Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
Republic Day 2025: इस साल 76वां या 77वां, कौन सा गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा
Republic Day 2025: भारत हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है, जो हमारे संविधान को अपनाने और एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनने का प्रतीक है।
इस दिन नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन होता है, जिसमें भारतीय सशस्त्र बल अपनी ताकत और संस्कृति का प्रदर्शन करते हैं। लेकिन क्या आपने सोचा है कि इस बार हम 76वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं या 77वां? आइए इसे समझते हैं।

गणतंत्र दिवस का इतिहास
- भारतीय संविधान का मसौदा 27 अक्टूबर 1947 को 299 सदस्यीय संविधान सभा ने तैयार करना शुरू किया।
- इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, लेकिन 26 जनवरी 1950 को आधिकारिक रूप से लागू किया गया।
- 26 जनवरी को इसलिए चुना गया क्योंकि 1930 में इसी दिन भारत ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की थी।
76वां या 77वां गणतंत्र दिवस?
भारत ने 26 जनवरी 1950 को अपना पहला गणतंत्र दिवस मनाया था। इसी के आधार पर, 2025 में यह दिन 76वां गणतंत्र दिवस होगा।
गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है?
- यह दिन भारत के ब्रिटिश अधिपत्य से मुक्त होकर संपूर्ण गणराज्य बनने का प्रतीक है।
- यह न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूलभूत सिद्धांतों का सम्मान करने का अवसर है।
भारतीय संविधान के निर्माता
संविधान की प्रारूप समिति में कई प्रमुख सदस्य शामिल थे, जैसे:
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर (अध्यक्ष)
- के.एम. मुंशी
- अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर
- एन. गोपालस्वामी अय्यंगार
- सैयद मोहम्मद सादुल्लाह
इन सदस्यों ने मिलकर भारतीय लोकतांत्रिक ढांचे को तैयार किया और संविधान में भारत के मूल्य समाहित किए।
गणतंत्र दिवस का महत्व
गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं, बल्कि हमारे देश की एकता, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। यह दिन हमें हमारे संविधान के आदर्शों को याद दिलाता है और देशभक्ति के साथ इसे मनाने का अवसर प्रदान करता है। इस गणतंत्र दिवस, भारत का 76वां साल, हमारे इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
