Latest Updates
-
Devshayani Ekadashi 2026 Wishes: चार महीनों का शुभ आरंभ...देवशयनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Devshayani Ekadashi 2026 Niyam: देवशयनी एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जान लें व्रत के नियम -
कुदरत का अनोखा करिश्मा! महिला ने एक जैसी दिखने वाली चार जुड़वां बच्चियों को दिया जन्म, डॉक्टर भी हैरान -
Chaturmas 2026: चातुर्मास कब से शुरू होगा? इस दौरान क्या करें और क्या न करें? जानें सभी जरूरी नियम -
International Self Care Day: अच्छी सेहत के लिए सेल्फ-केयर है जरूरी, रोजाना अपनाएं ये 5 सेल्फ केयर हैबिट्स -
रात में राजमा भिगोना भूल गए? इन आसान ट्रिक्स से बिना भिगोए भी बन जाएगा एकदम नरम राजमा -
National Cousins Day 2026 Wishes: नेशनल कजिन्स डे पर अपने भाई-बहन भेजें ये खास मैसेज, यादगार बन जाएगा दिन -
CJP Protest Delhi: आलिया भट्ट से लेकर सलमान खान तक, छात्रों के समर्थन में उतरे ये बॉलीवुड सितारे -
Chia Seeds Vs Sabja Seeds: चिया सीड्स या सब्जा के बीज, जानिए आपकी सेहत के लिए क्या बेहतर? -
टूटते-झड़ते बालों से हैं परेशान? ट्राई करें गुड़हल और नारियल तेल से बना हेयर ऑयल, रुक जाएगा Hair Fall
First Artificial Rain in Delhi: सरकार अब खुद बनाएगी बादल, देखें कैसे काम करती है Cloud Seeding
First Artificial Rain in Delhi: दिल्ली-NCR में जब प्रदूषण आसमान छूने लगता है, हवा में सांस लेना मुश्किल हो जाता है और AQI 400-500 के पार पहुंच जाता है, तो ऐसे हालात में सरकारें हर विकल्प पर विचार करती हैं। इन्हीं में से एक है कृत्रिम बारिश (Artificial Rain)। हाल ही में दिल्ली सरकार और IIT कानपुर ने मिलकर ऐलान किया है कि राजधानी में कृत्रिम बारिश की योजना बनाई जा रही है ताकि वायु प्रदूषण से कुछ राहत मिल सके।
लेकिन लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि आखिर ये कृत्रिम बारिश होती क्या है? ये कैसे होती है? और इससे दिल्ली के लोगों को फायदा होगा या कोई नुकसान? आपके भी ये सवाल हैं तो चलिए फिर इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
कृत्रिम बारिश क्या होती है?
सबसे पहले तो ये जान लेते हैं कि कृत्रिम बारिश होती क्या है। इसे अंग्रेजी में Cloud Seeding कहा जाता है। इसमें वैज्ञानिक तरीके से बादलों में कुछ विशेष रसायन जैसे सिल्वर आयोडाइड, सोडियम क्लोराइड या ड्राई आइस छोड़े जाते हैं ताकि बादल कंडेंस होकर बारिश करें। यह प्रक्रिया विशेष विमानों या रॉकेट के जरिए की जाती है।

दिल्ली पहली बार हो रही Artificial Rain
दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 4 से 11 जुलाई के बीच क्लाउड सीडिंग के माध्यम से कृत्रिम वर्षा होगी। वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक कदम के तहत, दिल्ली में पहली बार कृत्रिम वर्षा होगी, जिसके लिए 4 से 11 जुलाई के बीच क्लाउड सीडिंग अभियान चलाया जाएगा। कृत्रिम बारिश से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषण नीचे गिर सकते हैं। दिल्ली में कृत्रिम बारिश करने के पीछे मानसून का असफल होना सबसे बड़ा कारण है। अगर प्राकृतिक रूप से बारिश नहीं हो रही हो तो यह एक वैकल्पिक उपाय है।
क्या है आम जनता पर इसका असर?
असली बारिश से तो लोगों को राहत मिलती है गर्मी कम होती है और खेती-बाड़ी में भी सफलता मिलती है। वहीं कृत्रिम बारिश इन सब में कितनी कारगर है साथ ही आम लोगों को इस बारिश से क्या फायदे होंगे ये भी जान लेते हैं।
- हवा साफ होती है, सांस लेने में आसानी होती है।
- स्मॉग कम होता है, जिससे आंखों और गले की जलन में राहत मिलती है।
- स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
कृत्रिम बारिश से क्या हो सकते हैं नुकसान
- अगर ठीक से मॉनिटरिंग न हो तो जरूरत से ज्यादा बारिश भी हो सकती है, जिससे ट्रैफिक या जलजमाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
-कुछ पर्यावरणविद् इसे लंबी अवधि का समाधान नहीं मानते, क्योंकि यह केवल अस्थायी राहत देता है।



Click it and Unblock the Notifications