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कौन हैं श्रीकांत बोला जो शार्क टैंक इंडिया 4 में बने हैं जज? बन चुकी हैं बायोपिक, करोड़ों के हैं मालिक
Who is Srikanth Bolla : टीवी का फेमस शो 'शार्क टैंक इंडिया' एक बार फिर बिजनेस आइडियाज, इन्वेस्टमेंट और आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने आ रहा है। इस बार शो में गौतम अडानी के बेटे जीत अडानी बतौर जज नजर आएंगे और नए स्टार्टअप्स में निवेश करेंगे। इसके अलावा, एक और खास जज शामिल हो रहे हैं, बोलांट इंडस्ट्रीज के संस्थापक श्रीकांत बोला, जो दृष्टिहीन हैं।
उनकी प्रेरणादायक जीवन कहानी पर बॉलीवुड फिल्म भी बन चुकी है, जिसमें राजकुमार राव ने उनका किरदार निभाया था। श्रीकांत बोला भारत के पहले ब्लाइंड CEO हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से सफलता हासिल की। अब, शार्क टैंक में उनके जज बनने के बाद वो एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं, आइए जानते हैं उनकी नेटवर्थ।

श्रीकांत बोला का प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
श्रीकांत बोला का जन्म 1991 में आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम शहर के सीतापुरम में हुआ था। वह जन्म से ही दृष्टिहीन थे, और उनका परिवार खेतीबाड़ी करता था। प्रारंभ में उनके लिए जीवन कठिन था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। स्कूल के दिनों में उन्होंने 10वीं के बाद साइंस विषय में 12वीं की पढ़ाई की। हालांकि, चूंकि वह दृष्टिहीन थे, इस विषय को चुनने के लिए उन्हें पहले अनुमति नहीं मिली। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय एक केस दायर किया और छह महीने के संघर्ष के बाद उन्हें साइंस पढ़ने की अनुमति मिली। उन्होंने खुद को साबित किया और 98% अंक प्राप्त करके टॉप किया। यह उनका पहला कदम था, जिसने उन्हें सफलता की ओर अग्रसर किया।
श्रीकांत बोला की एजुकेशन
श्रीकांत बोला ने अपनी शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की। उन्होंने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से मैनेजमेंट साइंस में डिग्री प्राप्त की। वह MIT से मैनेजमेंट साइंस में डिग्री प्राप्त करने वाले पहले दृष्टिहीन अंतरराष्ट्रीय छात्र थे। यह उनके समर्पण और कठोर परिश्रम का परिचायक था। श्रीकांत ने साबित कर दिया कि कोई भी शारीरिक दिव्यांगता को सफलता की राह में रुकावट नहीं बनने देना चाहिए।
फोर्ब्स की लिस्ट में नाम
श्रीकांत बोला की उपलब्धियों को देखते हुए 2017 में उनका नाम फोर्ब्स मैगजीन के "30 अंडर 30 एशिया" लिस्ट में शामिल किया गया। यह एक बड़ी उपलब्धि थी और उनके संघर्ष को मान्यता मिली। उनका नाम इस प्रतिष्ठित लिस्ट में शामिल होने वाले सबसे युवा और प्रेरणादायक व्यक्तियों में था।
श्रीकांत बोला बिजनस और नेटवर्थ
श्रीकांत बोला की कंपनी, बोलांट इंडस्ट्रीज, ने पर्यावरण के प्रति जागरूकता और स्थिरता की दिशा में बड़ा योगदान दिया है। उनकी कंपनी नेचुरल पत्तों और रीसाइकल पेपर से इको-फ्रेंडली डिस्पोज़ेबल उत्पाद बनाती है। कंपनी का वार्षिक कारोबार 500 करोड़ रुपये से अधिक है, और इसमें 500 से ज्यादा लोग काम करते हैं। उनका कारोबार हर साल बढ़ता जा रहा है, और उनकी कंपनी को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाली कंपनियों में एक प्रमुख स्थान प्राप्त है।
प्रेरणादायक जीवन और परिवार
श्रीकांत बोला ने वीरा स्वाति से शादी की है और वे एक प्यारी सी बेटी के पिता हैं। उनका परिवार और जीवनशैली भी समाज के लिए एक प्रेरणा है। श्रीकांत ने कभी अपनी दृष्टिहीनता को अपनी सफलता की राह में रुकावट नहीं बनने दिया। उन्होंने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और अपनी मेहनत से न केवल अपने जीवन को संवारा बल्कि एक सशक्त और प्रभावशाली उद्योगपति के रूप में खुद को साबित किया।
श्रीकांत बोला का है टाटा और एपीजे कलाम से खास रिश्ता
श्रीकांत बोला 2012 में भारत लौटे और उनकी उद्यमशीलता की क्षमता को रतन टाटा ने पहचाना। टाटा ने न सिर्फ उन्हें सलाह दी, बल्कि उनके बिजनेस में निवेश भी किया। श्रीकांत का कनेक्शन पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से भी रहा। वे कलाम द्वारा शुरू किए गए 'लीड इंडिया 2020: द सेकेंड नेशनल यूथ मूवमेंट' के सदस्य बने, जो युवाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए काम करता है।



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