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मसूरी घूमने जा रहे हैं? पहले कराएं ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, वरना नहीं मिलेगी एंट्री
Mussoorie Travel rules August 2025 : उत्तराखंड के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक मसूरी में अब पर्यटकों को आने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। यह व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू की जा रही है। ठीक उसी तरह जैसे चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब में तीर्थ यात्रियों का पंजीकरण अनिवार्य होता है, वैसे ही अब पर्यटकों को भी मसूरी पहुंचने से पहले खुद को रजिस्टर करना होगा।

क्यों उठाया गया यह कदम?
उत्तराखंड में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक हर साल पहुंचते हैं। खासकर मसूरी जैसे हिल स्टेशन पर अचानक बढ़ती भीड़ से शहर की सीमित धारण क्षमता पर दबाव बढ़ रहा है। हर साल यहां ट्रैफिक जाम, पार्किंग की कमी और सुविधाओं की अराजकता जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
अब तक यह पता लगाना भी मुश्किल था कि किसी सीजन में मसूरी में कुल कितने पर्यटक आए। ऐसे में पर्यटन विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है ताकि सटीक आंकड़े, भीड़ नियंत्रण और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।
कैसे करना होगा रजिस्ट्रेशन?
पर्यटन विभाग ने इसके लिए एक पोर्टल और ऐप बनाया है -
👉 https://registrationandtouristcare.uk.gov.in/mussoorie
यहां रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद आसान है:
- मोबाइल नंबर डालकर OTP के जरिए लॉगिन करें
- एक प्रोफाइल भरें जिसमें:
- साथ आने वाले सभी लोगों की जानकारी
- होटल/होमस्टे का नाम व पता
- कितने दिन के लिए रुकेंगे
- कितने कमरे बुक किए हैं
कौन-सी गाड़ी से आए हैं और उसका नंबर
किसे करना होगा रजिस्ट्रेशन?
हर वह पर्यटक जो मसूरी की ओर रुख करेगा, चाहे वह निजी वाहन से आ रहा हो या टैक्सी से होटल, होमस्टे और धर्मशाला संचालक भी अपने पर्यटकों का रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे।
क्या होगा फायदा?
पर्यटन सचिव धीरज सिंह गर्ब्याल के अनुसार, इस रजिस्ट्रेशन सिस्टम से:
- मसूरी में आने वाले पर्यटकों की सटीक संख्या पता चल सकेगी।
- भीड़ ज्यादा होने पर आगे से आने वाले पर्यटकों को रोका जा सकेगा।
- होटल की उपलब्धता के अनुसार ही यात्रियों को आगे भेजा जाएगा।
- पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को विज्ञानसंगत तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
इस प्रोजेक्ट को मसूरी में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। यदि यह सफल होता है तो भविष्य में इसे नैनीताल, कैंचीधाम जैसे अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर भी लागू किया जाएगा।
होटल व्यवसायी भी साथ
मसूरी होटल एसोसिएशन के सचिव अजय भार्गव ने भी इस पहल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ट्रैफिक की समस्या कम होगी बल्कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और मसूरी की सुंदरता और पर्यावरण को भी संरक्षित किया जा सकेगा।
इस नई पहल से उत्तराखंड सरकार न केवल पर्यटकों की सुविधा बढ़ाना चाहती है बल्कि स्थानीय संसाधनों की सीमा को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट टूरिज्म मैनेजमेंट की ओर एक बड़ा कदम भी बढ़ा रही है।



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