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एयरस्ट्राइक के बाद कंट्रोल रुम से संभाली थी कमान, बनी युद्ध सेवा मेडल पाने वाली पहली महिला
1990 के दौर में वायुसेना ने पहली बार महिलाओं को मौका देना शुरू किया था। इसके बाद से वायुसेना में महिलाओं ने काफी लंबा सफर तय करने के साथ ही कई उपलब्धियां अपने नाम की हैं। वायुसेना की जाबांज महिलाओं की लिस्ट में एक नाम और जुड़ गया है स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल का, जो 27 फरवरी को कश्मीर में पाक विमानों की घुसपैठ के दौरान फाइटर प्लेन कंट्रोलर की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। पाक के एफ-16 फाइटर जेट के हमले नाकाम करने और उन्हें मार गिराने में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की मदद करने वाली मिंटी सैन्य इतिहास में पहली महिला होंगी, जिन्हें यह सम्मान दिया जाएगा।
युद्ध सेवा मेडल युद्ध या तनाव की स्थिति में राष्ट्र के लिए विशिष्ट सेवा देने वाले सैनिकों को दिया जाता है। हालांकि, यह मेडल वीरता पुरस्कारों की श्रेणी में नहीं आता। इस पुरस्कार को पाकर मिंटी ने कहा- एयर स्ट्राइक के बाद हम जानते थे कि जवाबी कार्रवाई होगी और हम इसके लिए तैयार थे।

बयां किया उस दिन का अनुभव
31 साल की स्कवॉड्रन लीडर मिंटी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए एक इंटरव्यू में बताया कि 27 फरवरी को कंट्रोल रूम में जब PAF (पाकिस्तानी एयर फोर्स ) की ओर से रेड सिग्नल आने शुरू हुए तो अचानक से मेरी पूरी स्क्रीन पर लाइट्स नजर आने लगीं। मिंटी ने बताया 'स्क्रीन पर काफी सारे रेड लाइट्स थे जिसका मतलब है दुश्मन का एयरक्राफ्ट था।'
मिंटी ने बताया कि " पाक के एफ-16 विमानों की हलचल देखते ही भारत के मिराज और सुखोई विमानों को अलर्ट कर दिया। फाइटर कंट्रोलर के तौर पर यह मेरी ड्यूटी थी कि मैं अपने एयरक्राफ्ट को गाइड करूं ताकि भारतीय एयरक्राफ्ट पूरी तरह से सुरक्षित रहने चाहिए।'

पाकिस्तानी F-16 को धाराशयी होते हुए देखा
फाइटर कंट्रोलर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हुए मिंटी ने 27 फरवरी को अपनी सूझबूझ से विंग कमांडर अभिनंदन को पाक F-16 को मार गिराने में मदद की। उस दिन वो कंट्रोल रुम से विंग कमांडर अभिनंदन को निर्देश देने के साथ ही पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट की स्थिति के बारे में बता रही थी। मिंटी उस दिन कंट्रोल रुम से ही आकाश में हो रही डॉगफाइट को देख रही थी और वहीं कंट्रोल रुम के स्क्रीन से पाकिस्तानी F-16 को हवा में गिरते हुए देखा। इसके अलावा जब अभिनंदन एफ-16 गिराने के दौरान पाकिस्तानी सीमा में पहुंच गए तो मिंटी ने उन्हें तुरंत लौटने के निर्देश दिए हालांकि, पाक की ओर से कम्युनिकेशन जैम किए जाने की वजह से अभिनंदन उनके निर्देश नहीं सुन पाए। उनके मिग-21 बाइसन एयरक्राफ्ट में एंटी जैमिंग तकनीक नहीं थी।

फाइटर प्लैन को गाइड करते हैं फाइटर कंट्रोलर्स
फाइटर कंट्रोलर्स वायुसेना में अहम जिम्मेदारी निभाते हैं। वे ही तय करते हैं कि फाइटर प्लेन कभी बेड़े से दूर अकेले न उड़ें। इसके अलावा दुश्मन विमानों पर निगरानी रखने का काम भी फाइटर कंट्रोलर का होता है।
इसके अलावा फाइटर कंट्रोलर की ही ये जिम्मेदारी भी होती है कि वो फाइटर पायलट को एक्शन के दौरान यह जानकारी भी दे कि वह कब और कहां किन मिसाइल को लॉन्च कर सकते हैं। आकाश में एयरक्राफ्ट की सुरक्षा इनकी पूरी जिम्मेदारी होती है।



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