Independence Day : हर कोई गाड़ी पर नहीं लगा सकता हैं तिरंगा, जानें क‍िन्‍हें हैं तिरंगा लगाने की इजाजत?

Independence Day 2024 : स्वतंत्रता दिवस में कुछ ही द‍िन शेष रह गए हैं। इस मौको पर सड़कों-दुकानों पर झंडे बिकना भी शुरू हो गए हैं। आपने अक्सर देखा होगा कि लोग घरों, दुकानों, स्कूलों और संस्थानों पर झंडा फहराते हैं। कई लोग अपनी बाइक या कार पर तिरंगा लगाए हुए दिखाई देते हैं लेकिन आपको पता है क‍ि ऐसा करना गलत हैं।

दरअसल भारतीय ध्वज संहिता, 2002 (Flag Code Of India 2002) के अनुसार केवल कुछ व‍िशेष लोगों को अपने मोटर वाहन पर तिरंगा फहराने का कानूनी अधिकार प्राप्‍त हैं। आइए जानते हैं उस लिस्ट में कौन-कौन शामिल है और इन न‍ियमों की अवहेलना करने वालों के ल‍िए सजा का प्रावधान।

Independence Day Special

सिर्फ इन लोगों को लगाने की हैं इजाजत?

भारतीय ध्वज संहिता के मुताबिक तिरंगे को कहीं भी लगाते वक्त उसकी केसरिया पट्टी सबसे ऊपर होनी चाहिए। इसके अलावा फटा या मैला-कुचैला ध्वज प्रदर्शित नहीं किया जाना चाह भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के पैराग्राफ 3.44 के अनुसार, मोटर कारों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का विशेषाधिकार केवल इन व्यक्तियों तक ही सीमित है-
- राष्ट्रपति
- उप-राष्ट्रपति
- उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश
- उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश
- उच्च न्यायालयों के न्यायाधी
- राज्यपाल और उपराज्यपाल
- भारतीय मिशन पदों के प्रमुख
- प्रधानमंत्री
- कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और संघ के उप मंत्री
किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री
- लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपाध्यक्ष, लोकसभा के उपाध्यक्ष, राज्यों में विधान परिषदों के अध्यक्ष, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभाओं के अध्यक्ष, राज्यों में विधान परिषद के उपाध्यक्ष, राज्यों में विधानसभाओं के उपाध्यक्ष।

कब लगा सकते हैं राष्‍ट्रीय ध्‍वज?

जब कोई विदेशी मेहमान सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई कार में यात्रा करता है तो राष्ट्रीय ध्वज कार के दाईं और लगाना होगा और संबंधित दूसरे देश के व्यक्ति का झंडा कार के बाईं तरफ लगाना होता है।

नियम तोड़ने पर म‍िलती हैं ये सजा?

भारतीय नागर‍िकों को घर पर तिरंगा फहराने या हाथ में झंडा लेकर चलने की आजादी है लेकिन प्राइवेट गाड़ियों पर झंडा लगाना अपराध माना जाता है। अगर कोई ऐसा करता हुआ पाया जाता है तो उस पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अनुसार भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान करने पर व्यक्ति को 3 साल तक की जेल, या जुर्माना, या फिर दोनों सजाएं हो सकती हैं।

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