Latest Updates
-
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग
International Human Rights Day 2025: 10 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है मानवाधिकार दिवस? जानें इतिहास और महत्व
International Human Rights Day: हर साल 10 दिसंबर को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस (Human Rights Day) मनाया जाता है। 10 दिसंबर,1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस मनाने की घोषणा की गई थी। यह दिन लोगों के लिए इसलिए खास होता है, क्योंकि इस दिन लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। इस दिन लोगों को बताया जाता है कि अपने अधिकारों के प्रति सचेत और जागरूक रहना कितना जरूरी है। अपने अधिकारों के लिए प्रति लोगों को इसलिए भी जागरूक होना चाहिए, ताकि कोई भी उनका गलत इस्तेमाल न कर सके। ऐसे में, आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के इतिहास और महत्व के बारे में विस्तार से -

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस का इतिहास
दरअसल द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान लोगों के अधिकारों का बहुत ज्यादा खंडन हुआ था। इसके बाद यह महसूस किया गया कि लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखना कितना ज्यादा जरूरी है। लोगों के अधिकारों को सुरक्षित रखने और उन्हें मानव अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए ही ह्यूमन राइट डे मनाया जाता है। ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति बेहतर ढंग से जान सके।
मानवाधिकार का महत्व
यह दिन हमें याद दिलाता है कि इस दिन हमें अपने अधिकारों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों को भी समझना चाहिए। चाहे व्यक्ति किसी भी जाति, धर्म, लिंग व नस्ल का हो। सभी लोगों को देश ने समान अधिकार दिए हुए हैं। इसलिए हमें सभी लोगों के साथ बराबरी का व्यवहार करना चाहिए और उनके अधिकारों का कभी भी दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, जो लोग अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह से जागरूक नहीं है उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए। ताकि वह अपने मौलिक अधिकारों का बेहतर ढंग से उपयोग कर सके।
क्या है साल 2025 की थीम?
संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वर्ष के मानवाधिकार दिवस की थीम दैनिक आवश्यकताएं घोषित की गई है। भारत का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह समझाना है कि मानवाधिकार सिर्फ अधिकारों की सूची भर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जीवन जरूरतों से गहराई से जुड़े हैं। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि मानवाधिकार केवल सिद्धांत या दस्तावेजों तक सीमित नहीं हैं। जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आवास, न्याय, वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा शामिल है, बल्कि इन सेवाओं की उपलब्धता ही किसी व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता को निर्धारित करती है।
भारत में कैसे मनाया जाता है मानवाधिकार दिवस?
भारत मेंमानवाधिकार दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। मानव अधिकार दिवस मनाने के लिए इस दिन कई संस्थान, कॉलेज और स्कूल में प्रतियोगिता जैसे क्विज कॉम्पिटिशन, वाद विवाद प्रतियोगिता, निबंध और पोस्टर मेकिंग आदि प्रतियोगिता के जरिए लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
