Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
Catatumbo Lightning: इस रहस्यमय झील पर हर समय कड़कती रहती है आसमानी बिजली, नहीं सुलझी गुत्थी
दुनिया में एक ऐसी जगह है जहां पर हर मिनट आसमान से बिजली चमकती रहती है और गिरती रहती है। ये जगह है उत्तरी वेनेज़ुएला में माराकाइबो झील के पास कैटाटुम्बो लाइटनिंग होती रहती है। इसे बीकन ऑफ माराकाइबो या एवरलास्टिंग स्टोर्म भी कहा जाता है। कैटाटुम्बो लाइटनिंग (Catatumbo Lightning), जिसे Maracaibo के बीकन या "एवरग्रीन स्ट्रॉम" कहा जाता है। ये एरिया सालभर मेंकरीब 160 से अधिक तूफ़ानी रातें झेलता है। यहां पर एक मिनट में 28 से ज्यादा बार बिजली गिरती है। इस दौरान प्रति वर्ग किलोमीटर 250 से ज्यादा स्ट्राइक्स होती है।

झील है 36 मिलियन वर्ष पुरानी
माराकाइबो झील पृथ्वी पर सबसे पुरानी झीलों में से एक है, इस पर हुई रिसर्च के दौरान ये करीब 36 मिलियन वर्ष पुरानी है। जहाजों के लिए काबिमास और माराकाइबो के पोर्ट तक जानें के लिए ये जरूरी जलमार्ग था। अलेक्जेंडर वॉन हंबोल्ट और इटली के अगस्टिन कोडाज़ी ने इसके बारें मे जानकारी दी थी। इस पूरे क्क्षेत्र में विशाल क्यूम्यलोनिम्बस बादल बनते हैं।
यहां की नमी से बर्फ के क्रिस्टल और पानी की बूंदों के टकराने से स्टैटिक्स और चौंकाने वाला डिस्प्ले होता है। यहां की रोशनी 100 मिलियन लाइट बल्बों को बिजली देने के लिए काफी है।
हवा का पैटर्न सालभर बदलता है
1960 के दशक में पहले रिसर्चर्स का मानना था कि पास के तेल रिसाव के कारण यूरेनियम या मीथेन ने इफेक्ट किया था। लेकिन नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन के एक विज्ञानी एंजेल जी मुनोज़ ने झील पर मौसम बलून भेजे और पाया कि नमी वाली हवा ने भी गुब्बारों को बहुत तेज़ी से ऊपर उठा दिया था और ऐसा रोज ही होता है। यहां हवा का पैटर्न सालभर बदलता रहता है।



Click it and Unblock the Notifications
