Latest Updates
-
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी
Divya Deshmukh: कौन हैं महिला शतरंज विश्व खिताब जीतने वाली दिव्या देशमुख? इनाम में मिले हैं इतने लाख रुपए
फिडे महिला शतरंज विश्व कप 2025 के फाइनल मुकाबले में 19 वर्षीय दिव्या देशमुख ने इतिहास रच दिया। उन्होंने हमवतन और अनुभवी ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी को हराकर वर्ल्ड चेस चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें शुरुआती दो क्लासिकल गेम ड्रॉ रहे, लेकिन टाईब्रेकर मुकाबले में दिव्या ने शानदार जीत दर्ज की। आइए जानते हैं कौन हैं दिव्या देशमुख?

कौन हैं दिव्या देशमुख?
दिव्या देशमुख का जन्म 9 दिसंबर 2005 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। उनके माता-पिता डॉ. जितेंद्र और डॉ. नम्रता पेशे से डॉक्टर हैं। दिव्या ने महज पांच साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। हालांकि, उनके माता-पिता चाहते थे कि दिव्या बैडमिंटन खेले, लेकिन दिव्या का रुझान चेस की ओर रहा।
कम उम्र से शुरुआत और बड़ी उपलब्धियां
दिव्या ने 2012 में मात्र सात साल की उम्र में अंडर-7 नेशनल चैंपियनशिप जीतकर अपने करियर की धमाकेदार शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अंडर-10 (डरबन, 2014) और अंडर-12 (ब्राजील, 2017) कैटेगरी में विश्व युवा खिताब भी अपने नाम किए।
इनके बाद दिव्या ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार नई ऊंचाइयों को छूती रहीं।
इंटरनेशनल मास्टर का खिताब और जूनियर वर्ल्ड चैंपियन
2023 में दिव्या देशमुख ने इंटरनेशनल मास्टर (IM) का खिताब हासिल किया। फिर 2024 में उन्होंने विश्व जूनियर गर्ल्स अंडर-20 चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 में से 10 अंक हासिल किए और टॉप पर रहीं।
इसके अलावा, दिव्या 45वें चेस ओलंपियाड में भारत की टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। वे एशियाई जूनियर चैंपियन भी हैं और आज भारत की सबसे प्रतिभाशाली युवा महिला शतरंज खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं।
दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी को दी मात
फिडे वर्ल्ड ब्लिट्ज टीम चैंपियनशिप 2024 में दिव्या ने चीन की स्टार और दुनिया की नंबर एक महिला शतरंज खिलाड़ी होउ यिफान को हराकर सबको चौंका दिया। यह मुकाबला लंदन में हुआ था, और दिव्या की यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दिव्या की इस उपलब्धि की सराहना की थी।
कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई
महिला शतरंज विश्व कप में शीर्ष तीन में आने वाले खिलाड़ियों को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करने का मौका मिलता है, और दिव्या ने यह उपलब्धि भी हासिल कर ली है। वे अब विश्व शतरंज चैंपियन बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ चुकी हैं।
कितनी इनामी राशि मिली?
फिडे महिला विश्व कप 2025 की कुल इनामी राशि 691,250 अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹5.99 करोड़) थी। इस राशि को विभिन्न राउंड तक पहुंचने वाली खिलाड़ियों के बीच बांटा गया। दिव्या देशमुख को टूर्नामेंट जीतने पर 50,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग ₹41 लाख रुपये की इनामी राशि मिली है। वहीं उपविजेता कोनेरू हम्पी को 35,000 डॉलर यानी लगभग ₹30 लाख रुपये मिले हैं।



Click it and Unblock the Notifications