Latest Updates
-
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क
महाकुंभ में डिजिटल खोया-पाया केंद्रों का कमाल, 20 हजार बिछड़ों को मिलवाया, AI ने काम किया आसान
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, महाकुंभ मेले में स्थापित डिजिटल खोया-पाया केंद्रों ने अब तक 20,144 बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने में मदद की है। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रही हैं। मेला प्राधिकरण के मुताबिक, यह सुविधा मेले की शुरुआत से सक्रिय है और श्रद्धालुओं के पुनर्मिलन में अहम भूमिका निभा रही है।
इसके अलावा, पुलिस ने भी विभिन्न राज्यों और नेपाल से आए श्रद्धालुओं को उनके परिवारों तक पहुंचाने में सहायता की है। आधुनिक तकनीक से लैस ये डिजिटल केंद्र कुंभ मेले जैसे विशाल आयोजन में लोगों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने में कारगर साबित हुए हैं, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिली है।

20,000 से अधिक बिछड़े लोगों को मिलवाया
उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, महाकुंभ मेले में डिजिटल खोया-पाया केंद्रों ने 20,000 से अधिक बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाया। अमृत स्नान पर्व मौनी अमावस्या (28-30 जनवरी) के दौरान 8,725 श्रद्धालु पुनर्मिलित हुए। मकर संक्रांति (13-15 जनवरी) पर 598 और बसंत पंचमी (2-4 फरवरी) पर 813 श्रद्धालु अपने परिवारों से मिले। अन्य स्नान पर्वों व सामान्य दिनों में भी 10,000 से अधिक लोगों को उनके प्रियजनों से मिलाने में सहायता की गई। पुलिस ने भी देश के विभिन्न राज्यों और नेपाल से आए श्रद्धालुओं के पुनर्मिलन में अहम भूमिका निभाई।
मेला क्षेत्र में 10 डिजिटल खोया-पाया केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 7 दिसंबर 2024 को डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की शुरुआत की। मेला क्षेत्र में 10 ऐसे केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो संगम, झूसी, अरैल, फाफामऊ में सेक्टर-3, 4, 5, 8, 9, 21, 23, 24 और प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास स्थित हैं। ये केंद्र श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
एआई ने काम किया आसान
डिजिटल खोया-पाया केंद्रों में एआई आधारित चेहरा पहचान प्रणाली, मशीन लर्निंग और बहुभाषी समर्थन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे बिछड़े श्रद्धालु तेजी से परिजनों से मिल सके। इन केंद्रों में उत्तर प्रदेश पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और स्वयंसेवी संगठनों की अहम भूमिका रही। यूनिसेफ समेत कई गैर-सरकारी संगठनों ने भी इसमें सक्रिय योगदान दिया, जिससे मेले में लोगों के पुनर्मिलन की प्रक्रिया सुगम हुई।



Click it and Unblock the Notifications