National Science Day 2024 : क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय विज्ञान दिवस? जानें थीम, इतिहास और कोट्स

National Science Day 2024 : 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि भारत के महान वैज्ञानिक सीवी रमन ने इसी दिन 'रमन इफेक्‍ट' की खोज की थी। जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्‍मानित भी क‍िया गया था। ये सम्‍मान प्राप्‍त करने वाले रमन पहले भारतीय भी थे।

हर साल इस विशेष दिन को कोई न कोई थीम के तहत सेल‍िब्रेट क‍िया जाता है। इस साल की थीम "सतत भविष्य के लिए विज्ञान" (Science for a Sustainable Future) थीम चुनी गई है।

National Science Day 2024 Theme,

जाने इस दिन का महत्‍व

इस दिन को मनाने का मुख्‍य उद्देश्य बच्‍चों और युवाओं को विज्ञान के प्रति रुचि जगाना है। इसके अलावा इस दिन भारत के महान वैज्ञानिक सीवी रमन को उनके साइंस के क्षेत्र में दिए इस महान योगदान को याद क‍िया जाता है। आम लोगों में वैज्ञानिक जागरूकता और समझ को बढ़ावा देना है। इस मौके पर देश के स्‍कूल, कॉलेज और वैज्ञानिक संस्थानों में कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है और विज्ञान के महत्व को समझया जाता है।

क्या है रमन प्रभाव (Raman Effect)?

सी वी रमन जब लंदन से भारत की यात्रा कर रहे थे। तब समुद्र के पानी का रंग नीला देखकर उनके मन में जिज्ञासा जागी क‍ि पानी का रंग नीला क्यों है। इस पर उन्होंने भारत आकर शोध की। पारदर्शी पदार्थ से गुजरने पर प्रकाश की किरणों में आने वाले बदलाव पर की गई उनकी महत्‍वपूर्ण खोज को रमन प्रभाव (रमन इफेक्ट) के नाम से जाना गया। इसे रमन स्कैटरिंग नाम से भी जाना जाता है।।

C V Raman

रमन से जुड़े फैक्‍ट

- सी वी रमन का पूरा नाम चन्द्रशेखर वेंकटरामन था, तमिलनाडु के तिरुचिलापल्ली में उनका जन्म 7 नवंबर 1888 को हुआ था। उनके पिता मैथ और फिजिक्स के लेक्चरर थे।

- सी वी रमन की पढ़ाई विशाखापट्टनम के सेंट एलॉयसिस एंग्लो-इंडियन हाई स्कूल से हुई। वहीं प्रेसीडेंसी कॉलेज से उन्‍होंने एमएससी की थी।

- ब्रिटेन के फिजिक्स साइंटिस्ट साइंटिस्ट बैरन रेले मैथ्स ने रमन के रिसर्च पेपर से प्रभावित होकर आसमान का नीला क्यों होता है? विषय की खोज की थी।

- बैरन रेले मैथ्स ने रमन को प्रोफेसर समझ उन्हे लिखे लेटर में प्रोफेसर कहकर ही संबोधित किया था। ज‍िसके एक साल के बाद रमन ने फिजिक्स में मास्‍टर्स पूरी की थी।

- सी. वी. रमन की खोज आज दुनियाभर में नए रिसर्च का आधार बन चुका है। मिशन चंद्रयान के दौरान चांद पर पानी का पता लगाने के लिए भी रमन स्पेकट्रोस्कोपी का ही योगदान था।

साइंस डे पर शेयर करें ये कोट्स (National Science Day 2024 Quotes)

- अनुभव ही ज्ञान का स्‍त्रोत है - अल्बर्ट आइंस्टीन

- सही सवाल पूछने से प्रकृति अपने सारे रहस्यों के दरवाजे खोल देगी। - सीवी रमन

- जिंदगी विज्ञान के प्रयोग जैसी है, जितनी बार प्रयोग करेंगे, उतना ही पहले से अच्छी कामयाबी पाएंगे।

- कला, धर्म और विज्ञान वास्तव में एक ही पेड़ की अलग-अलग शाखाएं हैं।

- किसी भी देश की उन्नति के लिए सबसे ज्यादा योगदान विज्ञान का होता है। Happy Science Day

- ज्ञान से पहले कल्‍पना करना बेहद जरुरी है - अल्बर्ट आइंस्टीन

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