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टोक्यो का बिजनस टाइकून अरबों की दौलत छोड़ बना कांवड़िया, वजह कर देगी हैरान
Japanese Businessman Who Become a Kanwariya : आज की दुनिया में जहां लोग अपने बिजनेस को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वहीं एक जापानी कारोबारी ने ऐसा कदम उठाया जिसने सभी को हैरान कर दिया। हम बात कर रहे हैं जापान के होशी ताकायुकी की, जो कभी टोक्यो के जाने-माने बिजनेसमैन हुआ करते थे।
उनके पास ब्यूटी स्टोर्स की एक बड़ी चेन थी, लग्जरी गाड़ियां थीं, आलीशान घर था और एक आरामदायक जीवन था। लेकिन आध्यात्मिकता की पुकार ने उन्हें ऐसा रास्ता दिखाया कि उन्होंने सब कुछ त्याग दिया और भारत आकर साधु बन गए। आज वह 'बाला कुंभा गुरुमुनि' के नाम से जाने जाते हैं।

एक सपना और नाड़ी ज्योतिष ने बदली जिंदगी
करीब 20 साल पहले होशी ताकायुकी तमिलनाडु की यात्रा पर गए थे, जहां उन्होंने नाड़ी ज्योतिष करवाया। इस दौरान ताड़-पत्रों की पढ़ाई से उन्हें यह पता चला कि उनका पूर्व जन्म एक हिमालयी ऋषि के रूप में हुआ था। यह बात उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी। इसके बाद उन्होंने कई बार सपनों में उत्तराखंड और हिमालय की झलक देखी, जिससे उनका झुकाव भारत और शिवभक्ति की ओर बढ़ता चला गया। इस आध्यात्मिक संकेत को वह नजरअंदाज नहीं कर सके और अंततः उन्होंने जापान छोड़ने का बड़ा निर्णय ले लिया।
करोड़ों की संपत्ति और बिजनेस छोड़ा
होशी ताकायुकी ने अपने टोक्यो स्थित 15 ब्यूटी स्टोर्स अपने अनुयायियों को सौंप दिए। यही नहीं, उन्होंने अपने जापानी घर को भी शिव मंदिर में तब्दील कर दिया। वे पूरी तरह साधु जीवन की ओर अग्रसर हो गए और भारत आकर 'बाला कुंभा गुरुमुनि' के रूप में अपनी नई पहचान बना ली। एक अन्य नाड़ी रीडिंग में भी उनके इस आध्यात्मिक नाम की पुष्टि हुई, जिससे उन्हें अपने रास्ते पर और दृढ़ विश्वास हो गया।
देहरादून में शिविर, पुडुचेरी में शिव मंदिर निर्माण
इन दिनों गुरुमुनि 20 जापानी अनुयायियों के साथ उत्तराखंड के देहरादून में एक शिविर में रह रहे हैं, जहां वे कांवड़ यात्रा में भाग लेने आए श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन वितरित करवा रहे हैं। उनके सहयोगी रमेश सुंद्रियाल बताते हैं कि यह यात्रा सिर्फ व्यक्तिगत आस्था नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक संदेश फैलाने का प्रयास है। गुरुमुनि का अगला मिशन है, भारतभर में शिव मंदिरों का निर्माण और लोगों को आत्मिक रूप से जोड़ना। इसके लिए उन्होंने पुडुचेरी में 35 एकड़ जमीन खरीदी है, जहां एक विशाल शिव मंदिर बनने जा रहा है।
हरिद्वार की कांवड़ यात्रा में छाए जापानी गुरुमुनि
हाल ही में हरिद्वार की कांवड़ यात्रा के दौरान जब लोगों ने भगवा वस्त्रों में एक जापानी साधु को देखा, तो सभी हैरान रह गए। लेकिन जब उन्होंने जाना कि वह गुरुमुनि हैं, जिन्होंने अपनी समृद्धि को त्याग कर भारत में साधु जीवन अपनाया है, तो हर कोई उनकी भक्ति और समर्पण को सलाम करता दिखा। उनकी उपस्थिति ने यात्रा को और पवित्र बना दिया।



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