पुणे के स्कूल का बेतुका फरमान, छात्राओं को पहनने को कहा खास का रंग इनरवियर

अभी तक आपने स्‍कूल, कॉलेज और ऑफिस ड्रेसकोड के बारे में सुना होगा लेकिन कभी आपने इनरवियर को लेकर किसी खास ड्रेसकोड के बारे में सुना है? पुणे के एक स्‍कूल ने छात्राओं के इनरवियर को लेकर अजीबो गरीब फरमान जारी कर दिया है। जिसमें छात्राओं को खास रंग के ही इनरवियर (अंतःवस्त्र) पहनने की गाइडलाइन जारी की है। सुनकर थोड़ा हैरानी हो रही होगी लेकिन पुणे की एमआईटी संस्था के विश्वशांति गुरुकुल स्कूल ने लड़कियों को सफेद या स्किन कलर के इनर वियर्स पहनने को कहा है।

Bizarre: Pune school asks girl students to wear specific colour innerwear

इस बारे में स्‍कूल प्रशासन ने स्कूल की डायरी में लिखे नियमों में इसे शामिल किया है साथ ही पेरेंट्स को इस पर साइन करने के लिए कहा गया है। इस गाइडलाइन के जारी होते ही स्‍कूल में पढ़ रहें स्‍टूडेंट्स के पैरेंट्स बहुत आक्रोश में है।

लड़कियों के सुरक्षा का दे दिया हवाला

स्कूल के इस अजीबोगरीब नियम को लेकर पेरेंट्स नाराज है, इसके खिलाफ पेरेंट्स ने स्‍कूल प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया है। लेकिन स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि ये नियम लड़कियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है।

टॉयलेट जाने पर भी गाइडलाइन

स्‍कूल प्रशासन ने इनर वियर का कलर जारी करने के अलावा स्कूल ने छात्राओं के लिए 20 से 22 जटिल नियम भी जरूरी कर दिये हैं। इनमें से एक नियम में बच्चों को कई बार टॉयलेट के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लगाई गई है ' इतना ही नहीं इसके लिए पेरेंट्स से एक एफिडेविट यानी शपथपत्र साइन कराया गया है और उल्लंघन पर सीधे फौजदारी तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


लगाएंगे फाइन

डायरी में लिखे गए नियमों के मुताबिक गुरुकुल के स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को व्हाइट और स्कीन रंग के इनरवियर पहनने होंगे। दूसरा कोई भी रंग स्वीकार नहीं होंगे। इसके अलावा मेडकिल स्थिति और इमरजेंसी के अलावा स्कूल के टॉयलेट्स एक निश्चित समय पर इस्तेमाल किए जाएंगे। स्कूल छात्रों से 500 रुपये का जुर्माना वसूलेगा अगर छात्र पीने का पानी और बिजली अनावश्यक रूप से इस्तेमाल करते पाए गए।

सेनेटरी पैड पर लगेगा जुर्माना

इसके अलावा अगर सेनेटरी पैड्स को सही तरह से डस्‍टबिन में नहीं डाला गया तो 500 रुपये का जुर्माना लिया जाएगा इसके अलावा पेरेंट्स को सफाई के खर्चे का बोझ भी उठाना पड़ेगा जो उनके बच्चों द्वारा गिराए गए खाने के कारण गंदगी हुई होगी। छात्राओं की स्कर्ट की लंबाई घुटनों तक ही होनी चाहिए और वह प्रबंधन द्वारा अधिकृत टेलर से ही कपड़े सिलवाने होगे। छात्राएं किसी भी तरह का मेकअप नहीं करेंगी और छात्र-छात्रा कोई टैटू नहीं बनवाएंगे। बाल एकदम छोटे रहेंगे। इसके अलावा ईयरिंग के साइज तक बताए गए जो छात्राओं के लिए अनिवार्य हैं। इसके अलावा साईकिल पार्किेंग के ल‍िए स्‍टूडेंट्स से 1500 रुपए वसूलें जाएंगे।

Story first published: Thursday, July 5, 2018, 18:00 [IST]
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