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Faridabad AC Blast Tragedy: फरीदाबाद में एसी ब्लास्ट से गई 3 जानें, इन हादसों की वजह और बचाव जानें
Faridabad AC blast tragedy: हरियाणा के फरीदाबाद में हाल ही में घटी दर्दनाक घटना ने सभी को हिला दिया। सोमवार को एक चार मंजिला इमारत के पहले फ्लोर पर एसी का कंप्रेसर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके के बाद घर से आग और घना धुआं निकलने लगा। आग और धुएं ने कुछ ही मिनटों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में दंपती और उनकी बेटी की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि बेटा खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा।
पड़ोसियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को खबर दी। लेकिन धुआं इतना घना था कि रेस्क्यू टीम को भी घर में प्रवेश करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया, मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। यह हादसा एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर एसी ब्लास्ट जैसी घटनाएं क्यों होती हैं और इनसे बचाव कैसे किया जा सकता है।

क्यों होते हैं एसी ब्लास्ट?
गर्मी या बारिस के मौसम में उमस से बचने के लिए अक्सर लोग लंबे समय तक एसी चलाते हैं। कई बार इसकी नियमित सर्विसिंग नहीं कराई जाती या फिर इलेक्ट्रिकल वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की अनदेखी की जाती है। यही कारण है कि एसी में ओवरहीटिंग, स्पार्किंग या कंप्रेसर पर अत्यधिक दबाव बढ़ जाता है। आइए जानते हैं मुख्य कारण:
1. ओवरहीटिंग
एसी ब्लास्ट की सबसे बड़ी वजह ओवरहीटिंग होती है। जब एसी लगातार कई घंटों तक बिना रुके चलता है, तो कंप्रेसर पर लोड बढ़ने लगता है। ज्यादा लोड से कंप्रेसर गर्म होकर खराब हो सकता है और इससे आग या विस्फोट की स्थिति बन सकती है।
2. रेफ्रिजरेंट लीकेज
एसी के अंदर मौजूद रेफ्रिजरेंट गैस कमरे को ठंडा करती है। यदि समय-समय पर सर्विसिंग नहीं कराई जाती, तो यह गैस लीक हो सकती है। गैस लीक होने पर यदि हल्की सी चिंगारी या तापमान अधिक हो जाए तो यह विस्फोट का कारण बन जाती है।
3. खराब मेंटनेंस
एसी लगातार गर्म हवा को खींचकर ठंडी हवा बाहर फेंकता है। इस प्रक्रिया में फिल्टर पर धूल जम जाती है। यदि लंबे समय तक फिल्टर की सफाई न की जाए तो उस पर दबाव बढ़ने लगता है। इससे कंप्रेसर पर लोड पड़ता है और ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है।
4. कम वोल्टेज
गर्मी के दिनों में बिजली की खपत ज्यादा होने से वोल्टेज में उतार-चढ़ाव आम है। जब वोल्टेज अचानक कम-ज्यादा होता है तो कंप्रेसर पर झटका लगता है, जिससे ब्लास्ट की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए एसी को हमेशा वोल्टेज स्टेबलाइजर से चलाना चाहिए।
5. कंडेनसर कॉइल्स की खराब हालत
कंडेनसर कॉइल्स रेफ्रिजरेंट गैस के साथ कूलिंग में मदद करते हैं। जब इन पर धूल और गंदगी जम जाती है तो इनकी कार्यक्षमता कम हो जाती है। इससे दबाव बढ़कर कंप्रेसर पर असर डालता है और विस्फोट की स्थिति बन सकती है।
बारिश में एसी चलाते हुए रखें ध्यान
बरसात के मौसम में एसी का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। कई एसी यूनिट्स में 'ड्राई मोड' होता है, जो खासकर नमी वाले मौसम के लिए बनाया गया है। यह मोड हवा से अतिरिक्त नमी हटाकर वातावरण को ठंडा और आरामदायक रखता है। इसके अलावा, इस मौसम में तापमान को थोड़ा अधिक रखना फायदेमंद है। इसलिए इस मौसम में 25 डिग्री सबसे सही टेम्परेचर होता है।
एसी ब्लास्ट से कैसे बचें?
- ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सावधानी और सही मेंटनेंस बेहद जरूरी है।
- लंबे समय तक लगातार एसी न चलाएं।
- समय-समय पर एसी की सर्विसिंग कराते रहें।
- एयर फिल्टर और कूलिंग कॉइल्स को नियमित साफ करें।
- एसी को हमेशा वोल्टेज स्टेबलाइजर से जोड़कर चलाएं।
- कंडेनसर कॉइल्स और फिल्टर की स्थिति समय-समय पर जांचें।
- रेफ्रिजरेंट गैस की लीकेज की जांच करवाएं।



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