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Dream and Science: आखिर क्यों आते हैं हमें सपने, इससे जुड़े इन वैज्ञानिक तर्कों को नहीं जानते होंगे आप
आखिर क्यों आते हैं हमें सपने, इससे जुड़े इन वैज्ञानिक तर्कों को नहीं जानते होंगे आप कभी रात को सोते समय सपनों में स्वादिष्ट व्यंजनों का टेस्ट लेना, तो कभी अपने फेवरेट एक्टर-एक्ट्रेस से मुलाकात करना, कभी किसी डारावने जानवर का सामने आ जाना, तो कभी किसी अपने की शादी या मृत्यु को देखना, बंद आंखों में अक्सर हम कई तरह के सपने देखते हैं। कुछ सपने हमें याद रहते हैं तो कुछ सपनों को हम भूल जाते हैं।
लेकिन अक्सर हमारे दिमाग में ये बाते आती है कि आखिर हम सपने देखते क्यों हैं? रात को सोते समय कुछ सपने हमें याद रहती हैं, तो कई सपने हम भूल जाते हैं। कुछ सपने हमारी नींद उड़ा देते हैं तो कुछ सपने हमारे दिन को और बेहतर बना देते हैं। लेकिन ये सपने आते क्यों है? तो आइये जानते हैं कि सपने आने के वैज्ञानिक कारण क्या है ?

सपने आने का वैज्ञानिक कारण
सपने आने के वैज्ञानिक कारणों की बात करें तो सपने मुख्य तौर पर रैपिड आई मूवमेंट के दौरान आते हैं। नींद के दूसरे चरण को रैपिड आई मूवमेंट स्लीप कहा जाता है। नींद के इस चरण में हम सपने बहुत ज्यादा देखते हैं और इस दौरान आए सपने हमें याद रहते हैं। रैपिड आई मूवमेंट के दौरान दिमाग सोते हुए भी सक्रिय रहता है, जिस कारण हमें सपने आते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मूवमेंट रात में सोते समय हर डेढ़ घंटे पर होता है और लगभग 20 से 25 मिनट तक रहता है। दिसके दौरान हम सपनों में खो जाते हैं।
सपने देखने के दौरान दिमाग में होती है ये हलचल
लोगों के सोने और सपने देखने के दौरान वैज्ञानिकों ने उनके दिमाग का अध्ययन किया। जिसके लिए उन्होने कई तकनीकों का इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होने पाया कि सपने देखने के दौरान दिमाग के अलग-अलग हिस्से इस दौरान ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। जैसे एमिग्डाला, जो भावनाओं से जुड़ा है, सपने देखने के दौरान अधिक सक्रिय हो जाता है, जबकि प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स, जो तार्किक सोच के लिए जिम्मेदार होता है, कम सक्रिय हो जाता है। इस कारण हमारे सपने भावनात्मक ज्यादा होते हैं।



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