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New Year 2024: भारत में एक बार नहीं बल्कि 5 बार मनाया जाता है नया साल! जानिए कैसे?
New Year 2024: नया साल आने में चंद घंटे ही रह गए है। दुनियाभर में न्यू ईयर के जश्न की जोरों-शोरों से तैयारियां शुरु हो चुकी है। हालांकि, पूरे विश्व में नया साल मनाने अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत इकलौता ऐसा देश हैं, जहां एक ही नहीं बल्कि पांच बार नए साल का जश्न मनाया जाता है। जानें कब-कब होती है इसकी शुरुआत?

ईसाई नववर्ष - 1 जनवरी को नया साल मनाने का चलन 1582 ई. के ग्रेगेरियन कैलेंडर की शुरुआत के बाद से ही पूरी दुनिया 1 जनवरी को नए साल सेलिब्रेट करती है लेकिन विशेषकर ईसाई धर्म के लोग इस दिन ही नए साल मनाते हैं।
पंजाबी नववर्ष - सिख धर्म के लोगों का नया साल बैसाखी पर्व 13 अप्रैल से शुरू होता है। सिख नानकशाही कैलेंडर के अनुसार होली के दूसरे दिन से नए साल की शुरुआत मानी जाती है। वैशाख की शुरुआत में तमिल नव वर्ष पुथांडु और मैथिली नववर्ष जुड़ शीतल के रूप में मनाया जाता है।
हिंदू नववर्ष - भारत में हिंदू धर्म के नववर्ष की शुरुआत चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी चैत्र नवरात्रि से होती है। ये तिथि मार्च या अप्रैल में आती है। मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि की रचना की शुरुआत की थी। इसी दिन से विक्रम संवत के नए साल की शुरुआत होती है। अलग अलग राज्य में इस दिन को अलग-अलग नाम के साथ नव वर्ष के तौर पर मनाया जाता हे। महाराष्ट्र में गुड़ी पाड़वा तो कर्नाटक में उगादी के नाम से सेलिब्रेट किया जाता है।
पारसी नववर्ष - भारत में पारसी धर्म को मानने वाले लोग नवरोज उत्सव के रूप में नया साल मनाते हैं। आमतौर पर ये उत्सव 19 अगस्त को सेलिब्रेट किया जाता है. शाह जमशेदजी ने करीब 3 हजार साल पहले पारसी धर्म में नवरोज मनाने की शुरुआत की थी।
जैन नववर्ष - जैन धर्म में दीपावली के अगले दिन नया साल मनाते हैं। इसे वीर निर्वाण संवत भी कहा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन महावीर स्वामी को मोक्ष प्राप्त हुआ था।



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