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स्वर्गीय लंगूर की श्रद्धांजलि में भव्य ब्रह्मभोज: बिहार के ग्रामीणों ने पेश की अनूठी मिशाल
इस तेज भागती दुनिया में जहां भावनाओं के लिए जगह कम पड़ती जा रही है, वहीं बिहार के ग्रामीणों ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है कि आप जानकार दंग रह जायेंगे। आपको ऐसा लगेगा कि हां, इंसानियत अभी भी बची है और गाँव ने इसे सहेज के रखा हुआ है।
इंसान डिजिटली कितना भी एडवांस्ड हो जाए उसके ह्रदय में करुणा की एक परत जिन्दा रहती ही हैं। और जब ऐसा होता है तो इंसान एक जानवर को भी उसके मरने पर श्रद्धांजलि देता है और उसकी स्मृति में ब्रह्मभोज का आयोजन करके उसके लिए प्रार्थना करता है।

घटना है बिहार के बक्सर जिले के बनारपुर गांव की। हुआ यूं कि इस गांव में कुछ समय पहले एक लंगूर कही से आ गया था। वो सबकी छतों पर इधर से उधर घूमता रहता था। मगर वह कभी किसी को नुकसान नहीं पहुचाता। धीरे धीरे ग्रामीण उसे गांव के ही एक सदस्य के तौर पर देखने लगे थे। लोग अपने घरों के छतों पर उसके लिए खाना रख देते थे। ये लंगूर चुपचाप खाना खा लेता और फिर पूरे गांव में घूमता रहता।
अचानक एक दिन लंगूर घूमते घूमते मुख्य सड़क पर जा पंहुचा, जहां सवारियों का आवागमन ज्यादा होता है। एक पिकअप वैन ने लंगूर को ठोकर मार दी और लंगूर हादसे का शिकार हो गया। टक्कर जोर से लगी थी जिससे लंगूर की मौत हो गयी। अब इसके बाद जो हुआ वो भावुक कर देने वाला है।
जब खबर पूरे गांव में फ़ैल गयी तो लोग लंगूर के शव को लाल कपड़े में लपेट कर गांव ले आये। सबने तय किया कि लंगूर को पूरे सम्मान के साथ हिन्दू रीति रिवाज से इसकी अंतिम क्रिया की जाये। लंगूर के शव को सम्मान के साथ श्मशान ले जाया गया। हिन्दू कर्मकांड के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया जिसमें गांव के अधिकांश लोगों ने भाग लिया।
इस लंगूर से ग्रामीणों का ऐसा आत्मीय लगाव था कि लोगों ने मृत लंगूर की आत्मा की शांति के लिए ब्रह्मभोज का आयोजन करने वाले हैं। ऐसा शायद पहली बार हो रहा है कि किसी जानवर के मरने पर उसके लिए ब्रह्मभोज किया जा रहा हो।
आपको बता दें कि हिन्दू धर्म में लंगूर को हनुमान से जोड़कर देखा जाता है और इसलिए इस जानवर का सम्मान भी किया जाता है। कारण चाहे जो हो, इंसानों का एक पशु के लिए ऐसा आत्मीय लगाव ये बताता है कि इस पदार्थवादी और महत्वाकांक्षी दुनिया में अभी भी इंसानियत सांसे ले रही हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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