ये है बुलेट बाबा मंदिर, जहां बाबा को चढ़ता है शराब का चढ़ावा

By Ruchi Jha

ऐसी कई आश्चर्यजनक घटनाएं हैं जो सिर्फ भारत में ही होती हैं। कुछ ऐसी घटनाएं हैं जो आपको चौंका देंगी, जबकि कुछ आपको हंसाएगी और यह सोचने के लिए मजबूर कर देगी कि ऐसा भारत में ही हो सकता है!

एक ऐसी ही घटना है एक रॉयल एनफील्ड की जिसकी पूजा हो रही है राजस्थान के एक छोटे से गांव में! हाँ, आपने सही पढ़ा! बुलेट बाइक चलाने वालों का पसंदीदा होता है और नवयुवक इसे हासिल करने की इच्छा रखते हैं, और यह दशकों से शानदार बाइक रही है।

इसलिए, इस कहानी को पढ़िए जिसमें भारत देश के एक मंदिर में रॉयल एनफील्ड बाइक की पूजा की जा रही है।

यह जगह कहाँ है?

यह जगह कहाँ है?

यह मंदिर पाली, जोधपुर में स्थित हैं। यहाँ रोज़ हज़ारों की तादाद में श्रद्धालु इकठ्ठा होते हैं और सुरक्षित यात्रा के लिए प्रार्थना करते हैं। यही नहीं 350 सीसी रॉयल एनफील्ड बाइक पर शराब का चढ़ावा चढ़ता है!

मंदिर का इतिहास

मंदिर का इतिहास

इस सब की शुरुआत सन 1991 में हुई जब "ओम सिंह राठोड़ उर्फ ओम बन्ना" नाम के आदमी की मृत्यु अपने बुलेट की सवारी करते हुए हो गयी। वह गांव के सरदार का बेटा था।

बाइक को पुलिस ने बरामद कर लिया पर...

बाइक को पुलिस ने बरामद कर लिया पर...

ऐसा कहा जाता है कि बाइक को स्थानीय पुलिस ने बरामद कर लिया और उसे पुलिस चौकी ले जाया गया। फिर भी, यह आश्चर्य करने वाली बात थी कि अगले दिन वह बाइक फिर से घटना स्थल पर पायी गयी!

फिर से चमत्कार हुआ!

फिर से चमत्कार हुआ!

पुलिस फिर से बाइक को अगले दिन पुलिस चौकी ले गयी और उसे चेन से अच्छी तरह बाँध दिया गया। पर इस सबके बावजूद मेहनत पानी में गयी, जब बाइक अगली सुबह फिर उसी स्थल पर मिली और अगले छः महीने तक ऐसा ही हुआ!

आगे जो हुआ वह इतिहास है...

आगे जो हुआ वह इतिहास है...

आगे जो हुआ वह इतिहास है, क्यूंकि बाइक को मंदिर में प्रतिमा की तरह स्थापित कर लिया गया और ओम बन्ना को बुलेट बाबा के नाम से जाना जाने लगा। लोग जब पाली-जोधपुर हाईवे से गुज़रते हैं तो यहाँ मंदिर में शराब का चढ़ावा चढ़ाते हैं। और आदर के रूप में इस जगह के आस पास कोई भी हॉर्न नहीं बजाता!

Desktop Bottom Promotion