Karpuri Thakur Jayanti 2024: कर्पूरी ठाकुर की जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये विचार, भाषण और कविता

Karpuri Thakur Jayanti 2024: भारत सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जननायक कर्पूरी ठाकुर को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न देने का निर्णय लिया है। कर्पूरी ठाकुर बिहार के दो बार मुख्यमंत्री और एक बार उप मुख्यमंत्री रहें। वर्ष 1952 में वे पहली बार विधायक बने और वर्ष 1977 में वे पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, दोनों कार्यकाल को मिलाकर वे कुल ढाई साल के मुख्यमंत्री पद पर बने रहे।

उन्होंने बिहार शिक्षा में अंग्रेज़ी की अनिवार्यता को ख़त्म करके आम जन तक शिक्षा को पहुँचाया। उन्होंने किसानों को राहत देने के लिए मालगुज़ारी टैक्स को खत्म किया था। उन्होंने बिहार को देश में पहला राज्य बनाया जहां ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण को लागू किया। कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न मिलने के इस ऐतिहासिक क्षण के मौके पर पेश हैं कुछ शुभकामना और श्रद्धांजलि सन्देश -

Karpuri Thakur Jayanti 2024: bharat ratna awardees famous poem, slogans and quotes in hindi

1. बिहार और सामाजिक न्याय आन्दोलन के लिए ख़ुशी का पल है, क्योंकि बिहार के सामाजिक न्याय के जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिलने जा रहा है। सभी को बधाई और कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धांजलि पूर्वक नमन!

2. माननीय कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का फैसला सामाजिक न्याय के राजनीतिक पुरोधा और वास्तविक सिपाही का ऐतिहासिक सम्मान है। कर्पूरी जी को कोटि कोटि सम्मान!

3. महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक न्याय के अग्रदूत, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को (मरणोपरांत) 'भारत रत्न' से विभूषित किए जाने का निर्णय अभिनंदनीय है।

4. सामाजिक न्याय के मसीहा, बिहार के मुख्यमंत्री रहे श्री कर्पूरी ठाकुर जी को मरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित करने का निर्णय उनके अथक संघर्षों को सच्ची श्रद्धांजलि है। इस निर्णय से युवा पीढ़ी कर्पूरी बाबू के विशाल योगदान को जान पाएगी।

5. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय के जनक माने जाने वाले, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत सरकार द्वारा 'भारत रत्न' से सम्मानित किए जाने का निर्णय बेहद प्रशंसनीय है। स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी को कोटि कोटि नमन!

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कर्पूरी ठाकुर जी पर कविता

कर कर्पूरी, कर पूरा
छोड़ गद्दी, धर उस्तुरा.

ये आरक्षण कहां से आई
कर्पूरिया की माई बियाई.

MA-BA पास करेंगे
कर्पूरिया को बांस करेंगे.

दिल्ली से चमड़ा भेजा संदेश
कर्पूरी बार (केश) बनावे
भैंस चरावे रामनरेश.

कर्पूरी ठाकुर के विचार

हम सोए वतन को जगाने चले है
हम मुर्दा दिलो को जिलाने चले है।
गरीबों को रोटी ना देती हुकूमत,
जलिमो से लोहा बजाने चले है।
हमे और ज़्यादा ना छेड ,ए जालिम
मिटा देने जुल्म के ये सारे नज़ारे।
या मिटने को हम खुद दीवाने चले है,
हम सोए वतन को जगाने चले है ।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, January 24, 2024, 16:30 [IST]
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