Latest Updates
-
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती
Ayodhya Ram Mandir : इस मुस्लिम शख्स ने तैयार किया रामलला का सिंहासन, 25 साल पहले शुरु हो गया था काम
22 जनवरी को श्रीराम मंदिर का भव्य समारोह होने जा रहा है और इसको लेकर जबरदस्त तैयारियां चल रही है। Ram Mandir के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और देशभर के राम भक्तों को उस पल का इंतजार है जब राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और भगवान राम के दर्शन हो सकेंगे।
18 जनवरी को गर्भगृह में प्रतिमा को स्थापित किया जा चुका है और मंदिर के गर्भगृह में विराजमान Ramlala की पहली तस्वीर सामने आने के बाद सभी लोगों को उत्साह ज्यादा बढ़ गया है। इस प्रतिमा के साथ गर्भगृह की डिजाइन भी बहुत ही अच्छी लग रही है। प्रतिमा किसने बनाई इसके बारे में सभी लोग जानते है लेकिन सिंहासन किसने और कैसे बनाया इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को हैं।

राजस्थान के मोहम्मद रमजान ने बनाया सिंहासन
Ramlala की मूर्ति गर्भगृह में बने जिस सिंहासन पर विराजित की गई है उसको मोहम्मद रमजान ने बनाया है।
रामलला का खास सिंहासन करीब 4 फीट ऊंचा है। इसे मकराना के खास संगमरमर से बनाया गया है और इस सिंहासन में सोने की परत भी लगाई गई है। राममंदिर के खंभे, दरवाजे और सीढ़ियां भी रमजान ने ही बनाई है।
मोहम्मद रमजान को मिला निमंत्रण
मंदिर के गर्भगृह की हर चीज को बहुत ही भव्य बनाया है। इस काम में लगे लोगों को भी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण मिला है। Ram Mandir ट्रस्ट के चंपत राय और मंदिर निर्माण से जुड़ी कमेटी के सदस्यों के साथ मोहम्मद रमजान का नाम भी इस लिस्ट में है।
25 साल पहले मिली थी जिम्मेदारी
लगभग 25 साल पहले विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े लोगों के साथ अशोक सिंघल व चंपत राय समेत ट्रस्ट मंडल के लोग रमजान के परिवार से मिले थे। इसके बाद उन्होंने सर्व सहमति से ये तय किया कि रमजान ही Ramlala का काम काज करेगा। मंदिर बनाना है रमजान का पुश्तैनी काम है। जब अयोध्या के राम मंदिर की बात कही तो बताया कि उस मंदिर का काम तो 25 साल पहले सेठ भाऊदीन रांदर ने किया था, अब रमजान सेठ उनके बड़े बेटे हैं। रमजान के दादा सोमनाथ मंदिर में मजदूर के तौर पर शामिल हुए थे अब रमजान ने अयोध्या में रामलला का सिंहासन बना दिया।

डिजाइन या नक्शा लीक न करने की पांबदी
रमजान को काम मिला तो उसी के साथ ही यह चेतावनी दी की इस पूरे काम में गोपनीय रखना है। हमने रामलला के मंदिर निर्माण से जुड़ी कोई भी डिजाइन या नक्शा लीक नहीं होने दिया। इस काम में लगे कारीगरों को भी इस प्रकार काम बांटे गए कि वह समझ नहीं पाए की यह कैसे काम हो रहा है।
ताज महल से भी बेहतरीन मार्बल का हुआ इस्तेमाल
आगरा का ताजमहल और कोलकत्ता का विक्टोरिया पैलेस भी संगमरमर से बनी हुई है। लेकिन राम मंदिर में इन दोनों ही इमारतों से बेहतर संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है। राम मंदिर में लगे मकराना के संगमरमर की दुनिया में बहुत ज्यादा डिमांड है। ये सबसे सुन्दर होने के साथ 0 प्रतिशत आयरन और 90 प्रतिशत केल्सियम है। समय गुजरने के साथ इसमें चमक बढ़ेगी। ऐसी क्वालिटी का संगमरमर बहुत ही मुश्किल से मिला है और कई सालों से इसकी तलाश की जा रही थी।



Click it and Unblock the Notifications
