Latest Updates
-
जुबिन नौटियाल ने उत्तराखंड में गुपचुप रचाई शादी, जानें कौन है सिंगर की दुल्हन -
Mango Varieties In India: तोतापुरी से लेकर बंगीनापल्ली तक, जानें भारत की प्रसिद्ध आम की किस्में और इनकी पहचान -
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन -
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये 5 चीजें, दरवाजे से लौट जाएंगी मां लक्ष्मी -
डायबिटीज में चीकू खाना चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट -
Aaj Ka Rashifal 16 April 2026: सर्वार्थ सिद्धि योग से चमकेगा तुला और कुंभ का भाग्य, जानें अपना भविष्यफल -
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता?
क्यों हर साल 2 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस? जानें इतिहास और महत्व
National Pollution Control Day 2025: हर साल 2 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस (Natioanl Pollution Control Day 2025) के रूप में मनाया जाता है। आपको बता दें कि इसी दिन साल 1984 में भोपाल में गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) हुई थी, जिसमेंजहरीली गैस के कारण हजारों लोगों की जान चली गई थी। तभी से इस दिन को लोगों को प्रदूषण के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में, आइए आज राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के मौके पर जानते हैं इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें -

क्यों मनाते हैं राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस?
भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) में अपनी जान गवांने वाले लोगों की याद में हर साल 2 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है। साल 1984 में इस दिन मध्य प्रदेश के भोपाल में एक बहुत बड़ी औद्योगिक त्रासदी हुई थी। आपको बता दें कि 2 दिसंबर 1984 को भोपाल में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से निकली जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस ने हजारों लोगों की जान ले ली थी। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रदूषण के खतरों के प्रति जागरूक करना है।
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का महत्व
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस हमें याद दिलाता है कि प्रदूषण एक व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकता है। ऐसे में, हर व्यक्ति को इसके महत्व के बारे में पता होना चाहिए। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रदूषण के से होने वाले खतरनाक दुष्प्रभाव के लिए पहले से ही जागरूक करना है। ताकि वह स्वच्छता व पर्यावरण प्रेरित हो सके। यही नहीं लोगों को सरकारी नीतियों से भी अवगत करवाना है, ताकि वह जान सके कि प्रदूषण को कम करने व नियंत्रित करने के लिए सरकार ने इसके लिए क्या-क्या नीति व योजना बनाई है। इसके अलावा, उद्योगों में सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता फैलाना भी इस दिन का एक उद्देश्य है।
प्रदूषण से बचने के तरीके
भारत में प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर आप भी इस प्रदूषण से खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो नीचे बताए उपाय की मदद ले सकते हैं -
प्रदूषण से बचने के लिए आपको निजी वाहनों का उपयोग कम करना चाहिए। साथ ही, पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो व बस आदि का सहारा लेना चाहिए। इससे प्रदूषण भी कम होगा और आप स्वस्थ भी रहेंगे।
प्रदूषण से बचने के लिए अपने घर के आसपास ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाएं। यह कार्बन डाइऑक्साइड को ऑब्जर्व करके ऑक्सीजन छोड़ने में मदद करता है, जिससे प्रदूषण कम होता है और आप स्वस्थ हवा में सांस भी ले सकते हैं।
प्रदूषण सिर्फ हवा में नहीं बल्कि पानी में भी होता है। ऐसे, में आप पानी का काम दुरुपयोग करें और अधिक से अधिक पानी को बचाने की कोशिश करें।



Click it and Unblock the Notifications











