेवन बहुत अधिक और चिंताजनक माना जाता रहा है। आंकड़ें भी इस बात की पुष्टि करते हैं। सबसे ज्यादा शराब की खपत वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का नाम सबसे पहले आता है। लगभग 3 करोड़ जनसंख्या वाले प्रदेश छत्तीसगढ़ की तकरीबन 35.6 फीसदी आबादी शराब का सेवन करती है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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