Latest Updates
-
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व
Google Doodle: कौन थीं भारत की पहली महिला रेसलर हमीदा बानू? जिससे गामा पहलवान भी गया था डर
Google Doodle celebrates Hamida Banu: गूगल ने शनिवार को भारत की पहली पेशेवर महिला पहलवान हमीदा बानू का डूडल बनाकर उन्हें याद किया है। हमीदा बानू 1940 और 50 के दशक में पुरुष-प्रधान खेल कुश्ती में उभरकर सामने आने वाली पहली महिला पहलवान थी।
जिन्होंने अपने दमखम से पूरी दुनिया को आश्चर्य में डाल दिया था। भारत की पहली महिला प्रोफेशनल रेसलर के रूप में पहचान बनाने के बाद कई पहलवानों को हराया था। आइए जानते हैं कि कौन थी हमीदा बानू और क्यों गूगल ने उन्हें आज डूडल बनाकर याद किया है।

4 मई को क्यों बनाया हमीदा बानू का डूडल
1900 के शुरुआत में ही हमीदा बानू का जन्म अलीगढ़ के पहलवानों के परिवार में हुआ था। 1940 और 50 के दौर में हमीदा बानू ने पहलवान के तौर पर अपना करियर बनाना शुरू किया था। हमीदा ने इस दौरान 300 से ज्यादा कॉम्पिटिशन में जीत हासिल की थी। वह अक्सर पुरुष पहलवानों को मुकाबलों के लिए चुनौती देते हुए कहती थी कि जो उन्हें मुकाबले में हरा देगा वो उनसे शादी कर लेगी। बानू उस समय कुश्ती में एक ताकत बनकर उभरीं जब कुश्ती को पुरुषों का गढ़ माना जाता था।
गूगल ने हमीदा बानू पर डूडल बनाने के लिए शायद इस वजह से 4 मई का दिन चुना क्योंकि इसी दिन 1954 में उन्होंने प्रसिद्ध पहलवान बाबा पहलवान को चुनौती दी थी और हराया था। इसके बाद उन्होंने पेशेवर कुश्ती से संन्यास ले लिया था।
Google के अनुसार " आज के ही दिन 1954 में हमीदा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध बाबा पहलवान को केवल 1 मिनट और 34 सेकंड में हरा दिया था, जिसके बाद बानू ने पेशेवर कुश्ती से संन्यास ले लिया था।"

अलीगढ़ की अमेजॉन कहा जाने लगा
1954 में उन्होंने रूस की 'मादा भालू' कही जाने वाली वेरा चिस्टिलियन को एक मिनट से भी कम समय में हरा दिया था। बानों हमेशा हष्ट पुष्ट वाली काया की वजह से सुर्खियों में रहती थी। यह ही वजह थी कि उन दिनों हमीदा की पहलवानी की तुलना अमेरिका की मशहूर पहलवान 'अमेजॉन' से होने लगी। इसी वजह से वो 'अलीगढ की अमेजॉन' के नाम से मशहूर हो गई।
ऐसे थी हमीदा बानो की डाइट
पहलवान हमीदा बानो का वज़न 107 किलो था और क़द 5 फ़ुट 3 इंच। बात करें उनकी डाइट की तो वो डेली रुटीन में साढ़े पांच किलो दूध, पौने तीन किलो सूप, लगभग सवा दो लीटर फलों का जूस, एक मुर्ग़ा, तकरीबन एक किलो मटन, 450 ग्राम मक्खन, 6 अंडे, लगभग एक किलो बादाम, 2 बड़ी रोटियां और 2 बिरयानी की प्लेटें शामिल थीं।बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक वह रोजाना 9 घंटे सोती थी और 6 घंटे तक एक्सरसाइज करती थी।
गामा पहलवान पीछे हट गए थे
हमीदा पहलवानी के लिए मशहूर लाहौर के गामा पहलवान से भी कुश्ती लड़ने वाली थी लेकिन आखिरी समय पर गामा पहलवान ने हमीदा से कुश्ती लड़ने से मना करते हुए अपने कदम पीछे हटा लिए थे।



Click it and Unblock the Notifications