आमिर खान की बेटी ने की रजिस्टर्ड मैरिज, कैसे कोर्ट मैरिज से अलग होती है रजिस्टर्ड मैरिज, जानें सबकुछ

Ira Khan Registered Marriage : आमिर खान की बेटी आयरा खान 3 जनवरी को फिटनेस ट्रेनर नुपुर शिखरे के साथ शादी के बंधन में बंध गईं। दोनों ने मुंबई के फेमस होटल ताज लैंड्स एंड में रजिस्टर्ड मैरिज की। जरूरी डॉक्यूमेंट्स पर साइन करके दोनों कानूनी तौर पर पति-पत्‍नी बन गए।

बदलते समय के साथ लोग प्रॉपटी और वाहनों के साथ शादी को भी रजिस्ट्रर्ड करने लगे हैं। आज के जमाने में मैरिज को रजिस्टर्ड कराने के ल‍िए कोर्ट मैरिज का ट्रेंड बढ़ गया है। आइए जानते हैं क‍ि रज‍िस्‍ट्रर्ड मैरिज और कोर्ट मैरिज में क्या फर्क है, और शादी रजिस्‍ट्रर्ड करने के क्‍या फायदे हैं-

Difference between Court Marriage and Registered Marriage in Hindi

मैरिज रजिस्टर्ड और कोर्ट मैरिज में क्या फर्क है?

भारत में कोर्ट मैरिज और मैरिज रजिस्टर्ड सामान्य रीति-रिवाज से होने वाली शादियों से बहुत अलग है। इसमें सभी धर्म-जाति के युवक-युवतियों के लिए एक जैसा ही नियम है।

रज‍िस्‍टर्ड मैरिज

शादी का रजिस्‍ट्रेशन करवाने के बाद एक लीगल सर्टिफिकेट म‍िलता है, जो एक तरह का प्रमाण पत्र होता है, जो शादी को वैधान‍िक बनाता है। ये सभी धर्म की शादियों के ल‍िए अन‍िवार्य है। क‍िसी भी सरकारी व्‍यवस्‍था का लाभ लेने के ल‍िए शादी का सर्टिफ‍िकेट होना जरुरी है।

मैरिज रजिस्टर्ड करने की प्रक्र‍िया

पति-पत्‍नी का जन्‍म प्रमाण पत्र, 10वीं क्लास की मार्कशीट पति-पत्‍नी का आधार कार्ड, दोनों की 4-4 पासपोर्ट साइज फोटो, शादी के 2 फोटोग्राफ जिसमें वर, वधू का चेहरा साफ दिख रहा हो, शादी का कार्ड और इन सभी डॉक्‍यूमेंट्स के साथ पति-पत्नी को रजिस्‍ट्रार के सामने जाना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रार आगे का प्रोसेस शुरू करता है।

Difference between Court Marriage and Registered Marriage in Hindi

कोर्ट मैरिज

ये शादी बिना क‍िसी रीति रिवाज को फॉलो क‍िए हुए कोर्ट में रजिस्‍ट्रार के सामने होती है। शादी से पहले इसमें रजिस्‍ट्रार के सामने एप्‍लीकेशन दिए जाते है। इसमें 30 द‍िन का नोटिस पीरियड दिया जाता है। इसमें 30 दिन का नोटिस पीर‍ियड दिया जाता है। कोर्ट मैरिज का नोटिस पहले माता-पिता के पत्ते पर पहुंचता था, लेक‍िन अब यह रजिस्ट्रार ऑफिस में लगता है। सभी कोर्ट मैरिज विशेष विवाह अधिन‍ियम के तहत कराई जाती है। ये क‍िसी भी धर्म संप्रदाय या जाति के बाल‍िग लड़का-लड़की के बीच, विदेशी और भारतीय जोड़े के बीच हो सकती है। अगर किसी को इस शादी से ऐतराज है, तो वो 30 दिनों के अंदर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। लेकिन अगर इतने दिनों में किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, तो मैरिज रजिस्ट्रेशन की फीस देकर कोर्ट मैरिज का प्रोसेस आगे बढ़ता है।

कोर्ट मैरिज के नियम

वह पहले से शादीशुदा नहीं होने चाहिए क्योंकि दूसरी शादी तभी मान्य ती है जब दोनों में से एक पार्टनर का तलाक हो चुका हो, या उनके जीवनसाथी की मृत्यु हो गई हो। दोनों बाल‍िग हो। शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दोनों पार्टनर्स को शादी की तारीख पर कपल को तीन गवाहों के साथ पेश होना जरूरी है।
शादी का एप्लीकेशन और फीस। दूल्हा और दुल्हन की पासपोर्ट साइज फोटो। दूल्हा और दुल्हन का आवासीय प्रमाण/रेसिडेंशियल सर्टिफिकेट। दूल्हा और दुल्हन का बर्थ सर्टिफिकेट। सभी गवाहों का पैन कार्ड और आधार कार्ड।अगर दोनों में से किसी पार्टनर की पहले शादी हो चुकी है तो उन्हें अपने पहले जीवनसाथी का डेथ सर्टिफिकेट या डाइवोर्स डिक्री देनी जरूरी है।

बड़े काम का होता है शादी सर्टिफ‍िकेट

- शादी को कानूनी मान्‍यता म‍िलती है।
- कई तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ म‍िलता है।
- शादी के बाद जॉइंट बैंक अकाउंट खुलवाने में।
- पासपोर्ट के ल‍िए अप्‍लाई करते समय।
- शादी के बाद बीमा कराने में।
- ट्रैवल वीजा या क‍िसी देश में स्‍थाई निवास के ल‍िए आवेदन करने में।
- अगर मह‍िला शादी के बाद सरनेम बदलना चाहती है या नहीं।
-शादी के बाद क‍िसी नेशनल बैंक से लोन लेने के ल‍िए
-शादी के बाद क‍िसी भी प्रकार के कानूनी मामले में या शिकायत दर्ज कराने में
- तलाक की अर्जी लगाने के ल‍िए।

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