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दुनिया भर में हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इस साल यह खास दिन मंगलवार को है। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, यह पूरे विश्व की महिलाओं को समर्पित एक दिन है, जो उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए ग्लोबल लेवल पर किए गए प्रयासों व उनकी जर्नी के बारे में बताता है। इस खास दिन महिलाएं ही नहीं, पूरा विश्व उनकी उपलब्धियों और उनके अस्तित्व के महत्व पर चर्चा करते हैं। इतना ही नहीं, हर साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को सेलिब्रेट करने के लिए एक अलग थीम को तय किया जाता है। इस साल भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए एक थीम सुनिश्चित की गई है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास, इसका महत्व और इस वर्ष दिवस की थीम जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें-

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास लगभग सौ वर्षों से भी अधिक पुराना है और इस खास को सबसे पहले साल 1909 में सेलिब्रेट किया गया था। दरअसल, उस समय अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी ने महिला दिवस को सबसे पहले 28 फ़रवरी 1909 के दिन मनाया था। दरसअल, उस समय इस खास दिन को सेलिब्रेट करने का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलवाना था, क्योंकि उस समय अधिकतर देशों में महिला को वोट देने की इजाजत नहीं थी। बाद में, इस दिन को बदलकर फरवरी के आखिरी रविवार के दिन सेलिब्रेट करने का निश्चय किया गया। अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिए रूस की महिलाओं ने हड़ताल तक कर दी, जिसका एक व्यापक असर दिखाई दिया। इस हड़ताल के चलते ही ज़ार को सत्ता से हाथ धोना पड़ा और अन्तरिम

सरकार द्वारा महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिया गया।
हालांकि, फरवरी के आखिरी रविवार को महिला दिवस सेलिब्रेट करने का निश्चय बाद में लोगों के लिए उलझन की वजह बन गया। दरअसल, उस समय रूस में व अन्य पूरी दुनिया में अलग-अलग कैलेंडर चलते थे। जहां रूस में जुलियन कैलेंडर था, वहीं दुनिया के अन्य देश ग्रेगेरियन कैलेंडर के अनुसार कार्य करते थे। इन दोनों की तारीखों में उस समय अन्तर था। साल 1917 में जुलियन कैलेंडर के मुताबिक फरवरी का आखिरी रविवार 23 फ़रवरी को था जबकि ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार उस दिन 8 मार्च थी। ऐसे में तारीखों से जुड़े इस कनफ्यूजन को दूर करने के लिए महिला दिवस की तारीख को साल 1921 में 8 मार्च तय किया गया। तभी से पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के दिन सेलिब्रेट किया जाने लगा।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 की थीम
हर साल की तरह इस बार ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 के लिए एक अलग थीम को चुना गया है। इस बार की थीम है-‘जेंडर इक्वैलिटी फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो'। अर्थात् एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि अपनी क्षमताओं को साबित करने के बावजूद भी महिलाएं लैंगिक असमानता का दंश झेल रही हैं। इस बात की थीम इस बात को ध्यान में रखकर ही तैयार की गई है। इस थीम का अर्थ है कि समाज में महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार, दायित्व तथा रोजगार प्रदान किए जाए। समाज, देश व विश्व से लैंगिक भेदभाव को खत्म करके ही एक बेहतर कल का निर्माण किया जा सकता है।



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