Latest Updates
-
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद
Vikram Batra Death Anniversary 2023: ‘ये दिल मांगे मोर’ कहने वाले कारगिल नायक को देश का सलाम
Vikram Batra Death Anniversary 2023- कैप्टन विक्रम बत्रा देश के गौरव और कारगिल वॉर के नायक हैं, जिन्होंने कम उम्र में वीरगति को पा लिया। इंडियन आर्मी के "शेरशाह" 7 जुलाई 1999 को युद्ध के दौरान शहीद हो गए थे। कैप्टन बत्रा को देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र प्रदान किया गया था।

कैप्टन विक्रम बत्रा साल 1996 में भारतीय सेना में बतौर लेफ्टिनेंट शामिल हुए कैप्टन बत्रा भारतीय सैन्य अकादमी,देहरादून में विक्रम बत्रा मानेकशॉ बटालियन की जेसोर कंपनी का पार्ट बनें। इसके बाद उन्होंने 13 जेएके राइफल्स में कमीशन पाया। जब देश में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध शुरू हुआ तब उनको कैप्टन के पद पर प्रमोट कर दिया गया।
कारगिल युद्ध के दौरान 19 जून, 1999 को कैप्टन बत्रा को प्वाइंट 5140 पर दोबारा से कब्जा करने का आदेश मिला। उन्होंने पूरी बहादुरी के साथ दुश्मनों पर फतह हासिल की। बत्रा ने अपने कमांडर से एक विज्ञापन की लाइन "ये दिल मांगे मोर" जो उस वक्त भी काफी लोकप्रिय था का नारा दिया। और दुश्मनों को बार बार हराने की अपनी इच्छा व्यक्त की ।

इसके बाद ही सबसे कठिन माने जाने वाले युद्ध में से एक 17000 फीट ऊंची प्वाइंट 4875 - 16000 फीट की ऊंचाई पर कैप्टन बत्रा और उनके साथी दुश्मनों को गिराने के लिए आगे बढ़े, उस वक्त मौसम बहुत ही खराब परिस्थिति में था। लेकिन कैपन दुश्मन के जवाबी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन वो अपने शरीर पर लगे गंभीर घावो के बावजूद देश के लिए लड़ते रहे। 8 जुलाई 1999 की सुबह प्वाइंट 4875 पर भारत का फिर से कब्जा हो गया था। लेकिन कैप्टन विक्रम बत्रा वीरगति को प्राप्त कर चुके थे।
कैप्टन विक्रम बत्रा बन पर चुकी है फिल्म
शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा पर बायोपिक फिल्म "शेरशाह" बन चुकी है। जिसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा कैप्टन का किरदार निभाया है। ये फिल्म 12 अगस्त 2021 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी।

कैप्टन विक्रम बत्रा का पारिवारिक जीवन
कैप्टन विक्रम बत्रा हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में 9 सितंबर साल 1974 को पैदा हुए थे। उनके पिता का नाम गिरधारी लाल बत्रा और माां का नाम कमल कांता बत्रा है। विक्रम बत्रा का एक जुड़वा भाई भी है। विक्रम बत्रा ने डीएवी पब्लिक स्कूल से अपनी शिक्षा ली और पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से इंग्लिश लिटरेचर में एमए किया। विक्रम बत्रा को कराटे आता था और वो उसमें ग्रीन बेल्ट थे। एनसीसी में भी कैप्टन विक्रम बत्रा को 'सी' सर्टिफिकेट मिला था।
Image Courtesy- pinterest.com



Click it and Unblock the Notifications