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Women's Day 2025 : मिलिए उदयपुर की ‘मंकी मॉम’ शालू जैन से, सालों से कर रही हैं बेजुबानों की निस्वार्थ सेवा
Monkey Mom Shalu Jain : उदयपुर की समाजसेविका शालू जैन एक अनूठी मिसाल बनकर सामने आई हैं, जो पिछले 25 वर्षों से बेसहारा जानवरों की सेवा में जुटी हुई हैं। जीव प्रेम के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें कई सम्मानों से नवाजा है। खासतौर पर बंदरों के रेस्क्यू और लगाव होने के कारण लोग उन्हें "मंकी मॉम" कहकर पुकारते हैं।
शालू अपने जीव प्रेम और सेवा के लिए उदयपुर में काफी मशहूर है, यही वजह है कि अगर शहर में किसी भी जानवर या पशु के साथ किसी प्रकार की क्रूरता होती है, तो सबसे पहले उन्हें ही सहायता के लिए बुलाया जाता है।

32 हजार से अधिक जानवरों का रेस्क्यू और इलाज
शालू जैन अब तक 32 हजार से अधिक बेजुबान जानवरों का रेस्क्यू कर चुकी हैं और उनका उपचार भी करवा चुकी हैं। वे कहती हैं, "जानवर अपना दर्द किसी को बता नहीं सकते, इसलिए मैं उनका दर्द समझकर प्राणी सेवा करती हूं।"
17 वर्ष की उम्र में शुरू किया सेवा कार्य
शालू ने मात्र 17 साल की उम्र में बेसहारा जानवरों की देखभाल शुरू कर दी थी। धीरे-धीरे यह उनकी प्राथमिकता बन गई और इस कार्य में पूरी तरह तालीन होने के लिए उन्होंने घर-गृहस्थी से संन्यास ले लिया। अब उनका पूरा जीवन इसी सेवा को समर्पित है।
तीन शेल्टर हाउस और सैकड़ों जानवरों की देखभाल
वर्तमान में शालू जैन के तीन शेल्टर हाउस हैं, जहां वे विभिन्न प्रकार के जानवरों की सेवा कर रही हैं। वे अब तक बंदर, पक्षी, ऊंट, बैल, कछुए और कई अन्य मवेशियों की जान बचा चुकी हैं। वो बताती हैं कि ज्यादात्तर रेस्क्यू वो बंदरों का करती हैं उनके पास कई बंदरों के केस आते हैं जैसे करंट लग गया या प्रसव में दिक्कत आ रही है, तो वो उनकी जिम्मेदारी उठाती है। इसके अलावा बंदरों से लगाव के प्रति भी लोग उन्हें मंकी मॉम कहकर पुकारते हैं।
लॉकडाउन में भी बेजुबानों का सहारा बनीं
कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान जब बेजुबान जानवरों को भोजन और पानी की समस्या होने लगी, तब शालू जैन ने आगे बढ़कर पक्षियों, गायों, बंदरों और कुत्तों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की। उनकी पहल से कई समाजसेवी भी प्रेरित हुए और इस सेवा में योगदान दिया।
सड़क दुर्घटना में घायल गायों का इलाज करवाने से लेकर, कुत्तों के लिए सुबह-शाम भोजन की व्यवस्था करने तक, शालू का यह सेवा कार्य आज भी जारी है। उनकी यह निस्वार्थ सेवा मानवता और करुणा की सच्ची मिसाल है।



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