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Goa Liberation Day 2025: 36 घंटे में भारतीय सेना ने पुर्तगालियों को खदेड़ा, जानें कैसे मिली थी गोवा को आजादी
Goa Liberation Day 2025: हर साल 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस (Goa Liberation Day) के रूप में मनाया जाता है। गोवा मुक्ति दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि पुर्तगालियों ने 450 साल तक गोवा में राज किया था और इसी दिन भारत के स्वतंत्रता सेनानियों ने पुर्तगालियों से आजादी की लड़ाई लड़ी थी 19 दिसंबर को पुर्तगालियों ने गोवा को आजाद किया था। ऐसे में हर साल 19 दिसंबर को गोवा मुक्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन स्वतंत्रता सेनानियों को याद करके उनका सम्मान भी किया जाता है, तो चलिए जानते हैं गोवा मुक्ति दिवस का इतिहास और इसके महत्व के बारे में -

पुर्तगालियों ने गोवा पर किया राज
पुर्तगालियों ने गोवा पर लगभग 450 सालों तक राज किया था। पुर्तगालियों ने गोवा में 1510 में आगमन किया था। हालांकि भारत अंग्रेजों से 15 अगस्त 1947 को आजाद हो गया था। लेकिन इसके बावजूद भी गोवा में कई सालों तक पुर्तगालियों का आधिपत्य रहा। स्वतंत्रता सेनानियों के काफी ज्यादा संघर्ष से गोवा 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगालियों से आजाद हो गया।
ऑपरेशन विजय
पुर्तगालियों से काफी बातचीत के बावजूद भी पुर्तगाली गोवा को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। ऐसे में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने गोवा में हस्तक्षेप करते हुए ऑपरेशन विजय शुरू किया। इसमें भारतीय नौसेना, वायुसेना और थल सेना शामिल थे। यह ऑपरेशन 18 दिसंबर 1961 को तकरीबन 36 घंटे की लड़ाई के बाद पुर्तगालियों ने गोवा को छोड़ दिया। काफी ज्यादा संघर्ष के बाद पुर्तगाली गोवा को छोड़ने के लिए राजी हो गए और इस तरह गोवा पुर्तगालियों से आजाद हो गया।
19 दिसंबर को गोवा हुआ आजाद
स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और जवाहरलाल नेहरू द्वारा सैनिक हस्तक्षेप के बाद पुर्तगाली ने गोवा को 19 दिसंबर 1961 को आजाद किया था, जिसके बाद गोवा क्षेत्र को फिर से भारत में शामिल कर लिया गया। आपको बता दें, पुर्तगालियों ने गोवा पर लगभग 450 सालों तक राज किया था। ऐसे में यह भारत के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से काम नहीं था।



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