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OMG: यहां मछलियां तय करती हैं नवदंपत्ति का भविष्य, जानें हैरान कर देने वाले इस रिवाज के बारे में
भारत को विविधताओं में एकता का देश कहा जाता है। हमारे देश में सैकड़ों संस्कृतियां, कई बोलियां, कई वेशभूषाएं व खान पान मिलता है। यहां लोग अनेकों संस्कृतियों में बंटे होने के बावजूद भी एकता की कड़ी में बंधे रहते हैं।
शादी का रिवाज़ हर भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। शादी महज़ एक रीति भर नहीं बल्कि सामाजिक संस्था होती है, जो संस्कृतियों और समाज का आधार होती हैं।

भारत में अलग अलग संस्कृतियों की शादियों में कुछ विशेष रीति रिवाज़ किये जाते हैं जो उन शादियों को और भी ख़ास और मज़ेदार बना देते हैं। मणिपुर में भी कुछ ऐसी ही रीति का पालन शादियों में किया जाता है जिससे दूल्हा दुल्हन के भावी रिश्ते का अनुमान लगता है।
मछलियां तय करती हैं पति पत्नी का भविष्य
मणिपुर राज्य के कुछ क्षेत्रों में प्रचलित इस रस्म के अनुसार दूल्हा और दुल्हन पक्ष की तरफ से एक एक महिला आती है और वह मछली का एक जोड़ा पानी में फेंकते हैं। अगर मछलियां साथ साथ तैरती हैं तो ऐसा माना जाता है कि आगे चलकार पति पत्नी का भी साथ अच्छा बना रहेगा। बड़े से कुंड में मछलियों को फेंकने से यह देखा जाता है कि मछली का जोड़ा साथ तैरा या नहीं, उनके साथ तैरने का मतलब पति पत्नी का भावी जीवन सुखमय बीतेगा।
इस पवित्र रस्म को 'Nga Thaba' कहा जाता है। इसके लिए आमतौर पर नगामु (ngamu) मछली इस्तेमाल की जाती है। यह रस्म कई सालों से चली आ रही है और लोगों में आज भी इसके प्रति आस्था और उत्सुकता दोनों है। नए दंपत्ति के भविष्य के बारे में जानने के लिए सभी उत्साहित रहते हैं।
कैसे होती है ये रस्म?
इस रस्म के लिए चुनी गयी ख़ास किस्म की मछली को मुख्यतौर पर पूजाघर में रखा जाता है। एल्युमिनियम के बर्तन में रखी जाने वाली इन मछली की संख्या 5 से 10 तक हो सकती हैं। इस प्रथा को पूरा करने वाली दोनों महिलाओं की ये जिम्मेदारी होती है कि वो इनमें से सबसे ताकतवर और तेज मछली को चुने। चयन के बाद मछली को हाथ में लेकर दोनों उसे किसी दूसरे बर्तन या पात्र में रखे पानी में छोड़ देती हैं।
क्यों की जाती है नगा-थबा की ये रस्म?
दूल्हे और दुल्हन के पक्ष से इस रस्म को करने वाली महिलाएं एक साथ एक समय में मछली को पानी में छोड़ती हैं। ये नवविवाहित जोड़े के वैवाहिक जीवन के शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। मछलियों के साथ आगे बढ़ने को शुभता के साथ जोड़कर देखा जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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