Latest Updates
-
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई
क्या आप जानते हैं कि 15 अगस्त को ही स्वतंत्रता दिवस के रूप में क्यों चुना गया
200 साल तक भारत और भारत के लोगों ने अंग्रेज़ों की गुलामी की और फिर कई देशभक्तों और क्रांतिकारियों की शहादत के बाद देश को 15 अगस्त 1947 के दिन आज़ादी मिली।
लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि 15 अगस्त को ही आज़ादी के दिन के रूप में क्यों चुना गया? आखिर इस दिन में क्या खास था जो उस समय के सभी कद्दावर नेताओं ने इस दिन को भारत की आज़ादी के रूप में चुना ?
1947 वो साल था जब गांधी जी के भारत छोड़ो आंदोलन और जिन्ना और नेहरू के बीच चल रही बंटवारे की जंग को लेकर बढ़ रहे विवाइ में लॉर्ड की समस्या को और भी ज्यादा बढ़ा दिया था। इसकी कारण से अंग्रेज़ों ने भारत को जून 1948 के बजाय 1947 में ही आज़ाद कर दिया था।

लेकिन इस बात को कोई नहीं जानता कि 15 अगस्त की तारीख को स्वतंत्रता दिवस के रूप में क्यों चुना गया। भारत को आज़ाद करने का फैसला ब्रिटेन सरकार ने 26 फरवरी 1947 को लिया था। अपने इस फैसले के साथ ब्रिटिशों ने एक पॉलिसी भी बनाई थी। इस पॉलिसी के मुताबिक भारत को जून 1948 को आज़ादी दी जाने का फैसला किया गया था। इसी आज़ादी की घोषणा के लिए लॉर्ड माउंटबेटन को भारत का वायसरॉय बनाया गया था।
इसके बाद जब ये फैसला हुआ कि भारत को एक साल पहले ही आज़ाद करना है तो 1947 में आज़ादी का महीना और तारीख चुनने के बारे में सोचा गया।
लॉर्ड माउंटबेटन ने खुद भारत की आज़ादी के लिए 15 अगस्त की तारीख को चुना था। उस समय के भारत के आखिरी वायसरॉय लॉर्ड माउंटबेटन के प्रेस सचिव ने बताया था कि लॉर्ड 15 को अपने करियर का लकी नंबर मानते थे और इसी निजी कारण की वजह से उन्होंने 15 अगस्त को भारत की आज़ादी के दिवस के रूप में चुना।
ये दिन ब्रिटेन के लिए इसलिए भी खास था क्योंकि इसी दिन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 15 अगस्त 1945 को जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया था।



Click it and Unblock the Notifications
