Latest Updates
-
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासु मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम -
Nashik TCS Case: कौन है निदा खान? प्रेग्नेंसी के बीच गिरफ्तारी संभव या नहीं, जानें कानून क्या कहता है -
कश्मीर में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, क्या सच हुई बाबा वेंगा की खौफनाक भविष्यवाणी? -
चेहरे से टैनिंग हटाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, मिनटों में मिलेगी दमकती त्वचा
Chherchhera Tyohar 2026 Wishes: छेरी के छेरा, कोठी के धान, छत्तीसगढ़ के लोकपर्व पर अपनों को भेजें शुभकामनाएं
Chherchhera Tyohar 2026 Wishes: छेरछेरा त्यौहार (Chherchhera Tihar) छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख और पारंपरिक लोकपर्व है, जिसे पूरे राज्य में बड़े हर्ष, उमंग और लोकसंस्कृति के रंगों के साथ मनाया जाता है। यह पर्व हर वर्ष पौष मास की पूर्णिमा को नई फसल के स्वागत और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। छेरछेरा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि दान, आपसी सहयोग और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला पर्व है।
इस दिन गांव-गांव में लोकगीतों की गूंज सुनाई देती है और "छेरी के छेरा, कोठी के धान" की आवाज के साथ खुशियां बांटी जाती हैं। आज छेरछेरा त्यौहार के मौके पर अपनों को दें शुभकामना संदेश और जानें इस खास त्यौहार का महत्व और कैसे मनाया जाता है ये।
कैसे मनाया जाता है छेरछेरा त्यौहार?
छेरछेरा के दिन खासकर ग्रामीण इलाकों में किसान अपने घरों में नई फसल के धान की ढेरी सजाते हैं, जो समृद्धि और मेहनत के फल का प्रतीक होती है। बच्चे टोली बनाकर ढोल-मंजीरे के साथ लोकगीत गाते, नाचते-बजाते हुए घर-घर जाते हैं और धान मांगते हैं। लोग बच्चों को धान, पैसे, मिठाई या खाने-पीने की चीजें दान में देते हैं। शहरी क्षेत्रों में भी यह परंपरा जीवित है, जहां लोग बच्चों को नकद या उपहार देकर पर्व की खुशी साझा करते हैं। इस दिन दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है और माना जाता है कि इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

छेरछेरा त्यौहार का महत्व
छेरछेरा त्यौहार दान, करुणा और सामुदायिक भावना का प्रतीक है। यह पर्व हमें सिखाता है कि नई फसल की खुशी केवल अपने तक सीमित न रखें, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ साझा करें। इस दिन देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना, अन्न दान और जरूरतमंदों की सहायता से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। छेरछेरा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों को जीवित रखने वाला एक अनमोल पर्व है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को जोड़ता चला आ रहा है।
Chherchhera Tyohar 2026 Wishes & Messages (Quotes List)
छेरी के छेरा, कोठी के धान,
आपके जीवन में आए खुशियों के भंडार अपार।
छेरी-छेरा 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं।
धान की खुशबू, लोकगीतों की तान,
छेरी-छेरा लाए सुख-समृद्धि की पहचान।
छत्तीसगढ़ की माटी का ये पर्व,
दान और प्रेम से भरा हर एक भाव।
छेरी-छेरा 2026 मुबारक हो।
छेरी-छेरा सिखाता है बांटना,
खुशियों को सबके संग सजाना।
कोठी में धान भरे रहें,
घर-आंगन खुशियों से सजे रहें।
छेरी-छेरा की बधाई।
लोकसंस्कृति की पहचान है छेरी-छेरा,
हर दिल में बसता अपनापन गहरा।
दान से बढ़ता है धन,
प्रेम से मजबूत होता है मन।
छेरी-छेरा 2026 की शुभकामनाएं।
छेरी के छेरा, कोठी के धान,
हर घर में खुशहाली, हर चेहरे पर मुस्कान।
छत्तीसगढ़ की शान है छेरी-छेरा,
लोक परंपरा का मीठा सवेरा।
इस छेरी-छेरा पर दुआ है हमारी,
आपकी कोठी कभी खाली न हो प्यारी।
जहां दान है, वहीं धर्म है,
छेरी-छेरा यही सिखाता है हर पल।
लोकगीतों की गूंज,
धान की महक संग,
छेरी-छेरा लाए खुशियों का रंग।
छेरी-छेरा केवल त्योहार नहीं,
यह दिलों को जोड़ने का संदेश है।
नई फसल की खुशी,
अपनों के संग बांटने की खुशी-
यही है छेरी-छेरा।
छेरी के छेरा कहकर जो मुस्कान मिलती है,
वही इस पर्व की असली दौलत होती है।
छत्तीसगढ़ की माटी को नमन,
छेरी-छेरा का पावन अभिनंदन।
इस लोकपर्व पर आपका जीवन
धान की तरह समृद्ध और भरा रहे।
छेरी-छेरा लाए खुशहाली,
हर घर में हो सुख और हरियाली।
दान से बढ़े पुण्य,
और प्रेम से बढ़े संबंध-
छेरी-छेरा 2026 की बधाई।
छेरी के छेरा, कोठी के धान,
छत्तीसगढ़ की संस्कृति को हमारा प्रणाम।



Click it and Unblock the Notifications











