FACT CHECK: फोन की लोकेशन बंद कर दें, वरना ड्रोन आपको ढूंढ लेगा.. इस वायरल मैसेज में कितनी सच्‍चाई है?

FACT CHECK
: भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच जहां सीमा पर भारतीय सेना पूरी ताकत से पाकिस्तान के हमलों का जवाब दे रही है, वहीं एक और जंग सोशल मीडिया पर छिड़ी हुई है। यह जंग है फर्जी संदेशों और अफवाहों के खिलाफ, जो भारत को अस्थिर करने के मकसद से फैलाए जा रहे हैं। पाकिस्तान या उसके समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक और डर फैलाने वाले मैसेज वायरल किए जा रहे हैं।

ऐसे ही एक वायरल संदेश में लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने मोबाइल फोन की लोकेशन सर्विस तुरंत बंद कर दें, ताकि वे ड्रोन हमलों से सुरक्षित रह सकें।

वायरल मैसेज में क्‍या था ल‍िखा?

इस फर्जी मैसेज में दावा किया गया है कि मोबाइल की लोकेशन सर्विस के जरिए अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है और इन पर ड्रोन हमले किए जा सकते हैं। इस संदेश में यह भी कहा गया है कि यह जानकारी फैकल्टी की ओर से आधिकारिक ईमेल के जरिए दी गई है। हालांकि यह दावा पूरी तरह फर्जी है और सरकार ने इसका खंडन किया है।

PIB ने क‍िया खंडन

इस अफवाह के जवाब में PIB Fact Check ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर स्पष्ट किया कि भारत सरकार की ओर से ऐसी कोई भी एडवाइजरी जारी नहीं की गई है। PIB ने एक ट्वीट में लिखा, "एक वायरल तस्वीर में दावा किया जा रहा है कि एक एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों को अपने फोन पर लोकेशन सर्विस तुरंत बंद करने की सलाह दी गई है। यह दावा फर्जी है। भारत सरकार द्वारा ऐसी कोई एडवाइजरी जारी नहीं की गई है।"

इस पोस्ट के साथ PIB ने उस वायरल मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिससे यह साबित हो सके कि यह अफवाहें कैसे फैलाई जा रही हैं। इसके अलावा, सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें।

इस तरह की अफवाहें न केवल डर का माहौल बनाती हैं, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में भी अव्यवस्था पैदा कर सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध मैसेज को बिना जांचे साझा न करें।

Story first published: Saturday, May 10, 2025, 14:30 [IST]
Desktop Bottom Promotion