Personality Development: मतलबी लोग कौन होते हैं? अगर इनको नहीं पहचाना तो उठाएंगे बड़ा नुकसान

अक्सर आप ने लोगों के मुंह से कहते हुए सुना होगा कि दुनिया बहुत मतलबी हो चुकी है। बिना मतलब के कोई किसी का नहीं है। कोई किसी का सगा नहीं है। सब मतलब के यार हैं। ये बात बिल्कुल सही है। आज के वक्त में लोग मतलबी हो चुके हैं। कोई बिना मतलब के आप से बात भी नहीं करेगा, जब तक उसे आपसे फायदा ना नजर आ रहा हो। आपने अपनी लाइफ में खुद भी इस बात को रियलाइज किया होगा, बचपन से लेकर बड़े होने तक कई लोग ऐसे मिलें होंगे जो सिर्फ आपके पास मतलब से आए थे, आपसे मतलब खत्म हुआ फिर टाटा-बाय-बाय। स्कूल में भी आपने देखा होगा या कॉलेज लाइफ में भी अहसास किया ही होगा कि अगर आप पढ़ाई में अच्छे हैं अच्छे नंबर स्कोर करते हैं तो कई क्लासमेट आपसे दोस्ती करना चाहते होंगे। आपसे नोट्स मांगते होंगे। वहीं जब क्लास खत्म, स्कूल या कॉलेज चेंज हो गया तब 'आप कौन' ये शब्द ही निकलेगा। वहीं अगर आप किसी ऊंचे पद पर हैं, सरकारी नौकरी करते हैं तब तो आपके पास आपके दोस्तों, रिश्तेदारों की लाइन लगी होती है, अपना काम निकलवाने के लिए, लेकिन जैसे ही आप उस पद से हटे या फिर रिटायर्ड भी हो गये तो वही लोग आपसे आकर नमस्ते भी नहीं बोलेंगे। क्योंकि उनका काम आप से निकल चुका है। तो अपनी लाइफ में ऐसे लोगों से कैसे दूर रहा जाए, या फिर उनको अपने आसपास फटकने भी ना दिया जाए, हम आपको इसके लिए कुछ गोल्डन टिप्स और रूल्स बता रहे हैं, जिससे आप मतलबी लोगों को पहचान सकते हैं और उनसे दूरी बनाकर रह सकते हैं-

Identification of mean people: बढ़ा-चढ़ा कर करते हैं तारीफ

Identification of mean people: बढ़ा-चढ़ा कर करते हैं तारीफ

मतलबी लोगों की पहचान होती है कि वो आपकी तारीफ बढ़ा-चढ़ा कर करते हैं। मेहफिल में भी ऐसे लोगों की अच्छाई बताएंगे, जितने अच्छे वो होते नहीं है। तारीफों के पुल बांधते रहेंगे। जब भी मिलेंगे, अपने आप को इस तरह से शो करेंगे कि उनसे ज्यादा तो आपको कोई याद नहीं करता है ना ही कोई चाहता है। आपसे मिलते रहेंगे जबतक कि उनका मतलब आपसे पूरा नहीं हो जाता।

Identification of mean people: अपना फायदा पहले

Identification of mean people: अपना फायदा पहले

ऐसे मतलबी लोग अपना फायदा पहले देखते हैं, जहां पर उनको लगता है कि फायदा हो सकता है वो बगुला भगत बन जाते हैं। अगर वहीं उनको लग रहा है कि अब उनकी यहां दाल नहीं गल सकती तो वहां से निकल लेते हैं। ऐसे लोग पहले खुद के बारें में सोंचते हैं भले ही दूसरे का कितना बड़ा रूकसान हो रहा हो, उनको परवाह नहीं होती है। ऐसे लोगों के मुंह से यही निकलता है, अपना काम बनता..भाड़ में जाए जनता..। अगर आपके आसपास भी ऐसे लोग हैं तो उनसे दूरी बना लें, वो आपका भी नुकसान करने में गुरेज नहीं करेंगे।

Identification of mean people:‘तुमने कोई अहसान नहीं किया' कहने वाले लोग

Identification of mean people:‘तुमने कोई अहसान नहीं किया' कहने वाले लोग

आपके दोस्तों या रिश्तेदारों में ऐसे लोग होंगे, जिनके लिए आप ने बहुत काम किया हो, उनकी काफी हेल्प की हो, ये सोंच कर की वो आपके अपने हैं, लेकिन ऐसे लोग वक्त पर कभी आप के काम नहीं आते हैं। अगर आप ने उनसे किसी काम के लिए बोला और उन्होंने मना कर दिया। तो फिर ऐसे लोग यहीं कहते हैं, तुमने जो काम किया था वो कोई अहसान थोड़े ही किया मेरे ऊपर..इस लाइन को आपके ऊपर मार कर चले जाते हैं। तो इस तरह से लोगो का पहली बात आप कोई काम ना करें और 15 गज की दूरी भी बना लें।

Identification of mean people: सिर्फ खुशियों में शरीक, दुख से मतलब नहीं

Identification of mean people: सिर्फ खुशियों में शरीक, दुख से मतलब नहीं

इस तरह के मतलबी लोग बस आपकी खुशियों में ही शामिल होते हैं। अगर आपने उनको घर की दावत पर बुलाया है। या फिर उन्होंने आपको अपने मतलब से डिनर पर इनवाइट किया है। और इस तरह के लोग हमेशा एक बात आपसे जरूर करते हैं..भाई मैं तुम्हारे साथ हमेशा खड़ा रहूंगा चाहे कुछ भी हो जाए। लेकिन ऐसे ही लोग सबसे दूर भागते हैं जब आपको किसी की जरूरत या किसी सहारे की जरूरत होती है। ये लोग सिर्फ दिखावे की दोस्ती करते हैं।

Identification of mean people: मशहूर शायर निदा फाज़ली का शेर-

Identification of mean people: मशहूर शायर निदा फाज़ली का शेर-

ऐसी मतलबी दुनिया और लोगों के लिए मशहूर शायर निदा फाजली ने लिखा है-

बात कम कीजे ज़ेहानत को छुपाए रहिए

अजनबी शहर है ये, दोस्त बनाए रहिए

दुश्मनी लाख सही, ख़त्म न कीजे रिश्ता

दिल मिले या न मिले हाथ मिलाए रहिए

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