Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
Blood Moon : 82 मिनट तक आसमान में दिखेगा खूनी चांद, जानें कब और कहां देखें अद्भुत नजारा
Blood Moon 2025 : आसमान में खगोलीय घटनाओं का अपना ही अलग आकर्षण होता है। ऐसा ही एक अद्भुत नजारा इस साल सितंबर में देखने को मिलेगा, जब चांद खून जैसा लाल हो जाएगा। 7 और 8 सितंबर की रात को लगने वाला यह पूर्ण चंद्रग्रहण (Total Lunar Eclipse) पूरे 82 मिनट तक चांद को लालिमा से ढक देगा। यह दृश्य न केवल भारत बल्कि दुनिया की एक बड़ी आबादी के लिए बेहद खास अनुभव साबित होगा।

क्यों होता है ब्लड मून?
पूर्ण चंद्रग्रहण हमेशा पूर्णिमा की रात को होता है। इस दौरान सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं। जब पृथ्वी सूरज और चांद के बीच से गुजरती है, तो उसकी छाया चांद पर पड़ती है और चांद पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है। लेकिन चांद पूरी तरह गायब नहीं होता, बल्कि लाल रंग का दिखाई देता है। इस लालिमा को ही ब्लड मून (Blood Moon) कहा जाता है।
चांद का लाल रंग दरअसल रेले स्कैटरिंग (Rayleigh Scattering) नामक घटना की वजह से दिखाई देता है। पृथ्वी का वातावरण सूर्य की नीली रोशनी को रोक देता है और लाल रोशनी को मोड़कर चंद्रमा तक पहुंचा देता है। इसी वजह से चांद खून जैसा लाल दिखने लगता है।
NASA की राय
ब्लड मून पर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का कहना है कि चांद का लाल रंग हर बार एक जैसा नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि उस समय पृथ्वी के वातावरण में कितनी धूल, प्रदूषण, बादल या ज्वालामुखी की राख मौजूद है। जितना अधिक प्रदूषण और धूल होगी, उतना ही गहरा लाल रंग चांद पर नजर आएगा।
कहां-कहां दिखेगा ब्लड मून?
यह चंद्रग्रहण अमेरिका के लोगों को दिखाई नहीं देगा। लेकिन अच्छी खबर यह है कि दुनिया की लगभग 77% आबादी इसे देख सकेगी।
पूरी तरह से दिखाई देगा: एशिया, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया
आंशिक रूप से दिखाई देगा: यूरोप और अफ्रीका
भारत समेत एशियाई देशों में यह ग्रहण बहुत साफ दिखाई देगा। साफ आसमान और खुले वातावरण वाले इलाकों में इसका नजारा और भी शानदार होगा।
भारत में कब और कितनी देर चलेगा ग्रहण?
भारत में यह ग्रहण 7 सितंबर की रात से शुरू होकर 8 सितंबर की सुबह तक चलेगा।
ग्रहण शुरू होगा: रात 8:58 बजे (7 सितंबर)
ब्लड मून पीक: रात 11:00 बजे से 12:22 बजे तक (82 मिनट)
ग्रहण समाप्त होगा: सुबह 1:25 बजे (8 सितंबर)
कुल मिलाकर यह खगोलीय घटना 5 घंटे से ज्यादा तक चलेगी।
किन भारतीय शहरों में दिखेगा सबसे अच्छा नजारा?
हालांकि ब्लड मून पूरे भारत में दिखाई देगा, लेकिन कुछ शहरों में इसका दृश्य और भी खास रहेगा।
दिल्ली
मुंबई
कोलकाता
लखनऊ
पुणे
हैदराबाद
चंडीगढ़
खुले मैदान, छत या ऐसी जगह जहां कृत्रिम रोशनी और प्रदूषण कम हो, वहां से यह नजारा बेहद सुंदर दिखेगा।
ब्लड मून देखने के आसान टिप्स
- चंद्रग्रहण नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।
- दूरबीन या टेलिस्कोप से देखने पर चांद की सतह और लालिमा ज्यादा साफ दिखाई देगी।
- फोटोग्राफी के लिए ट्राइपॉड और लॉन्ग एक्सपोज़र कैमरा सेटिंग्स का इस्तेमाल करें।
- आसमान साफ रहे, इसके लिए पहले से मौसम की जानकारी ले लें।



Click it and Unblock the Notifications











