Latest Updates
-
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व
कैसे होता है जैन मुनियों का अंतिम संस्कार, क्यों लगती है बोली? जानें संथारा अनुष्ठान के बारें में
जैन समुदाय के होली प्लेस 'श्री सम्मेद शिखर जी' को लेकर काफी प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद भारत सरकार ने तीर्थ स्थल को पर्यटन स्थल में ना बदलने का फैसला लिया, लेकिन इस दौरान जैन पवित्र स्थल को बचाने के लिए जैन मुनि समर्थ सागर और जैन मुनि सुज्ञेय सागर ने अनशन किया और अपने प्राण त्याग दिए। दोनों के प्राण त्याग देने के बाद इन जैन संतों का अंतिम संस्कार किया गया। जैन संतों का अंतिम संस्कार दूसरे धर्मों से अंतिम संस्कारों से थोड़ा अलग होता है। इसमें पार्थिव देह को डोली पर बैठाकर अंतिम यात्रा निकाली जाती है। वहीं एक अजीब रस्म भी होती है, जिसमें पार्थिव देह पर पैसों की बोली लगाई जाती है। अंतिम यात्रा के दौरान पैसे उछाले जाते हैं। आइये जानते हैं जैन संतों के अंतिम संस्कार में इन रस्मों का क्या महत्व है, इसके साथ ही जैन धर्म में प्राण त्याग देने के बाद क्या-क्या रिचुअल्स निभाएं जाते हैं-

जैन धर्म में अंतिम संस्कार (Jain Funerals)
जैन जल्द से जल्द मृतकों का अंतिम संस्कार करते हैं। पहले शरीर को गीले कपड़े से साफ किया जाता है। फिर डेड बॉडी को कपड़े पहनाकर एक अर्थी में रख दिया जाता है और कफन से ढका जाता है। अर्थी से निकालकर चबूतरे पर लकड़ी के लट्ठों के साथ रख दिया जाता है। मृतक का सबसे बड़ा बेटा अंतिम संस्कार करता है। अवशेषों को नदियों में नहीं बहाया जाता है क्योंकि वे पानी को दूषित करते हैं, इसके बजाए जमीन में गड्ढा खोदकर उसमें अवशेष डालते हैं और चारों ओर नमक छिड़कते हैं, ताकि ये आसानी से घुल जाए।

डोली में जैन मुनियों की अंतिम यात्रा क्यों?
सल्लेखना या संथारा के जरिये प्राण त्याग करने वाले जैन मुनियों की अंतिम यात्रा डोली या पालकी में रख निकाली जाती है। एक लकड़ी के तख्ते से पार्थिव शरीर को बैठने की अवस्था में बांध दिया जाता है। उनके शरीर की मुद्रा प्रार्थना वाली की जाती है। जैन मुनियों में साधना की अवस्था यानी पद्म आसन में बैठाकर तख्ते से बांधा जाता है।

जैन मुनियों की अंतिम यात्रा में पैसों की बोली क्यों लगती है ?
जैन इस प्रथा में खुद को भाग लेने पर भाग्यशाली मानते हैं, बोली लगाना उनके लिए बड़ा सम्मान होती है। जैन मुनियों की अंतिम यात्रा में जैन समाज के लोग बोली लगाते हैं। बोली शव यात्रा की डोली पकड़ने के लिए भी लगती है। इसके साथ ही अन्य रिचुअल्स में शामिल होने के लिए बोलियां लगाई जाती हैं। जैन समाज द्वारा अंतिम संस्कार के हर चरण में बोली लगाना, समाज के लिए अंशदान देना कहते हैं। उन जमा हुए पैसों से जैन मंदिरों का निर्माण किया जाता है, गरीबों के कल्याण के लिए जैन समजा के द्वारा कई कार्य किये जाते हैं।

संथारा अनुष्ठान क्या है ?
संथारा अनुष्ठान एक प्राचीन रस्म होती है, जिसको सल्लेखना भी कहते हैं। जो खुद से मौत को गले लगाने की इच्छा होती है, जिसमें भुखे रहकर मौत को गले लगाया जाता है। श्वेतांबर समुदाय, इस अनुष्ठान को करता है, जिससे उनको मोक्ष प्राप्त होता है। जब जैन मुनियों को लगता है कि उसका जीवन का उद्देश्य पूरा हो गया है तब ये अनुष्ठान शुरू कर देते हैं।

संथारा अनुष्ठान और सुप्रीम कोर्ट
संथारा अनुष्ठान पर राजस्थान हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था, "संथारा या आमरण अनशन जैन धर्म का एक अनिवार्य सिद्धांत नहीं है, इसे मानवीय नहीं कहा जा सकता है। ये बुनियादी मानवाधिकारों का उल्लंघन है। लेकिन हाई कोर्ट के इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फ़ैसले को स्थगित करते हुए संथारा की प्रथा को जारी रखने की इजाज़त दी।



Click it and Unblock the Notifications
