Latest Updates
-
Birthday Wishes for Boss: बॉस के बर्थडे पर भेजें ये खास और सम्मानजनक शुभकामनाएं, बोलें 'हैप्पी बर्थडे' -
पुरानी कब्ज और बवासीर से पाना है छुटकारा, तो इस पौधे की जड़ का करें इस्तेमाल -
वजन कम करने के लिए रोटी या चावल क्या है बेस्ट? करना है वेट लॉस तो जान लें ये 5 बातें -
दीपिका पादुकोण ने शेयर की सेकंड प्रेगनेंसी की गुड न्यूज, 40 की उम्र में मां बनना है सेफ -
Chardham Yatra करने से पहले पढ़ लें ये 5 बड़े नियम, इन लोगों को नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर 10 रुपये के नमक का ये टोटका, रातों-रात बदल देगा आपकी किस्मत -
Akshaya Tritiya Wishes: घर की लक्ष्मी को इन खूबसूरत संदेशों के जरिए कहें 'हैप्पी अक्षय तृतीया' -
Akshaya Tritiya Vrat Katha: अक्षय तृतीया के दिन जरूर पढ़ें यह कथा, मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद -
Parshuram Jayanti 2026 Wishes: अधर्म पर विजय...इन संदेशों के साथ अपनों को दें परशुराम जयंती की शुभकामनाएं -
Akshaya Tritiya 2026 Wishes: सोने जैसी हो चमक आपकी...अक्षय तृतीया पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
Mahakumbh 2025 : 27 साल पहले बिछड़ा पति कुंभ में मिला, अघोरी के रूप में देख चौंक गई पत्नी!
कुंभ के मेले में बिछड़ने की कहानियाँ आम हैं, लेकिन 27 साल बाद किसी का मिलना दुर्लभ है। धनबाद के भूली टाउन निवासी गंगासागर यादव अचानक लापता हो गए थे। परिवार ने उन्हें खोजने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
अब वर्षों बाद, गंगासागर प्रयागराज के महाकुंभ में अघोरी के रूप में मिले हैं। उन्हें देखकर परिवार खुश हुआ और घर लौटने की गुजारिश करने लगा। उनकी पत्नी और बेटे भावुक हो गए, लेकिन गंगासागर ने वापस जाने से इनकार कर दिया। वे अब सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर भोलेनाथ की भक्ति में लीन हैं। परिवार के बार-बार अनुरोध के बावजूद, गंगासागर ने अपनी साधु जीवनशैली नहीं छोड़ी और शिव की आराधना में तल्लीन हैं।

सबसे पहले भतीजे ने देखा अपने चाचा पहचाना
धनबाद के भूली टाउन निवासी गंगासागर यादव 27 साल पहले लापता हो गए थे। उनकी पत्नी धनवा देवी अपने बेटों कमलेश, विमलेश और भतीजों के साथ प्रयागराज महाकुंभ स्नान के लिए गई थीं। वहीं, उनके भतीजे ने अचानक अपने चाचा को साधु के वेश में देखा।
पहले परिवार को इस पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने गंगासागर को देखा, तो उनकी पत्नी खुशी से रो पड़ी। इतने सालों से मायूस यह परिवार उम्मीद खो चुका था कि वे कभी वापस मिलेंगे। गंगासागर को देखकर उनकी पत्नी और बेटे उन्हें घर लौटने के लिए मनाने लगे, लेकिन वे अब सांसारिक जीवन छोड़ भोलेनाथ की भक्ति में लीन रहना चाहते हैं।
27 साल पहले बिछड़े बेटे के आग्रह को भी ठुकराया
प्रयागराज के महाकुंभ मेले में 27 साल बाद जब गुम हुआ परिवार का मुखिया गंगासागर यादव मिला, तो घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनका बड़ा बेटा कमलेश भावुक होकर उनके कान में फुसफुसाया, "पापा, यह सब क्या है? घर चलिए, मां भी आई हैं, सब आपका इंतजार कर रहे हैं।"
लेकिन गंगासागर ने बेटे की बात ठुकराते हुए कहा, "मैं किसी का बेटा नहीं, कोई मेरा पुत्र नहीं। मेरी कानों में सिर्फ भोलेनाथ की आवाज सुनाई देती है।" परिवार के सभी सदस्य उन्हें घर ले जाने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्होंने लौटने से इनकार कर दिया। अंततः निराश परिवार धनबाद वापस लौट गया, जबकि गंगासागर साधु जीवन में लीन रहे।
परिवार ने की डीएनए टेस्ट की मांग
गंगासागर के परिवार का दावा है कि 'बाबा राजकुमार' ही 27 साल पहले लापता हुए गंगासागर यादव हैं। उन्होंने उनके टूटे दांत, सिर पर चोट का निशान और घुटने पर पुराने घाव को पहचान लिया। पत्नी धनवा देवी और भाई मुरली यादव ने कुंभ मेला पुलिस को सूचना देकर उनका डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है।
मुरली यादव का कहना है कि वे कुंभ मेले के खत्म होने तक इंतजार करेंगे और जरूरत पड़ने पर डीएनए टेस्ट कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि परीक्षण में उनकी पहचान गलत साबित होती है, तो वे बाबा राजकुमार से माफी मांगेंगे।
फिलहाल, परिवार के कुछ सदस्य वापस लौट गए हैं, जबकि कुछ अब भी कुंभ में रुके हुए हैं और उन पर नजर रखे हुए हैं। यह देखना बाकी है कि यह साधु वास्तव में गंगासागर हैं या यह सिर्फ एक गलतफहमी है-अब सच्चाई डीएनए टेस्ट से ही सामने आएगी।



Click it and Unblock the Notifications











