First Period Traditions Around the World : nbsp;पीरियड्स (menstruation) एक बॉयोल zwj;िजकल प्रोसेस है, जिससे हर लड़की और महिला को नियमित रूप से गुजरना पड़ता है। यह महिलाओं के जीवन का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन आज भी दुनियाभर में पीरियड्स को लेकर कई भ्रांतियां और अंधविश्वास कायम हैं।भारत सहित कई देशों में इसे शर्म, पाप या अपवित्रता से जोड़कर देखा जाता है, जिसके कारण महिलाओं को सामाजिक भेदभाव, तिरस्कार और कभी-कभी अमानवीय व्यवहार का सामना करना पड़ता है। आइए जानते हैं दुनिया भर में पीरियड्स से जुड़ी कुछ अजीबोगरीब और चौंकाने वाली परंपराओं के बारे में।पश्चिम बंगाल: पीरियड ब्लड पीने की परंपरापश्चिम बंगाल के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में एक हैरान करने वाली प्रथा प्रचलित है। जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स होते हैं, तो इसे बड़े जश्न के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर लड़की के पहले मासिक धर्म के खून को दूध और नारियल तेल में मिलाकर पीने की रस्म निभाई जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने से शरीर में शक्ति और ऊर्जा का संचार होता है।इजराइल: थप्पड़ मारने की रस्मइजराइल में एक और विचित्र परंपरा देखने को मिलती है। वहां पहली बार पीरियड्स आने पर लड़की के गालों पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे गाल सुंदर और लाल हो जाते हैं। हालांकि यह परंपरा अब धीरे-धीरे कम होती जा रही है, लेकिन कुछ समुदायों में अब भी इसका पालन किया जाता है।जापान: लाल चावल के साथ जश्नजापान में पीरियड्स को एक पवित्र प्रक्रिया माना जाता है। जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स आते हैं, तो उसकी मां सेकिहान नाम की डिश बनाती हैं। यह लाल चावल की डिश होती है, जिसमें बीन्स, तिल और मूंगफली डाली जाती है। इसे पूरे परिवार के साथ खाया जाता है और इस मौके को खुशी से मनाया जाता है।इटली: यंग लेडी का सम्मानइटली में भी पीरियड्स को लेकर एक सकारात्मक सोच देखने को मिलती है। जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स होते हैं, तो उसे Signora यानी यंग लेडी कहा जाता है। परिवार और करीबी लोग उसे शुभकामनाएं देने आते हैं और इस दिन को गर्व और खुशी से मनाते हैं।नेपाल: अशुद्ध मान्यतानेपाल के कुछ पिछड़े क्षेत्रों में आज भी यह धारणा है कि पीरियड्स के दौरान महिलाएं अपवित्र होती हैं। यदि कोई महिला इस दौरान किसी पुरुष को छू ले, तो पुरुष का शुद्धीकरण धार्मिक अनुष्ठान से किया जाता है। कई बार महिलाओं को इस दौरान घर से बाहर झोपड़ियों में भी रहना पड़ता है।कर्नाटक, आंध्र और केरल: दुल्हन की तरह सजाया जाता है nbsp;भारत के दक्षिणी राज्यों जैसे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और केरल में पहली बार पीरियड्स आने पर लड़की को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। महिलाएं उसकी आरती उतारती हैं और इस अवसर को सामाजिक स्वीकार्यता के रूप में देखा जाता है। यहां इसे पवित्रता और स्त्रीत्व के आगमन के रूप में देखा जाता है।ब्राजील: अंडा निगलने की परंपराब्राजील में पहली बार पीरियड्स आने पर लड़की को पूरा उबला हुआ अंडा निगलने को कहा जाता है। मान्यता है कि यदि वह अंडा दांतों से काटती है, तो यह अपशगुन होता है और कहा जाता है कि ऐसी लड़की आगे चलकर अपने ही बच्चों की हत्या कर देगी। यह परंपरा सुनने में जितनी अजीब है, उतनी ही खतरनाक भी है।असम: केले के पेड़ से शादीभारत के असम राज्य में एक अनोखी प्रथा है। जब किसी लड़की को पहली बार मासिक धर्म होता है, तो उसे कुछ दिनों तक एकांत में रखा जाता है। इसके बाद उसका विवाह केले के पेड़ से करवा दिया जाता है। मान्यता है कि यह रस्म बुरी शक्तियों से रक्षा करती है और शादी से पहले शुद्धिकरण करती है।फिलीपींस: चेहरे पर पीरियड ब्लड लगानाफिलीपींस में पहली बार पीरियड्स आने पर लड़की के खून को उसके पूरे चेहरे पर मल दिया जाता है। वहां का विश्वास है कि ऐसा करने से पिंपल्स नहीं होते और त्वचा निखरी रहती है। यह एक बेहद चौंकाने वाली और अस्वच्छ प्रथा है।इजराइल: शहद खिलाने की रस्मइजराइल में एक अन्य कोमल परंपरा है। जब किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स होते हैं, तो उसे एक चम्मच शहद खिलाया जाता है। लोगों का मानना है कि इससे भविष्य में पीरियड्स के दौरान दर्द नहीं होता और यह अनुभव मीठा बना रहता है।