ALTBalaji, ULLU समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म्स बैन, सरकार का अश्लील कंटेंट पर कड़ा एक्शन

Govt Bans 25 OTT Platforms Over Vulgar Content : OTT प्लेटफॉर्म्स ने बीते कुछ वर्षों में भारत में मनोरंजन का स्वरूप ही बदल दिया है। जहां एक ओर नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और डिज़्नी+ हॉटस्टार जैसे बड़े मंचों ने वैश्विक स्तर की वेब सीरीज़ और फिल्मों को घर-घर तक पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर कुछ देसी ओटीटी ऐप्स जैसे ULLU, ALTBalaji, NueFliks, Kooku, PrimeShots आदि पर अश्लील कंटेंट परोसने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

अब इस मामले में केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाने का फैसला किया है।

Govt Bans 25 OTT Platforms Over Vulgar Content

अश्लीलता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आईटी एक्ट 69A के तहत कार्रवाई करते हुए ऐसे कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहचान की है जो अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट का प्रसारण कर रहे थे। मंत्रालय के अनुसार, ये मंच बिना किसी फिल्म प्रमाणन या सेंसर बोर्ड की अनुमति के बोल्ड वेब सीरीज़ और शॉर्ट फिल्मों के जरिए अश्लीलता फैलाने का काम कर रहे थे।

इनमें से कई ऐप्स ने "एडल्ट एंटरटेनमेंट" के नाम पर साफ तौर पर पोर्नोग्राफी की सीमा तक पहुंचने वाले कंटेंट अपलोड किए। यह न केवल भारतीय संस्कृति और मूल्यों के खिलाफ है, बल्कि इससे युवा वर्ग पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

जनता और संगठन कर रहे थे विरोध

बीते कुछ समय से कई सामाजिक संगठनों, महिला आयोग और अभिभावकों की ओर से इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ शिकायतें दर्ज की जा रही थीं। कई वेब सीरीज़ में अश्लील संवाद, नग्न दृश्य और यौन ह‍िंसक सीन दिखाए जा रहे थे, जिससे युवाओं पर मानसिक प्रभाव पड़ रहा था। इसके साथ ही बच्चों की पहुंच भी इन कंटेंट तक थी क्योंकि कई ऐप्स पर आयु की कोई पुष्टि प्रणाली (Age Verification) मौजूद नहीं थी।

सरकार ने 19 वेबसाइट्स, 10 ऐप्स और यूट्यूब चैनलों को किया ब्लॉक

मंत्रालय ने 10 ऐसे मोबाइल ऐप्स, 19 वेबसाइट्स और कई यूट्यूब चैनलों को तुरंत प्रभाव से ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गूगल और ऐपल को कहा गया है कि वे अपने ऐप स्टोर्स से इन ऐप्स को हटाएं।

क्या कहते हैं नियम?

सरकार का कहना है कि आईटी नियम 2021 के तहत सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को आत्म-नियमन (self-regulation) और शिकायत निवारण व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है। लेकिन ये ऐप्स न तो किसी स्व-नियामक संस्था से पंजीकृत थे, न ही इनके पास कोई शिकायत निवारण अधिकारी था।

Story first published: Friday, July 25, 2025, 15:31 [IST]
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