Latest Updates
-
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
क्या आप जानते हैं पाकिस्तान की नेशनल सब्जी क्या है? नाम सुनकर मुंह में पानी आ जाएगा...
Pakistan national vegetable : जब भी सब्जियों की बात आती है, तो हमारे ज़ेहन में सबसे पहले वही नाम आते हैं जिन्हें हम बचपन से खाते आ रहे हैं , आलू, टमाटर, गोभी या भिंडी। लेकिन क्या आपको पता है कि भारत में बेहद लोकप्रिय और रोज़ाना खाई जाने वाली एक सब्जी को पाकिस्तान ने 'राष्ट्रीय सब्जी' का दर्जा दे रखा है?
जी हां, हम बात कर रहे हैं भिंडी की जिसे भारत में भी हर बच्चा-बड़ा बड़े चाव से खाता है। आपको सुनकर ताज्जुब जरुर हुआ होगा, लेकिन पाकिस्तान में भिंडी को नेशनल सब्जी का दर्जा मिला हुआ है?

मसालेदार भिंडी से लेकर सूखी भुजिया तक, कई वैरायटी है उपलब्ध
भिंडी को पाकिस्तान की राष्ट्रीय सब्जी माना जाता है। भले ही वहां महंगाई आसमान छू रही हो, लेकिन भिंडी की लोकप्रियता पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। लगभग हर घर में यह सब्जी ज़रूर बनती है। चाहे मसालेदार भिंडी हो, भरवां भिंडी या सूखी भुजिया, पाकिस्तानियों की थाली भिंडी के बिना अधूरी मानी जाती है।
भारत में भी उतनी ही लोकप्रिय है भिंडी
भारत में भिंडी को अलग-अलग नामों से जाना जाता है। हिंदी में इसे भिंडी, अंग्रेज़ी में ओकरा (Okra) या लेडीफिंगर (Ladyfinger) कहा जाता है। तेलुगु में बेंदाकाया, तमिल में वेंडई, और गुजराती में भिंडा कहा जाता है। यह भारत के लगभग हर राज्य में खाई जाती है और इसकी अनेक रेसिपी आपको हर रसोई में मिल जाएंगी।

भिंडी की उत्पत्ति और ऐतिहासिक सफर
भिंडी की कहानी सिर्फ भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। इसकी जड़ें अफ्रीकी महाद्वीप से जुड़ी हैं। माना जाता है कि भिंडी की उत्पत्ति पूर्वी अफ्रीका (खासकर एबिसिनिया क्षेत्र, जिसमें आज का सूडान, इरिट्रिया और इथियोपिया शामिल हैं) में हुई थी। रूसी वनस्पतिशास्त्री निकोलाई वाविलोव ने भी 1926 में अपने अध्ययन में भिंडी को इसी क्षेत्र से जोड़ा।
यहां से भिंडी मिस्र, फिर अरब देशों और होते-होते भारत तक पहुंची। कुछ इतिहासकार मानते हैं कि भारत में भिंडी को बंटू जनजाति लेकर आई, जो लगभग 2000 ईसा पूर्व मिस्र से भारत और चीन की ओर यात्रा कर रही थी। उन्होंने रास्ते में बीज बोने शुरू किए और इसी तरह भिंडी भारतीय उपमहाद्वीप तक पहुंची।
भिंडी शब्द की उत्पति
भिंडी के अंग्रेज़ी नाम 'Okra' की जड़ें नाइजीरिया की इग्बो भाषा से जुड़ी हैं, जहां इसे 'Okwuru' या 'Okuru' कहा जाता था। यही शब्द समय के साथ बदलकर ओकरा बन गया।
भिंडी का ज़िक्र प्राचीन भारतीय ग्रंथों में भी
भले ही इसकी उत्पत्ति अफ्रीका मानी जाती हो, लेकिन भारत में भिंडी का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है। पश्चिमी चालुक्य शासक सोमेश्वर तृतीय ने अपनी प्रसिद्ध कृति मनसोल्लासा में 'भंडी' शब्द का जिक्र किया है, जो आज की भिंडी जैसा ही प्रतीत होता है। इतना ही नहीं, आयुर्वेदाचार्य चरक ने भी 'भंडी' या 'भंती' नाम से इसका उल्लेख किया है। इससे पता चलता है कि यह सब्जी भारतीय संस्कृति और खान-पान का हिस्सा सदियों से रही है।
दुनिया को किसने दी मसाला भिंडी की रेसिपी?
माना जाता है कि भिंडी की मसालेदार रेसिपी की शुरुआत भी भारत में ही हुई। मनसोल्लासा में मसालेदार भिंडी की विधि का जिक्र मिलता है। साथ ही, इस बात के प्रमाण भी मिलते हैं कि भिंडी की पहली व्यंजन विधियां अरब और भारत के बीच हुए सांस्कृतिक आदान-प्रदान के दौर में सामने आईं।
भारत की राष्ट्रीय सब्जी: कद्दू
जहां पाकिस्तान ने भिंडी को राष्ट्रीय सब्जी का दर्जा दिया है, वहीं भारत में कद्दू को यह सम्मान प्राप्त है। कद्दू, जिसे कुछ जगहों पर सीताफल भी कहा जाता है, एक बहुउपयोगी सब्जी है। इससे सब्जी के अलावा मिठाइयां, हलवा और पराठे भी बनाए जाते हैं। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बेहद पौष्टिक भी होता है।
भिंडी खाने के फायदे
भिंडी केवल स्वाद में ही नहीं, सेहत के मामले में भी कमाल है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, जिंक, विटामिन सी और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व होते हैं। यह डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है, पाचन को सुधारती है और इम्युनिटी को मज़बूत बनाती है।



Click it and Unblock the Notifications