Latest Updates
-
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Blood Moon : 82 मिनट तक आसमान में दिखेगा खूनी चांद, जानें कब और कहां देखें अद्भुत नजारा
Blood Moon 2025 : आसमान में खगोलीय घटनाओं का अपना ही अलग आकर्षण होता है। ऐसा ही एक अद्भुत नजारा इस साल सितंबर में देखने को मिलेगा, जब चांद खून जैसा लाल हो जाएगा। 7 और 8 सितंबर की रात को लगने वाला यह पूर्ण चंद्रग्रहण (Total Lunar Eclipse) पूरे 82 मिनट तक चांद को लालिमा से ढक देगा। यह दृश्य न केवल भारत बल्कि दुनिया की एक बड़ी आबादी के लिए बेहद खास अनुभव साबित होगा।

क्यों होता है ब्लड मून?
पूर्ण चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की रात को होता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। जब पृथ्वी सूरज और चांद के बीच से गुजरती है, तो उसकी छाया चांद पर पड़ती है और चांद पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है। लेकिन चांद पूरी तरह गायब नहीं होता, बल्कि लाल रंग का दिखाई देता है। इस लालिमा को ही ब्लड मून (Blood Moon) कहा जाता है।
चांद का लाल रंग दरअसल रेले स्कैटरिंग (Rayleigh Scattering) नामक घटना की वजह से दिखाई देता है। पृथ्वी का वातावरण सूर्य की नीली रोशनी को रोक देता है और लाल रोशनी को मोड़कर चंद्रमा तक पहुंचा देता है। इसी वजह से चांद खून जैसा लाल दिखने लगता है।
NASA की राय
ब्लड मून पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का कहना है कि चांद का लाल रंग हर बार एक जैसा नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय पृथ्वी के वातावरण में कितनी धूल, प्रदूषण, बादल या ज्वालामुखी की राख मौजूद है। जितना अधिक प्रदूषण और धूल होगी, उतना ही गहरा लाल रंग चांद पर नजर आएगा।
कहां-कहां दिखेगा ब्लड मून?
यह चंद्रग्रहण अमेरिका के लोगों को दिखाई नहीं देगा। लेकिन अच्छी खबर यह है कि दुनिया की लगभग 77% आबादी इसे देख सकेगी।
पूरी तरह से दिखाई देगा: एशिया, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया
आंशिक रूप से दिखाई देगा: यूरोप और अफ्रीका
भारत समेत एशियाई देशों में यह ग्रहण बहुत साफ दिखाई देगा। साफ आसमान और खुले वातावरण वाले इलाकों में इसका नजारा और भी शानदार होगा।
भारत में कब और कितनी देर चलेगा ग्रहण?
भारत में यह ग्रहण 7 सितंबर की रात से शुरू होकर 8 सितंबर की सुबह तक चलेगा।
ग्रहण शुरू होगा: रात 8:58 बजे (7 सितंबर)
ब्लड मून पीक: रात 11:00 बजे से 12:22 बजे तक (82 मिनट)
ग्रहण समाप्त होगा: सुबह 1:25 बजे (8 सितंबर)
कुल मिलाकर यह खगोलीय घटना 5 घंटे से ज्यादा तक चलेगी।
किन भारतीय शहरों में दिखेगा सबसे अच्छा नजारा?
हालांकि ब्लड मून पूरे भारत में दिखाई देगा, लेकिन कुछ शहरों में इसका दृश्य और भी खास रहेगा।
दिल्ली
मुंबई
कोलकाता
लखनऊ
पुणे
हैदराबाद
चंडीगढ़
खुले मैदान, छत या ऐसी जगह जहां कृत्रिम रोशनी और प्रदूषण कम हो, वहां से यह नजारा बेहद सुंदर दिखेगा।
ब्लड मून देखने के आसान टिप्स
- चंद्रग्रहण नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।
- दूरबीन या टेलिस्कोप से देखने पर चांद की सतह और लालिमा ज्यादा साफ दिखाई देगी।
- फोटोग्राफी के लिए ट्राइपॉड और लॉन्ग एक्सपोज़र कैमरा सेटिंग्स का इस्तेमाल करें।
- आसमान साफ रहे, इसके लिए पहले से मौसम की जानकारी ले लें।



Click it and Unblock the Notifications
