Latest Updates
-
Chhatrapati Sambhaji Maharaj Jayanti: छत्रपति संभाजी महाराज की जयंती पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 14 May 2026: मेष और सिंह राशि वालों की चमकेगी किस्मत, जानें गुरुवार को किन राशियों पर होगी धन वर्षा -
Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, इस मेडिकल कंडीशन के चलते हुई मौत -
PCOS का नाम बदलकर हुआ PMOS, जानिए क्या है इसका मतलब और क्यों रखा नया नाम -
प्रतीक यादव ने ऐसे किया था अपर्णा यादव को प्रपोज, 10 साल बाद हुई थी दोनों की शादी, बेहद फिल्मी है लव स्टोरी -
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश
क्यों सावन में चाव से खाया जाता है घेवर, जाने इतिहास और इंग्लिश में इसका नाम
घेवर राजस्थान की खूब जानी मानी मिठाईयों में से एक है। कुछ प्रमुख त्योहारों में घेवर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैसे घेवर खाने में जितना स्वादिष्ट लगता है, इतना ही इसका इतिहास भी काफी रोचक है। सावन के दौरान कई जगह छप्पन भोग का आयोजन किया जाता है, घेवर छप्पन भोग के अन्तर्गत प्रसिद्ध व्यंजन है। सावन के दौरान कई तरह के तीज त्योहार पड़ते है तो इस दौरान घेवर को खूब पसंद किया जाता है। राजस्थान और इसके आसपास के क्षेत्र में लोगों का मानना है कि घेवर के बिना रक्षाबंधन और तीज का त्योहार अधूरा माना जाता है। रक्षाबंधन पर बहन घेवर लेकर भाई के घर जाती है। बिना घेवर के भाई-बहन का ये त्योहार पूरा नहीं होता।

बता दें कि घेवर राजस्थान और ब्रज क्षेत्रों की प्रमुख पारंपरिक मिठाई है। ये मिठाई बरसात के दिनों में बनाई जाती है और इसे लोग खूब पसंद करते हैं। घेवर को मूलत: राजस्थान की उत्पत्ति मानी जाती है। इसके अलावा ब्रज क्षेत्रों में घेवर अलग-अलग तरीकों से बनाए जाते हैं। घेवर को इंग्लिश में हनीकॉम्ब डेटर्ट के नाम से जाना जाता है।

कैसे बनाया जाता है घेवर?
सामान्य तौर पर मैदा और अरारोट के घोल को तरह-तरह के सांचों में डालकर घेवर बनाया जाता है और फिर इसे चाशनी में डूबाया जाता है। समय के साथ-साथ घेवर को प्रेजेंट करने के तरीके में बदलाव आया है, लेकिन आज भी घेवर का स्वाद पुराना ही पसंद किया जाता है। नए घेवर के रूप में लोग मावा घेवर, मलाई घेवर और पनीर घेवर ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

स्वाद में भी अलग-अलग
घेवर स्वाद में भी अलग-अलग होता है। एक तो मीठा और दूसरा फीका। ताजा घेवर नर्म और खस्ता होता है पर ये ज्यादा दिनों तक रखने से सख्त होने लगता है। वहीं सख्त पड़ गए घेवर के को बेसन में मिलाकर तेल में तलकर पकौड़े बनाए जाते हैं। वहीं मीठे घेवर से खीर या पुडिंग भी बनाई जा सकती है।



Click it and Unblock the Notifications