Latest Updates
-
Happy Diwali 2026: परिवार और दोस्तों को संस्कृत में भेजें ये मंगलमय संदेश -
दिवाली पर घी, सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना है शुभ? आचार्य वसंत विजय महाराज से जानें सही नियम -
दिवाली के दिन अगर पीरियड हो जाए तो कैसे करें पूजा? जानें मां लक्ष्मी और गणेश पूजन की धार्मिक मान्यताएं -
Choti Diwali 2026: पति-पत्नी के लिए प्यार भरे शुभकामना संदेश और रोमांटिक विशेज -
नरक चतुर्दशी 2026: जब श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,000 राजकुमारियों को दिलाई मुक्ति, जानें पौराणिक कथा -
रूप चौदस 2026: बहू और बेटी को भेजें ये खूबसूरत शुभकामना संदेश, रिश्तों में घोलें प्यार और अपनापन -
Narak Chaturdashi 2026: बाल और नाखून काटना क्यों है अशुभ? निरोगी रहने के लिए कर लें ये उपाय -
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा -
धनतेरस के 21 शुभकामना संदेश: घर की लक्ष्मी के त्योहार को बना देंगे स्पेशल
International Human Rights Day 2025: 10 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है मानवाधिकार दिवस? जानें इतिहास और महत्व
International Human Rights Day: हर साल 10 दिसंबर को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस (Human Rights Day) मनाया जाता है। 10 दिसंबर,1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाने की घोषणा की गई थी। यह दिन लोगों के लिए इसलिए खास होता है, क्योंकि इस दिन लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। इस दिन लोगों को बताया जाता है कि अपने अधिकारों के प्रति सचेत और जागरूक रहना कितना जरूरी है। अपने अधिकारों के लिए प्रति लोगों को इसलिए भी जागरूक होना चाहिए, ताकि कोई भी उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। ऐसे में, आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में विस्तार से -

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस का इतिहास
दरअसल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लोगों के अधिकारों का बहुत ज्यादा खंडन हुआ था। इसके बाद यह महसूस किया गया कि लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखना कितना ज्यादा जरूरी है। लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखने और उन्हें मानव अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए ही ह्यूमन राइट डे मनाया जाता है। ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति बेहतर ढंग से जान सके।
मानवाधिकार का महत्व
यह दिन हमें याद दिलाता है कि इस दिन हमें अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों को भी समझना चाहिए। चाहे व्यक्ति किसी भी जाति, धर्म, लिंग व नस्ल का हो। सभी लोगों को देश ने समान अधिकार दिए हुए हैं। इसलिए हमें सभी लोगों के साथ बराबरी का व्यवहार करना चाहिए और उनके अधिकारों का कभी भी दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, जो लोग अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक नहीं है उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए। ताकि वह अपने मौलिक अधिकारों का बेहतर ढंग से उपयोग कर सके।
क्या है साल 2025 की थीम?
संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष के मानवाधिकार दिवस की थीम दैनिक आवश्यकताएं घोषित की गई है। भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह समझाना है कि मानवाधिकार सिर्फ अधिकारों की सूची भर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जीवन जरूरतों से गहराई से जुड़े हैं। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि मानवाधिकार केवल सिद्धांत या दस्तावेजों तक सीमित नहीं हैं। जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आवास, न्याय, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा शामिल है, बल्कि इन सेवाओं की उपलब्धता ही किसी व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता को निर्धारित करती है।
भारत में कैसे मनाया जाता है मानवाधिकार दिवस?
भारत मेंमानवाधिकार दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। मानव अधिकार दिवस मनाने के लिए इस दिन कई संस्थान, कॉलेज और स्कूल में प्रतियोगिता जैसे क्विज कॉम्पिटिशन, वाद विवाद प्रतियोगिता, निबंध और पोस्टर मेकिंग आदि प्रतियोगिता के जरिए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
