Latest Updates
-
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके
Vikram Batra Death Anniversary 2023: ‘ये दिल मांगे मोर’ कहने वाले कारगिल नायक को देश का सलाम
Vikram Batra Death Anniversary 2023- कैप्टन विक्रम बत्रा देश के गौरव और कारगिल वॉर के नायक हैं, जिन्होंने कम उम्र में वीरगति को पा लिया। इंडियन आर्मी के "शेरशाह" 7 जुलाई 1999 को युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। कैप्टन बत्रा को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र प्रदान किया गया था।

कैप्टन विक्रम बत्रा साल 1996 में भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हुए कैप्टन बत्रा भारतीय सैन्य अकादमी,देहरादून में विक्रम बत्रा मानेकशॉ बटालियन की जेसोर कंपनी का पार्ट बनें। इसके बाद उन्होंने 13 जेएके राइफल्स में कमीशन पाया। जब देश में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध शुरू हुआ तब उनको कैप्टन के पद पर प्रमोट कर दिया गया।
कारगिल युद्ध के दौरान 19 जून, 1999 को कैप्टन बत्रा को प्वाइंट 5140 पर दोबारा से कब्जा करने का आदेश मिला। उन्होंने पूरी बहादुरी के साथ दुश्मनों पर फतह हासिल की। बत्रा ने अपने कमांडर से एक विज्ञापन की लाइन "ये दिल मांगे मोर" जो उस वक्त भी काफी लोकप्रिय था का नारा दिया। और दुश्मनों को बार बार हराने की अपनी इच्छा व्यक्त की ।

इसके बाद ही सबसे कठिन माने जाने वाले युद्ध में से एक 17000 फीट ऊंची प्वाइंट 4875 - 16000 फीट की ऊंचाई पर कैप्टन बत्रा और उनके साथी दुश्मनों को गिराने के लिए आगे बढ़े, उस वक्त मौसम बहुत ही खराब परिस्थिति में था। लेकिन कैपन दुश्मन के जवाबी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन वो अपने शरीर पर लगे गंभीर घावो के बावजूद देश के लिए लड़ते रहे। 8 जुलाई 1999 की सुबह प्वाइंट 4875 पर भारत का फिर से कब्जा हो गया था। लेकिन कैप्टन विक्रम बत्रा वीरगति को प्राप्त कर चुके थे।
कैप्टन विक्रम बत्रा बन पर चुकी है फिल्म
शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा पर बायोपिक फिल्म "शेरशाह" बन चुकी है। जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा कैप्टन का किरदार निभाया है। ये फिल्म 12 अगस्त 2021 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी।

कैप्टन विक्रम बत्रा का पारिवारिक जीवन
कैप्टन विक्रम बत्रा हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में 9 सितंबर साल 1974 को पैदा हुए थे। उनके पिता का नाम गिरधारी लाल बत्रा और माां का नाम कमल कांता बत्रा है। विक्रम बत्रा का एक जुड़वा भाई भी है। विक्रम बत्रा ने डीएवी पब्लिक स्कूल से अपनी शिक्षा ली और पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से इंग्लिश लिटरेचर में एमए किया। विक्रम बत्रा को कराटे आता था और वो उसमें ग्रीन बेल्ट थे। एनसीसी में भी कैप्टन विक्रम बत्रा को 'सी' सर्टिफिकेट मिला था।
Image Courtesy- pinterest.com



Click it and Unblock the Notifications
