इन देशों में बलात्‍कार करने वालों की दी जाती हैं रूंह कापने वाली सजा, यह दुन‍ियाभर में रेप की सजा

Kolkata Rape-Murder Case : कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्‍टर के रेप और हत्‍या को लेकर देशभर में आक्रोश देखने को म‍िल रहा है। देशभर में जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है। अब इस मामले की जांच कर सीबीआई को सौंप दी गई है। देशभर में लोग इस जघन्‍य अपराध को लेकर आरोपी को कठोर से कठोर सजा दी जाने की मांग कर रहे हैं। वैसे आपको बता दें क‍ि भारत में ही नहीं देशभर में रेप जैसे जघन्‍य अपराध के ल‍िए कठोरतम सजा का प्रावधान हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं रेप को लेकर किन देशों में सख्त कानून बना हुआ है। आइए आपको बताते हैं क‍ि भारत समेत किन देशों में रेप को लेकर क्या-क्या कानून है?

Punishment of Rape in India and other countries

भारत

भारत में दंड सहिता की धारा 376 और 375 के तहत सजा का प्रावधान है, जिसमें मृत्युदंड, आजीवन कारावास और न्यूनतम पांच साल और अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है।

पाक‍िस्‍तान

पाकिस्तान में महिला सुरक्षा विधेयक 2006 के तहत बलात्कार की सज़ा या तो मौत या दस से पच्चीस साल की कैद है। सामूहिक बलात्कार से संबंधित मामलों में सज़ा या तो मौत की सज़ा या आजीवन कारावास है।

इराक

इराक में बलात्कारियों को पत्थर मारके सजा दी जाती है। यहां पर बलात्कारी को तब तक पत्थर मारा जाता है, जब तक वह मर नहीं जाता है।

नीदरलैंड

इस देश में बिना इजाजत किसी को किस करना भी दुष्कर्म में ग‍िना जाता है। जिसके लिए 4 से 15 साल की जेल की सजा हो सकती है।

चीन

चीन में रेपिस्‍ट को सजा ए मौत की सुनाई जाती है। कई मामलों में आरोपी के गुप्तांग काटने की सजा भी दी जाती है।

सऊदी अरब

सऊदी अरब में इस अपराध की सजा बहुत सख्त है, यहां आरोपी को जनता के सामने सिर कलम करने की सजा दी जाती है।

उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया में बलात्कारियों को सेना के फायरिंग स्कॉड के सामने पेश किया जाता है। जहां उन्हें रायफल या एंटी एयरक्राफ्ट गन से भून दिया जाता है। कुछ मामलों में सरेआम सिर में गोली मार दी जाती है।

यूएसए

अमेरिका में भी बलात्कारियों को सजा देने के ल‍िए दो तरह के कानून हैं, पहला स्टेट लॉ (राज्य का कानून) और दूसरा फेडरल लॉ (केंद्र का कानून)। अगर बलात्कार के केस की सुनवाई फेडरल लॉ के अंतर्गत होती है तो बलात्कारी को 30 साल की सजा दी जा सकती है। वहीं, स्टेट यानी राज्य के कानून हर राज्य में अलग-अलग हैं।

Story first published: Sunday, August 18, 2024, 17:54 [IST]
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