Latest Updates
-
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग
Ira Khan Wedding: मराठी वेडिंग में दुल्हन क्यों पहनती हैं हरे कांच की चूड़ियां? वजह है बहुत खास
आमिर खान की बेटी आयरा खान और फिटनेस ट्रेनर नुपुर शिखरे उदयपुर में आज मराठी रीति-रिवाज से शादी के बंधन में बंध जाएंगे। आयरा मराठी ब्राइड के तौर पर नौवारी साड़ी और हाथो में हरी चूड़िया पहनेंगी जो कि महाठी ब्राइड की पहचान होती है।
हर राज्य में,शादी में दुल्हा व दुल्हन का साज श्रृंगार अलग-अलग तरह से होता है। मराठी शादियों में दुल्हन को विशेष प्रकार से सजाया जाता है। जहां उत्तर भारत में लड़कियां शादी के दौरान लाल जोड़ा पहनती हें वहीं मराठी शादी में दुल्हन हरे रंग का चूड़ा पहनना का रिवाज है।

महाराष्ट्र में विवाहित महिलाओं मैं हरे रंग की कांच की चूड़ी पहनने की परंपरा है। हरी चूड़िया आज भी विवाहित महाराष्ट्रीयन महिला की पहचान है। आइए जानते हैं कि आखिर क्यों मराठी दुल्हन लाल की बजाय शादी में क्यों पहनती हैं हरे रंग की कांच की चूड़ियां।
हरे कांच की चूड़ियों को कहते है हिरवा
महाराष्ट्र में दुल्हन का चूड़ा काफी अलग होता है। मराठी दुल्हन हरी रंग की कांच की चूड़ियों को सोने के कड़े के साथ हाथों में पहनती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि चूड़ियों की संख्या विषम यानी कि ओड नंबर में होती है तो वहीं, सोने के कड़े इवन नंबर में होते हैं। महाराष्ट्र में दुल्हन द्वारा पहना जाना वाला चूड़ा 'हिरवा' के नाम से जाना जाता है जिसका अर्थ है हरा। असल में, महाराष्ट्र में मौजूद जितने भी देवियों के मंदिर हैं उनमें देवी का श्रृंगार हरे रंग से किया गया है। हरी बिंदी, हरी चूड़ी, हरी साड़ी यहां तक कि देवियों का आसन भी हरा।

विषम नंबरों में होती है हरी चूड़िया
महाराष्ट्र में दुल्हन का चूड़ा काफी अलग होता है। मराठी दुल्हन हरी रंग की कांच की चूड़ियों को सोने के कड़े के साथ हाथों में पहनती हैं। गौर करने वाली बात यह है कि चूड़ियों की संख्या विषम यानी कि ओड नंबर में होती है तो वहीं, सोने के कड़े इवन यानी सम नंबर में होते हैं।
वहीं, चूड़ियों के साथ पहने जाने वाले सोने के कड़े को 'पटल्या' कहा जाता है। मराठी वैवाहिक परंपरा के अनुसार, यह पटल्या दुल्हन के ससुराल वालों द्वारा दिया जाता है जो दुल्हन का उसके ससुराल में बहुत आदर होने और उसे भरपूर प्यार मिलने को दर्शाता है।
मराठी संस्कृति में शुभ माना जाता है यह रंग
ऐसे में हरे रंग को मराठी संस्कृति में बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि दुल्हन का हरे रंग की चूड़ियां पहनने का अर्थ है कि उसके वैवाहिक जीवन का शुभारंभ रचनात्मक, सकारात्मक, मधुर, प्रेममयी और समृद्ध होगा। इस रंग को समृद्धि और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।



Click it and Unblock the Notifications