Latest Updates
-
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं
अब हाइब्रिड मोड में चलेंगे 5वीं तक के स्कूल, सरकार का बड़ा फैसला, पेरेंट्स रखें इन बातों का ध्यान
Delhi School Hybrid Mode: दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। हवा में धूल और धुएं का जहर बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा बन गया है। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कक्षा 5वीं तक के स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने का बड़ा फैसला लिया है। यानी अब बच्चे चाहें तो घर से ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करें या स्कूल जाकर ऑफलाइन पढ़ाई करें। सरकार का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर उठाया गया है, ताकि कोई भी बच्चा प्रदूषित हवा के संपर्क में आकर बीमार न पड़े।
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस दौरान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराएं और उपस्थिति को लेकर किसी भी छात्र पर दबाव न बनाएं।
राजधानी में अब GRAP-3 लागू
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राजधानी में अब GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान-3) लागू कर दिया गया है। इसके तहत 5वीं तक के स्कूल हाइब्रिड मोड में चलेंगे ताकि बच्चों की सेहत पर प्रदूषण का असर कम किया जा सके। साथ ही पेरेंट्स को बच्चों की सुरक्षा और मास्क, डाइट तथा इनडोर एक्टिविटीज पर खास ध्यान देने की सलाह दी गई है।

क्यों लिया गया यह फैसला?
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में 450 के पार पहुंच गया है, जो गंभीर श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर का प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों पर बुरा असर डाल सकता है। ऐसे में सरकार ने कहा कि जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक स्कूल हाइब्रिड मोड में ही चलेंगे।
पेरेंट्स रखें इन बातों का ध्यान
सरकार ने तो हाइब्रिड मोड कर एक बड़ा फैसला ले लिया है अब पेरेंट्स के ऊपर निर्भर है कि वो अपने बच्चों की कैसे देख-रेख करें और इन बातों का खास ध्यान रखें:-
बच्चों को बाहर खेलने या पार्क में जाने से रोकें।
अगर स्कूल भेज रहे हैं तो उन्हें N95 या सर्जिकल मास्क जरूर पहनाएं।
घर में एयर प्यूरिफायर या हरे पौधे (जैसे मनी प्लांट, एलोवेरा) रखें।
बच्चों के खान-पान में तुलसी, अदरक, हल्दी और गर्म पानी शामिल करें।
आंखों और नाक को दिन में दो बार साफ पानी से धोने की आदत डालें।
स्कूल से लौटने के बाद बच्चों को तुरंत हाथ-मुंह धोने के लिए कहें।
स्कूलों को मिले ये निर्देश
ऑनलाइन क्लासेस के लिए लचीला टाइमटेबल बनाया जाए।
उपस्थिति के आधार पर छात्रों को कोई नुकसान न हो।
स्कूलों में एयर प्यूरीफायर और मास्क की सुविधा दी जाए।
छोटे बच्चों के लिए आउटडोर एक्टिविटी अस्थायी रूप से बंद रखी जाए।
सरकार की अपील
दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण नियंत्रण में मदद करें वाहनों का सीमित उपयोग करें, कचरा या पत्तियां न जलाएं, और जरूरत पड़ने पर घर में रहें। सरकार का कहना है कि जैसे ही वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, स्कूल फिर से पूरी तरह ऑफलाइन मोड में लौट आएंगे।



Click it and Unblock the Notifications
