पोंगल से लेकर उत्तरायण तक, भारत के अलग-अलग राज्यों में इन नामों से जाना जाता है मकर संक्रांति का पर्व

Makar Sankranti 2026 Different Names: 14 जनवरी 2026 को पूरे भारत में मकर संक्रांति का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तो मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन स्नान, दान और खिचड़ी खाने का विशेष महत्व है। यह पर्व पूरे भारत में फसल कटाई, नई ऋतु के आगमन और सूर्य के उत्तरायण होने के उपलक्ष में मनाया जाता है। मकर संक्रांति केवल एक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह जीवन में नई शुरुआत को भी दर्शाता है। भारत के अलग-अलग राज्यों में मकर संक्रांति के पर्व को अलग नाम और अलग परंपरा के साथ मनाया जाता है। आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे की मकर संक्रांति का त्यौहार किस राज्य में किस तरीके से मनाया जाता है।

Makar Sankranti 2026

उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को खिचड़ी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग सुबह गंगा स्नान करते हैं और फिर उसके बाद खिचड़ी, तिल और गुड़ आदि का दान करते हैं। इस दिन उड़द दाल और चावल की खिचड़ी और तिल से बनी चीजें भी खाई जाती हैं। साथ ही, इस दिन पतंगे भी उड़ाई जाती हैं।

बिहार और झारखंड

बिहार और झारखंड में मकर संक्रांति का त्यौहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग दही, चूड़ा और तिलकुट खाते हैं। साथ ही, यहां भी स्नान-दान का महत्व है।

पंजाब और हरियाणा

पंजाब और हरियाणा में मकर संक्रांति को लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। हालांकि, लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति के एक दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन लोग आग जलाकर उसकी परिक्रमा लगाते हैं और रेवड़ी, मूंगफली और पॉपकॉर्न आदि बांटे जाते हैं।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में इस पर्व को 'संक्रांति' कहते हैं। इस दिन विवाहित महिलाएं हल्दी कुमकुम समारोह का आयोजन करती हैं, जहां वे एक-दूसरे को तिल-गुड़ के लड्डू देती हैं।

गुजरात

गुजरात में इसे 'उत्तरायण' के नाम से जाना जाता है। गुजरात में यह दो दिन का पर्व होता है, 14 जनवरी को उत्तरायण और 15 जनवरी को वासी उत्तरायण। इस दौरान गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन होता है, जो विश्व भर में प्रसिद्ध है। इस दौरान शहर में न सिर्फ देश, बल्कि विदेशों से भी पतंगबाज पहुंचते हैं।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस त्यौहार को 'पौष संक्रांति' कहा जाता है। इस दिन बंगाल में गंगासागर में डुबकी लगाने के लिए एक बहुत बड़ा मेला भी आयोजित किया जाता है। बंगाल में इस दिन पीठा और खीर बनाने की विशेष परंपरा है।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इस त्यौहार को संक्रांति या पेद्दा पांडुगा कहा जाता है। यह उत्सव आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में चार दिनों तक मनाया जाता है। इस दिन यहां पर घर पर रंगोली बनाई जाती है और नए वस्त्र धारण किए जाते हैं।

कर्नाटक

कर्नाटक में मकर संक्रांति को 'एलु बिरोधु' कहा जाता है। इस दिन महिलाएं आसपास के करीब 10 परिवारों के साथ एल्लु बेला यानी ताजे फल, गन्ने, तिल, गुड़ और नारियल का आदान-प्रदान करती हैं।

केरल

केरल में मकर संक्रांति को 'मकर विलक्कू' के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सबरीमाला मंदिर में 'मकरविलक्कू' (मकर ज्योति) का दर्शन करने का विशेष महत्व है। इस दिन सूर्य देव की उपासना की जाती है।

Story first published: Tuesday, January 13, 2026, 12:59 [IST]
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