Latest Updates
-
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Akshaya Tritiya Wishes For Saasu Maa: सासु मां और ननद को भेजें ये प्यार भरे संदेश, रिश्तों में आएगी मिठास -
Aaj Ka Rashifal 19 April: अक्षय तृतीया और आयुष्मान योग का दुर्लभ संयोग, इन 2 राशियों की खुलेगी किस्मत -
Akshaya Tritiya 2026 Upay: अक्षय तृतीया पर करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी की कृपा से सुख-संपत्ति में होगी वृद्धि -
World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को क्यों मनाया जाता है विश्व लिवर दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और थीम
राधिका और अनंत की शादी बनी अध्यात्म और परंपरा का संगम, आशीर्वाद देने पहुंचे देश के सबसे बड़े गुरु
आज के समय में जहां शादियां अक्सर दिखावे और चमक-धमक का जरिया बन चुकी हैं, वहीं अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी एक अलग मिसाल बन गई। यह सिर्फ एक बड़ी और भव्य शादी नहीं थी, बल्कि एक ऐसी पवित्र शुरुआत थी जिसे आध्यात्मिकता और परंपरा ने खास बना दिया।
इस शादी में सिर्फ फिल्मी सितारे या बड़े बिजनेसमैन ही नहीं आए, बल्कि देश के प्रसिद्ध संतों और गुरुओं ने भी आकर जोड़े को आशीर्वाद दिया। उनके आशीर्वाद से यह शादी एक धार्मिक यज्ञ और सांस्कृतिक उत्सव की तरह बन गई।

संतों और गुरुओं की अनोखी मौजूदगी
अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी सिर्फ रिवाजों और दिखावे तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बहुत ही खास और पवित्र मौका बन गया। जब मंडप में वेदों के मंत्र गूंजे और देशभर के संतों और गुरुओं ने आकर आशीर्वाद दिया, तो माहौल पूरी तरह से धार्मिक हो गया। यह पहला मौका था जब अलग-अलग धर्मों और परंपराओं के इतने बड़े संत एक ही शादी में इकट्ठा हुए और इस जोड़े को शुभकामनाएं दीं।

इन संत ने विवाह में शामिल होकर दिया आर्शीवचन
सद्गुरु जग्गी वासुदेव (ईशा फाउंडेशन): उन्होंने कहा कि शादी सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि एक पवित्र रिश्ता है। उन्होंने अनंत और राधिका को समझदारी और समर्पण से जीवन जीने की शुभकामनाएं दीं।
बाबा रामदेव: योग और आयुर्वेद के जाने-माने गुरु ने दंपति को स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए आशीर्वाद दिया।
स्वामी चिदानंद सरस्वती (परमार्थ निकेतन): उन्होंने परिवार की तारीफ की कि उन्होंने शादी में शांति, प्रकृति और परंपराओं को महत्व दिया।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य: संस्कृत के बड़े विद्वान और कवि ने नवविवाहित जोड़े को ज्ञान और अच्छे विचारों से भरा जीवन जीने की सलाह दी।
स्वामी सदानंद सरस्वती और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: इन दोनों संतों ने जीवन में नियम और सही दिशा बनाए रखने का आशीर्वाद दिया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम): आज के युवाओं में प्रसिद्ध इस संत ने जोड़े को निडर श्रद्धा और सच्चे विश्वास से जीवन जीने की प्रेरणा दी।
स्वामी अवधेशानंद गिरी (जूना अखाड़ा): उन्होंने यज्ञ, तप और निःस्वार्थ प्रेम की भावना को समझाया और उस पर चलने की सलाह दी।
देवकीनंदन ठाकुर जी: प्रसिद्ध भागवत कथा वाचक ने कर्म और धर्म के रास्ते पर चलकर शादी को सफल बनाने की बातें कहीं।
रमेशभाई ओझा (भाईश्री): उन्होंने दंपति को प्रेम, करुणा और संतुलन से भरा जीवन जीने का मार्ग दिखाया।
जैन और बौद्ध संत: भारत की विविधता को दिखाते हुए, जैन मुनि और तिब्बती बौद्ध विद्वानों ने भी ध्यान और शांति के साथ आशीर्वाद दिया।

जब विवाह अनुष्ठान नहीं, वैदिक संस्कारों का उत्सव बना
यह आध्यात्मिक उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि विवाह की आत्मा थी। गणपति पूजन, नवग्रह पूजन, वैदिक विवाह संस्कार जैसे हर अनुष्ठान देशभर के वैदिक आचार्यों और विद्वानों द्वारा संपन्न किए गए। ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद से मंत्रोच्चारण ने समूचे मंडप को ऊर्जा केंद्र में बदल दिया।
विवाह मंडप को भारत के प्राचीन मंदिरों की प्रेरणा से सजाया गया था, जहां मंत्रों की गूंज, अग्नि की लौ और संतों के मुख से गिरी आशीर्वचनों की वर्षा से दिव्यता छलक रही थी।

नीता और मुकेश अंबानी ने भी किया था आभार व्यक्त
नीता अंबानी लंबे समय से भारतीय परंपरा, मंदिरों की देखरेख और गंगा को स्वच्छ रखने जैसे धार्मिक और सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, "हमने चाहा कि अनंत और राधिका का वैवाहिक जीवन दिखावे से नहीं, बल्कि प्रार्थना और आशीर्वाद से शुरू हो। हमारे लिए संतों और गुरुओं का आशीर्वाद ही सबसे बड़ा आभूषण था।"
मुकेश अंबानी ने भी एक निजी सत्संग में सभी संतों का दिल से धन्यवाद करते हुए कहा, "इस विवाह को सच में पवित्र और दिव्य हमारे धर्मगुरुओं ने ही बनाया।"
पुरानी परंपरा और आधुनिकता का दिखा मेल
आज जब कई हाई-प्रोफाइल शादियां पश्चिमी अंदाज़ की नकल करती हैं, तब अनंत और राधिका की शादी ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्म को प्रमुखता से सामने रखा। इस विवाह में भक्ति, ज्ञान, योग, सेवा और सनातन धर्म की परंपराओं को आदरपूर्वक निभाया गया। यही कारण है कि यह शादी सिर्फ एक भव्य आयोजन नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव बन गई, जिसने दुनियाभर के लोगों को भारतीय परंपराओं की गहराई, सुंदरता और आत्मिक शक्ति से परिचित कराया। यह समारोह पुराने रीति-रिवाजों और आधुनिक सोच का एक शानदार संगम बनकर सामने आया।



Click it and Unblock the Notifications











