Latest Updates
-
High Protein Recipe Moong Dal Chilla Recipe: सुबह के नाश्ते के लिए बनाएं हेल्दी और टेस्टी चीला -
Aaj Ka Rashifal 14 June 2026: रविवार को इन राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, जानें अपना भाग्य और सावधानी -
Dry Style Chana Dal Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और खिली-खिली दाल -
Kanwar Yatra 2026: इस साल कब से शुरू हो रही है कांवड़ यात्रा? नोट कर लें भोलेनाथ को जल चढ़ाने की सही तारीख -
महंगे जिम को कहें अलविदा! घर बैठे बैली फैट गायब करेंगे ये 5 आसान योगासन -
Agra Style Crispy Imarti Recipe: घर पर बनाएं हलवाई जैसी कुरकुरी और रसीली इमरती -
मुकेश अंबानी के एंटीलिया से कम सुंदर नहीं है अनिल अंबानी का 'एबोड', देखें इस 17 मंजिला महल की इनसाइड तस्वीरें -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए पनीर, फायदे की जगह पहुंचा सकता है नुकसान; आप भी रहें सावधान! -
High Protein Lunch Paneer Bhurji Recipe: झटपट और स्वादिष्ट पनीर भुर्जी बनाने का आसान तरीका -
क्या सरसों का तेल, नमक और लौंग से दूर हो जाएगा दातों का पीलापन दूर? एक्सपर्ट से जानें वायरल दावे का सच
Wife on Rent : इस गांव में एग्रीमेंट पर मिलती हैं बीवी, देना पड़ता है किराया, वरना दुल्हन हो जाती है Resale
Wife on rent in Madhya Pradesh : शादी एक पवित्र बंधन हैं, जहां लोग विवाह बंधन में बंधकर 7 जन्मों तक एक-दूजे का साथ निभाने का वादा करते हैं। लेकिन इसके उलट मध्यप्रदेश में एक ऐसी प्रथा है जहां शादी के बाद पत्नी अपने पति के साथ तब तक रह सकती हैं, जब तक कि वो उसका किराया देता रहता है।
सुनने में शायद आपको थोड़ा अजीब लगे मगर यह सच है। दरअसल मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में 'धड़ीचा' नाम की प्रथा है, जिसके तहत आज भी कुंवारी लड़कियों से लेकर शादीशुदा महिलाओं को अस्थायी रुप से तय रकम पर किराए पर बीवी बनाकर ले जाया जाता है। इसके लिए स्टांप पेपर पर करार भी होता है। जिसे लोग एग्रीमेंट वाली शादी या किराए की बीवी बोलते हैं। आइए जानते हैं आखिर क्या है ये प्रथा और क्यों महिलाओं को किराए की बीवी बनाकर भेजा जाता है।

महिलाओं की लगती है बोली
धड़ीचा प्रथा के मुताबिक हर साल एक तय समय पर मंडी लगती है। इसमें दूर-दराज से खरीदार पुरुष आते हैं। यहां कुंवारी लड़कियों के अलावा शादीशुदा महिलाओं पर भी बोली लगती है। खरीदार एक निश्चित समयसीमा के लिए लड़कियों या महिलाओं को अपनी पत्नी बनाकर ले जाते हैं। इसके लिए बकायदा एग्रीमेंट किया जाता है।
एग्रीमेंट के हिसाब से लड़कियां रहती है पति के घर
खरीदारों को पसंद आई महिला को एक साल के लिए देने से पहले दोनों पार्टी की बीच एक साल का बकायदा एग्रीमेंट तैयार किया जाता है। इसके लिए 10 रुपए से लेकर 100 रुपए तक के स्टाम्प पर दोनों पार्टी साइन करते हैं। एग्रीमेंट की शर्ते लिखी जाती है, इसके बाद ही लड़कियों को सौंपा जाता है। एक साल के एग्रीमेंट पर जाने वाली महिलाओं को अगर कोई पुरुष ज्यादा समय तक रखना चाहता है तो उसके लिए अतिरिक्त पैसा देकर एग्रीमेंट को रिन्यूल कराया जाता है। इस प्रथा के तहत लड़के और लड़की की शादी कराना जरुरी होता है।
महिला को एग्रीमेंट तोड़ने का अधिकार
"धड़ीचा प्रथा" में महिलाओं को अनुबंध (एग्रीमेंट) तोड़ने का अधिकार दिया गया है, जो इस प्रथा का एक अनूठा पहलू है। इसके तहत, यदि महिला को कोई बेहतर प्रस्ताव मिलता है या वह किराए पर ले जाने वाले व्यक्ति के साथ असंतुष्ट होती है, तो वह एग्रीमेंट को समाप्त करने का निर्णय ले सकती है।
एग्रीमेंट तोड़ने के लिए महिला को एक स्टांप पेपर पर शपथपत्र देना होता है, जिसमें यह उल्लेख होता है कि वह अनुबंध समाप्त करना चाहती है। इसके बाद, उसे पहले दी गई राशि को वापस करना पड़ता है।



Click it and Unblock the Notifications