बाबा वेंगा की एक और भयावह भविष्यवाणी हुई सच? जम्मू-कमशीर में भूकंप के झटकों से हिली धरती

Baba Vanga Earthquake Prediction: जम्मू-कश्मीर में सोमवार, 2 फरवरी की सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को सुबह करीब 5 बजकर 35 मिनट पर बारामूला जिले में भूकंप आया है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4।6 मापी गई है। रिपोर्ट्स की मानें तो सुबह कड़ाके की ठंड के बीच जब लोग घरों में सो रहे थे, तभी अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए, जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र बारामूला जिले का पत्तन इलाका था। हालांकि, भूकंप के कारण अभी तक किसी तरह से जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।

Baba Vanga

जम्मू-कश्मीर के इन इलाकों में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके

इस भूकंप का प्रभाव सिर्फ बारामूला ही नहीं, बल्कि श्रीनगर, सोपोर, गांदरबल, पुलवामा और आसपास के इलाकों में भी महसूस किया गया। इसके अलावा, इस भूकंप ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुछ हिस्सों को भी प्रभावित किया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। अफवाह फैलाने वालों को भी चेतावनी दी गई है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि स्थिति को मॉनिटर किया जा रहा है। अगर जरूरत पड़ती है तो लोगों को पहले से ही सावधान रहने की जानकारी दे दी जाएगी। फिलहाल घबराने की कोई बात नहीं है।

क्या सच हो रही है बाबा वेंगा की भविष्यवाणी?

इसी बीच बुल्गारिया की मशहूर 'बाबा वेंगा' की एक भविष्यवाणी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। जम्मू-कश्मीर में आए भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि बाबा वेंगा ने 2026 में भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, भीषण जलवायु परिवर्तन और विनाशकारी आपदाओं की चेतावनी दी थी। ऐसे में, जम्मू-कश्मीर में भूकंप आना उस भविष्यवाणी की तरफ इशारा करता है। कई लोगों का कहना है कि बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां पहले भी सच साबित हुई हैं। इसलिए इस साल भी उनकी चेतावनी गंभीरता से लेना चाहिए।

क्यों आते हैं भूकंप?

जहां एक ओर लोग इसे बाबा वेंगा की भविष्यवाणी का सच मान रहे हैं, वहीं वैज्ञानिक इसे प्राकृतिक घटना बता रहे हैं। दरअसल, हमारी पृथ्वी में 7 टेक्टोनिक प्लेटें होती हैं। जब ये टेक्टोनिक प्लेट्स घूमते-घूमते कई बार एक फॉल्ट लाइन पर टकराती हैं, तो इसके कारण घर्षण पैदा होता, जिससे ऊर्जा निकलती है। ये ऊर्जा बाहर निकलने का रास्ता खोजती हैं। यह कंपन भूकंपीय तरंगों के रूप में सभी दिशाओं में फैलता है, जिससे जमीन में हलचल महसूस होती है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती रहती हैं।

Story first published: Monday, February 2, 2026, 11:35 [IST]
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