Latest Updates
-
Hindu Nav Varsh 2026: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? जानें विक्रम संवत 2083 की तिथि और महत्व -
Kharmas 2026 Date: 14 या 15 मार्च, कब से शुरू हो रहा है खरमास? जानें इस दौरान क्या करें और क्या नहीं -
Friday the 13th: 13 तारीख को पड़ने वाले शुक्रवार को क्यों अशुभ मानते हैं लोग? जानें इसके पीछे का रहस्य -
World Sleep Day 2026: क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड स्लीप डे? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और इस साल थीम -
Alvida Jumma 2026: औरतें अलविदा जुमा की नमाज कैसे पढ़ें? जानें सही तरीका, नियत और दुआ -
Alvida Jumma 2026: अलविदा जुमा की नमाज में कितनी रकात होती है? जानिए नमाज पढ़ने का तरीका, नियत और दुआ -
Alvida Jumma Mubarak 2026: फलक से रहमत बरसेगी...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अलविदा जुमे की मुबारकबाद -
कौन थे हरि मुरली? जिनका 27 की उम्र में हुआ निधन, चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर 50 से ज्यादा फिल्मों में किया काम -
शादी के 4 साल बाद क्यों अलग हुए हंसिका मोटवानी और सोहेल कथूरिया? एक्ट्रेस ने नहीं ली एलिमनी -
No Gas Recipes: गैस खत्म हो जाए तो भी टेंशन नहीं, ट्राई करें ये 5 आसान रेसिपी
L K Advani Quotes: लालकृष्ण आडवाणी के इन कोट्स में नजर आता है उनका जज्बा, एक बार जरूर पढ़ें
Lal Krishna Advani Quotes in Hindi: एल. के. अडवाणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और भारतीय राजनीति में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। लालकृष्ण अडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वे भारतीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भारतीय जनता पार्टी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है।
अडवाणी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक के रूप में की थी। बाद में वे भारतीय जनसंघ के साथ जुड़ गए। 1980 में जनसंघ का भारतीय जनता पार्टी में विलय हुआ, जिसमें अडवाणी की अहम भूमिका थी। वे भाजपा के पहले महासचिव और बाद में अध्यक्ष बने।

राजनीतिक करियर
1999 से 2004 तक एनडीए सरकार के दौरान अडवाणी भारत के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। उन्होंने अपनी आत्मकथा "माई कंट्री, माई लाइफ" लिखी, जो उनके जीवन और राजनीतिक सफर का विवरण देती है।
अडवाणी ने 1990 में राम रथ यात्रा निकाली, जिसने भाजपा को देशव्यापी पहचान दिलाई और 1991 के चुनावों में पार्टी की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रमुख योगदान
अडवाणी की रणनीतियों और नेतृत्व ने भाजपा को एक मजबूत राष्ट्रीय पार्टी बनाने में मदद की। उन्होंने "सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता" की वकालत की, जिसमें सभी धर्मों का समान सम्मान किया जाता है।
उनके नेतृत्व ने भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी विचारधारा और नीतियों ने पार्टी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
लालकृष्ण अडवाणी का राजनीतिक सफर प्रेरणादायक रहा है और उन्होंने भारतीय राजनीति पर गहरा प्रभाव डाला है। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
एल. के. अडवाणी का राजनीतिक सफर संघर्ष और उपलब्धियों से भरा रहा है। भारतीय राजनीति में उनका योगदान और नेतृत्व हमेशा याद किया जाएगा।
लालकृष्ण अडवाणी, भारतीय राजनीति के प्रमुख नेता, अपने वक्तव्यों और विचारों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां एल. के. अडवाणी के कुछ प्रमुख कोट्स प्रस्तुत हैं:
1. धर्मनिरपेक्षता: - "हम सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करते हैं, जिसका मतलब सभी धर्मों का सम्मान करना है, न कि केवल एक धर्म को प्रोत्साहित करना।"
2. भाजपा के निर्माण पर: - "भाजपा का उद्देश्य भारतीय राजनीति में एक स्वच्छ, पारदर्शी और प्रभावी विकल्प प्रदान करना है।"
3. राम जन्मभूमि आंदोलन पर: - "राम मंदिर केवल एक धार्मिक आंदोलन नहीं है, यह भारतीय संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है।"
4. स्वतंत्रता और राष्ट्रवाद पर: - "स्वतंत्रता केवल स्वतंत्रता नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है जिसे हमें समझना और निभाना चाहिए।"
5. आत्मनिर्भरता पर: - "भारत को आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। हम अपने संसाधनों का सही उपयोग करके आत्मनिर्भर बन सकते हैं।"
6. नेतृत्व पर: - "नेतृत्व का मतलब सिर्फ आगे बढ़ना नहीं है, बल्कि अपने साथियों को साथ लेकर चलना भी है।"
7. संगठन की शक्ति पर: - "संगठन की शक्ति किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होती है। यह हमें एकजुट और मजबूत बनाती है।"
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











