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चमगादड़ का बड़ा ही रोचक रहा है इतिहास, जानिए क्यों लटकते हैं पेड़ पर उल्टे
चमगादड़ दुनिया पहला ऐसा पक्षी है जो स्तनधारी जीव हैं। चमगादड़ रात के समय उड़त हैं। चमगादड़ अक्सर पेड़ पर उल्टे लटके होते हैं। क्या आपको पता है चमगादड़ आखिर उल्टा क्यों लटकते हैं। चमगादड़ के बारे में कहा जाता है कि चमगादड़ गुफा या फिर सूनसान जगह पर रहना पसंद करते हैं। चमगादड़ का मुख्य भोजन खटमल होता है। चमगादड़ का उम्र 40 साल तक की होती है। बता दें कि चीन और जापान में चमगादड़ खुशी का प्रतीक माना जाता है।

चमगादड़ की लार में पाए जाने वाले Anticogulation से दिल के मरीजों का इलाज किया जाता है। सबसे ज्यादा चमगादड़ अमेरिका में पाए जाते हैं। चमगादड़ को लेकर कई मिथ फैले हुए है जैसे ड्रेकूला Dracula बता दे ड्रेकूला महज एक काल्पनिक पात्र है। वहीं चमगादड़ के लिए एक कहानी काफी प्रचलित है। कहानी के अनुसार चमगादड़ ने एक बार व्यापार शुरु करने के लिए पैसे उधार लिए थे, व्यापार सफल ना होने की वजह से चमगादड़ पैसे नहीं दे पाया था। इसलिए वह रात को निकलता है क्योंकि दिन में उन से लोग उधार दिए पैसे वापिस न मांग ले.

चमगादड़ का इतिहास
चमगादड़ उड़ने वाला स्तनधारी जीव है। चमगादड़ रात को एक्टिव रहने वाले जीव है। चमगादड़ पेड़ो की डाली या अंधेरी गुफाओ में उल्टा लटके रहते है। चमगादड़ दुनिया में पहला ऐसा स्तनधारी पक्षी है जो उड़ सकता है। लेकिन चमगादड़ केवल रात में ही उड़ते हैं। कहा जाता है कि चमगादड़ दुनिया में करीब 10 करोड़ साल से हैं। डायनासोरों के समय से चमगादड़ धरती पर पाए जाते हैं। आज भी चमगादड़ धरती पर मौजूद है।

चमगादड़ पेड़ो पर क्यों उल्टा लटके रहते हैं
चमगादड़ अक्सर पेड़ो पर उल्टा लटके हुए नजर आते हैं। ताकि वह आसानी से उड़ सके। बता दें कि बाकि पक्षी चमगादड़ की तरह जमीन से उड़ नहीं पाते है। लेकिन चमगादड़ के साथ ऐसा नहीं होता है। चमगादड़ के पैरों की नसे इस तरह की बनी है जिसे उनका वजन उनके पंजों पर मजबूती से पकड़ने में मदद करता हैं।

चमगादड़ कोरोना वायरस कनेक्शन
कहा जा रहा है कि मगादड़कोरोना वायरस का मुख्य कारण हो सकता है। चमगादड़ के मांस खाने की वजह से ये वायरस इंसानों में फैला है। बता दें कि चीन में चमगादड़ के मांस को बहुत शौक से खाया जाता हैं। चमगादड़ के रसेदार मीट को पानिकी कहा जाता है।

चमगादड़ से कोरोना वायरस फैलने की सच्चाई क्या है
कोरोना वायरस के फैलने के पीछे का कारण चमगादड़ और सांप के सूप को बताया गया था। लेकिन कुछ वैज्ञानिको ने कहा कि पैंगोलिन जानवर की वजह से कोरोना वायरस फैला है। बता दें कि पैंगोलिन जानवर में और कोरोना वायरस के मरीज के जीनोम में 90 प्रतिशत की तक समानता देखने को मिली है, जिसके बाद से ही कहा जा रहा है कि पैंगोलिन की वजह से कोरोना वायरस फैला है।



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